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'15 मिनट में बात मानो, वरना मरो... ', वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी का बड़ा खुलासा

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने दावा किया है कि अमेरिकी सैनिकों ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के तुरंत बाद उनके करीबी मंत्रिमंडल के सदस्यों को सोचने के लिए केवल 15 मिनट का समय दिया था.

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डेल्सी रॉड्रिग्ज ने कहा है कि ट्रंप ने उन्हें 15 मिनट का समय दिया था (PHOTO-AFP)

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति और पूर्व उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज (Delcy Rodriguez) ने पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) के पकड़े जाने को लेकर एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि जब पूर्व राष्ट्रपति को अमेरिकी सैनिक ले जा रहे थे, तब सैनिकों ने उनके कैबिनेट मेंबर्स को जान से मारने की धमकी दी थी.

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डेल्सी रोड्रिग्ज ने कहा,

राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का अपहरण होते ही पहले मिनट से धमकियां मिलनी शुरू हो गईं. उन्होंने डियोसदादो कैबेलो (गृह मंत्री), मेरे भाई जॉर्ज रोड्रिग्ज (कांग्रेस अध्यक्ष) और मुझे 15 मिनट में जवाब देने को कहा, वो हमसे बोले कि आप लोग इस समय अमेरिका का सहयोग करोगे या नहीं, अगर नहीं करोगे तो हमें आपको मारना पड़ेगा.

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डेल्सी रॉड्रिग्ज ये दावा एक मीटिंग में कर रही हैं, जो निकोलस मादुरो के पकड़े जाने के कुछ दिन बाद हुई थी. ये मीटिंग 2 घंटे की थी, अब इसी की एक क्लिप वायरल हुई है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक यह वीडियो वेनेजुएला के एक लोकल मीडिया ग्रुप ‘ला होरा डे वेनेजुएला’ ने हासिल किया है.

वीडियो में रोड्रिगेज आगे कहती हैं कि अमेरिकी बलों ने उन्हें बताया था कि मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की हत्या कर दी गई है, न कि अपहरण. वो आगे कहती हैं कि उस समय राजनीतिक सत्ता को बरकरार रखना उनकी सबसे बड़ी चिंता थी. इस बैठक में कार्यवाहक राष्ट्रपति ने सरकार से जुड़े प्रभावशाली लोगों से एकजुट रहने की अपील भी की.

खबरें ये भी थीं कि रॉड्रिग्ज और उनके भाई ने US द्वारा मादुरो को पकड़ने से पहले ट्रंप के साथ सहयोग करने का वादा किया था. हालांकि, वीडियो में ये भी समझ आ रहा है कि इस बात से सत्ता में बैठे बाकी नेता देशद्रोही कहलाए जाने को लेकर चिंतित भी थे.

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दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपनी मांगों को मानने के लिए रॉड्रिग्ज की तारीफ की है. लेकिन सब कुछ इतना सीधा भी नहीं है. रॉड्रिग्ज ये कह रही हैं कि वह ऐसा सिर्फ इसलिए कर रही हैं क्योंकि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं. लगातार ब्लैकमेल किया जा रहा था. 

क्या मिलीभगत से पकड़े गए निकोलस मादुरो?

मादुरो को अमेरिकी सैनिक ले गए, ये बात तो सच है. लेकिन सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या इसमें वेनेजुएला के किसी टॉप लीडर की भी भूमिका थी? इतिहासकार और पॉलिटिकल एनालिस्ट मार्गरिटा लोपेज माया, द गार्जियन से कहती हैं कि वीडियो में जो दिख रहा है, वो एक कहानी हो सकती है जो रॉड्रिग्ज खुद बना रही हैं. क्योंकि सब जानते हैं कि निकोलस मादुरो को सिर्फ अंदरूनी मिलीभगत से ही हटाया जा सकता था.

गौर करने वाली बात ये है कि मादुरो को पकड़े जाने के बाद से, वेनेज़ुएला की सरकार ने अमेरिका के खिलाफ बात तो की है, लेकिन ट्रंप की सभी मांगों को मान लिया है.

वीडियो: ट्रंप ने चाइना का नाम लेकर कनाडा को क्या चेतावनी दे दी?

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