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खांसी का सिरप बिना डॉक्टर की मर्जी के मेडिकल स्टोर से नहीं मिलेगा, नियम चेंज

Cough Syrup: दवाइयों के नियम बदलने से सिरप को बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर या फॉर्मेसी शॉप से सीधे नहीं खरीदा जा सकेगा. सिरप खरीदने के लिए रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर यानी रजिस्टर्ड डॉक्टर से परामर्श लेना होगा. ऐसा क्यों किया गया है? सब जानिए

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केंद्र सरकार ने 'सिरप' को लेकर ड्रग्स रूल्स, 1945 में बदलाव किया. (सांकेतिक तस्वीर)

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  • केंद्र सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन करते हुए कफ सिरप समेत सभी सिरप की बिक्री के लिए डॉक्टर की सलाह अनिवार्य कर दी है, जिससे बिना पर्ची सिरप नहीं मिलेगा।
  • मध्यप्रदेश और राजस्थान में खराब क्वालिटी वाले कफ सिरप से बच्चों की मौतें होने के बाद इस दवा पर कड़ी निगरानी और सख्त नियम बनाने की मांग बढ़ी थी।
  • नए नियमों के लागू होने के बाद देश भर के मेडिकल स्टोर को सिरप बेचने के लिए डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य रूप से मांगनी होगी, जिससे जनता की खरीदने की आदतों में बदलाव आएगा।

अब खांसी होते ही मेडिकल स्टोर से झटपट सिरप खरीद लाना बंद हो जाएगा. केंद्र सरकार ने दवाइयों के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए कफ सिरप समेत सभी सिरप के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी कर दी है. माने, बिना डॉक्टर की पर्ची के मेडिकल स्टोर पर कफ सिरप या अन्य सिरप नहीं मिलेगा. सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन कर दिया है.

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मध्यप्रदेश और राजस्थान में कई बच्चों की मौत का कनेक्शन खराब क्वालिटी वाले कफ सिरप से जुड़ा था. इस सिरप को लेकर काफी विवाद छिड़ा. ये कफ सिरप आसानी से मेडिकल स्टोर पर मिल जाता है. ज्यादा परेशानी नहीं होती. इसलिए सुरक्षा और कानूनी निगहबानी को लेकर नई टेंशन पैदा हो गई.

बच्चों की मौत के बाद सिरप बनाने और उनकी बिक्री पर कड़ी निगरानी और सख्त जांच की मांग तेज हो गई. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 9 जून को एक केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी हर्ष मंगला ने एक नोटिफिकेशन जारी किया.

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इसके तहत, केंद्र सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन करने के लिए ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 12 और 33 के तहत मिली पावर का इस्तेमाल किया.

 नोटिफिकेशन की तीन बड़ी बातें
  1. इन नियमों को ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026 कहा जाएगा.
  2. ये आधिकारिक गजट में इनके पब्लिश होने की तारीख से लागू होंगे.
  3. ड्रग्स रूल्स, 1945 में शेड्यूल K के 'क्लास ऑफ ड्रग्स' (दवाओं की श्रेणी) वाले कॉलम में सीरियल नंबर 13 के सामने आइटम नंबर (7) से 'Syrups' (सिरप) शब्द हटा दिया जाएगा.
Syrup Rule
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का नोटिफिकेशन. (ITG)
आप पर क्या असर होगा?

दवाइयों के नियम बदलने से सिरप को बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर या फॉर्मेसी शॉप से सीधे नहीं खरीदा जा सकेगा. सिरप खरीदने के लिए रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर यानी रजिस्टर्ड डॉक्टर से परामर्श लेना होगा. डॉक्टर की पर्ची के जरिए ग्राहक सिरप खरीद सकेगा.

जनता की राय के बाद नियमों में बदलाव

इससे आम लोगों की सिरप खरीदने की आदत में बदलाव आएगा, जो सीधे मेडिकल स्टोर से सिरप खरीद लेते थे. नोटिफिकेशन में बताया गया कि संशोधन प्रस्तावित करने वाले ड्राफ्ट रूल्स को 30 दिसंबर 2025 को ही पब्लिश कर दिया गया था. इसके बाद पब्लिक से आपत्ति और सलाह मांगी गई थी.

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सरकार ने कहा कि संशोधन को अंतिम रूप देने से पहले कंसल्टेशन पीरियड के दौरान लोगों से मिली टिप्पणियों पर विचार किया गया था. नियम बदल चुके हैं, इसलिए अब देश भर के मेडिकल स्टोर को सिरप बेचने के लिए नए नियमों का पालन करना होगा.

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