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40 लाख कैश, 89 लैपटॉप, 193 मोबाइल... दिल्ली मेट्रो में ये सब भूल गए लोग, सामान वापस मिला या नहीं?

Delhi Metro News: आंकड़ें ये भी बताते हैं कि यात्रियों के सामान की जांच के दौरान 75 राउंड गोलियां और 7 आग लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाली चीजें भी बरामद की गईं.

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दिल्ली मेट्रो में यात्रा के दौरान लोग कई महंगी चीजें भूल गए थे. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)

यात्रा के दौरान कई सारी चीजें ट्रेन या बस में गलती से छूट जाती हैं. दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro Lost Things) से जुड़ी एक ऐसी खबर सामने आई है. इसके मुताबिक, साल 2024 में दिल्ली मेट्रो में यात्रा के दौरान, लोग 40 लाख रुपये से अधिक की नकदी भूल गए. इस लिस्ट में 89 लैपटॉप, 193 मोबाइल फोन, नौ मंगलसूत्र सहित कई और सामान भी शामिल हैं.

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न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के कर्मियों ने इन सामानों को जमा किया. पैसेंजर्स की पहचान की और फिर उनके दावों का सत्यापन किया. इसके बाद इन सामानों को उनके मालिकों को लौटा दिया गया.

CISF, राष्ट्रीय राजधानी में 350 किलोमीटर से अधिक रेल ट्रैक और 250 से अधिक स्टेशनों सहित पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को आतंकवाद से बचाने के लिए सुरक्षा देती है. दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की सुरक्षा के लिए CISF के लगभग 13,000 कर्मी तैनात किए गए हैं.

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दिल्ली मेट्रो के स्टेशन क्षेत्र में सामानों की जांच करने के लिए लगाए गए एक्स-रे बैगैज स्कैनर के पास यात्री कई सारी चीजें भूल गए. लिस्ट कुछ इस प्रकार है-

  • नकद- 40.74 लाख
  • लैपटॉप- 89
  • मोबाइल- 193
  • घड़ी- 40
  • पायल- 13 जोड़ी
  • मंगलसूत्र- 9

इसके अलावा पैसेंजर्स चांदी के आभूषण, अंगूठियां और चूड़ियां भी भूल गए थे. CISF को विदेशी मुद्राएं भी मिलीं. इनमें अमेरिकी डॉलर, सऊदी रियाल और थाई बाट शामिल है.

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इतना ही नहीं, आंकड़ें ये भी बताते हैं कि यात्रियों के सामान की जांच के दौरान 75 राउंड गोलियां और 7 आग लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाली चीजें भी बरामद की गईं.

Delhi Metro Network में आत्महत्या की कोशिश

ये भी जानकारी दी गई है कि साल 2024 में दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में आत्महत्या के 59 प्रयास किए गए. इन मामलों में 23 लोगों की जान चली गई, 3 को बचा लिया गया और बाकी के 33 लोग घायल हो गए. 

पिछले साल 671 महिला यात्रियों ने मेट्रो में यात्रा के दौरान असुरक्षित होने की शिकायत की थी. आंकड़ों के अनुसार, इन महिलाओं को सहायता दी गई. साथ ही ऐसे 262 बच्चों की रिपोर्ट आई जो मेट्रो में अकेले यात्रा कर रहे थे. उन्हें उनके माता-पिता, स्थानीय पुलिय या चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा गया. 

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