वडोदरा जिले की डभोई नगरपालिका के एक अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है. कारण, 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस सड़क से गुजरे थे, वहां 12 स्ट्रीट लाइटें खराब थीं. कई तो ट्विंकल-ट्विंकल लिटिल स्टार की तरह टिमटिमा रही थीं. अब पीएम का कार्यक्रम था, वो भी उनके होम स्टेट में. इसलिए नगरपालिका के प्रशासनिक प्रमुख तुरंत हरकत में आ गए. उन्होंने लाइटिंग विभाग के क्लर्क महेश वसावा को सस्पेंशन लेटर जारी कर दिया. उन पर आरोप है कि नगरपालिका के निर्देशों के बावजूद उन्होंने स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव में लापरवाही बरती. सस्पेंशन की अवधि फिलहाल 6 दिन है. ये टाइम खत्म होने पर उन्हें सीनियर अधिकारी के सामने पेश होना होगा. साथ ही अपनी इस कथित लापरवाही के लिए स्पष्टीकरण भी देना होगा.
पीएम मोदी जहां से गुजरे वहां 12 लाइटें खराब मिलीं, अधिकारी पर गाज गिर गई
गुजरात के डभोई में 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री का काफिला गुजरने के दौरान कई स्ट्रीट लाइटें बंद और कुछ टिमटिमा रही थीं. लाइटिंग विभाग के प्रभारी महेश वसावा को सस्पेंड कर दिया गया.

यह सस्पेंशन ऑर्डर 31 अक्टूबर को 'गुजरात नगरपालिका अधिनियम, 1963' की धारा 48 के तहत जारी किया गया. इस धारा के तहत नगरपालिका के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी पर 'ठोस और पर्याप्त कारणों' से जुर्माना या अन्य दंड लगाया जा सकता है.
पीएम के कार्यक्रम में बंद थीं स्ट्रीटलाइटें31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल और कई वीआईपी, एकता नगर में 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' पहुंचे थे. ये सभी लोग राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल हुए थे. कार्यक्रम के बाद पीएम को हेलीकॉप्टर से वडोदरा एयरपोर्ट जाना था. लेकिन, शाम हो जाने के कारण, प्रधानमंत्री और अन्य लोग हेलीकॉप्टर के बजाय सड़क मार्ग से गए. इसके बाद उन्होंने लगभग 90 किमी का सफर तय किया और वडोदरा एयरपोर्ट पहुंचे.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक ये सस्पेंशन ऑर्डर डभोई नगरपालिका के मुख्य अधिकारी विराज शाह ने जारी किया. ऑर्डर में कहा गया है कि वीआईपी लोगों के आने-जाने को देखते हुए, नगरपालिका ने अपने अलग-अलग विभागों को कई जिम्मेदारियां सौंपी थीं. इनमें 'सफाई व्यवस्था, आवारा पशुओं पर नियंत्रण और स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव' शामिल था. आदेश में कहा गया है कि लाइटिंग विभाग के प्रभारी क्लर्क के रूप में महेश वसावा की जिम्मेदारी थी कि स्ट्रीट लाइटें ठीक से काम करें. सस्पेंशन लेटर में कहा गया,
‘ऑफिस द्वारा निर्देश दिए जाने के बावजूद आप यह सुनिश्चित करने में विफल रहे कि आवश्यक मरम्मत कार्य समय पर पूरे किए जाएं. इसलिए, आपको गुजरात नगरपालिका अधिनियम, 1963 की धारा 48 के तहत निलंबित किया जाता है.’
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वडोदरा को 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' से जोड़ने वाला हाईवे डभोई के बाहर से होकर गुजरता है. कस्बे की कई सड़कें इसी हाईवे से जुड़ती हैं. सस्पेंशन ऑर्डर में प्रभावित हिस्से की पहचान ‘सिनोर क्रॉसरोड्स से भोगोल होते हुए सरिता ब्रिज तक’ हुई है. इसी जगह पर 12 स्ट्रीट लाइटें बंद पाई गईं, और कुछ लाइटें टिमटिमा रही थीं. सस्पेंशन ऑर्डर में वसावा के खिलाफ पहले भी कई बार शिकायतें मिलने का जिक्र है. सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई उनके द्वारा किए गए कुछ कामों को लेकर चल रही बाकी जांचों का परिणाम मानी जा रही है. बताया जाता है कि उन्हें सौंपे गए अतिरिक्त प्रभार और जिम्मेदारियां भी वापस ले ली गई हैं.
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