कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने साफ कर दिया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर हो रहा विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन यानी मंगलवार, 21 जुलाई को भी जारी रहेगा. उनका कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा, तब तक प्रदर्शन चलता रहेगा. अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस पर स्टूडेंट्स और लड़कियों के साथ बर्बरता करने के गंभीर आरोप लगाए.
लड़कियों की छाती पर पैर रखकर... अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
CJP Protest: CJP प्रोटेस्टर्स ने 20 जुलाई को नई दिल्ली इलाके में बड़ा प्रदर्शन किया. इस दौरान सुरक्षाबलों के साथ उनकी झड़प हुई. Abhijeet Dipke ने दिल्ली पुलिस पर बड़े आरोप लगाए हैं. वो 21 जुलाई को भी संसद कूच करने का इरादा रखते हैं.संसद चलो मार्च के पहले दिन हिंसक प्रदर्शन में पुलिसवाले भी घायल हुए. इनमें स्पेशल पुलिस कमिश्नर और जॉइंट पुलिस कमिश्नर जैसी रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं.


सोमवार, 20 जुलाई को CJP प्रोटेस्टर्स ने नई दिल्ली इलाके में बड़ा प्रदर्शन किया. इस दौरान सुरक्षाबलों के साथ उनकी झड़प हुई. पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. उग्र प्रदर्शन में 118 से ज्यादा पुलिसवाले और लगभग 60 प्रदर्शनकारी घायल हो गए.
जब इंडिया टुडे डिजिटल से जुड़े आनंद सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिजीत दिपके से उनकी आगे की रणनीति के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि CJP दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी. 20 जुलाई को दिल्ली पुलिस के जवानों ने कथित तौर पर जंतर-मंतर से CJP का मंच हटा दिया था. CJP प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर वापस लौट आए और वहां एक टेंट और कामचलाऊ मंच स्टेज बना लिया.
मंगलवार, 21 जुलाई को भी संसद मार्च करने के सवाल पर अभिजीत दिपके ने स्टेज से कहा,
“हम फिर से मार्च करेंगे. हम (जंतर-मंतर पर मौजूद) इस प्रोटेस्ट साइट को नहीं छोड़ रहे हैं.”
20 जुलाई को न्यूज एजेंसी ANI के बात करते हुए अभिजीत दिपके ने कहा,
“हमारा प्रोटेस्ट जारी रहेगा. दिल्ली पुलिस ने आज जो किया वह बहुत ही शर्मनाक बात है. अगर इन्हें हमारा मार्च रोकना था तो ये वाटर कैनन गन भी यूज कर सकते थे. लेकिन जिस बर्बरता के साथ मारा... 12 साल की बच्ची का सर फोड़ा गया है. लड़कियों की छाती पर पैर रखकर पुरुष पुलिस ऑफिसर्स ने लड़कियों को मारा है, पीटा है, उनके गले पकड़े हैं."
उन्होंने आगे कहा,
कितने लोग घायल हुए?"ये कैसी पुलिस है? नरेंद्र मोदी और उनकी पुलिस ने इस देश में गुंडागिरी लगा रखी है. सोनम वांगचुक की पत्नी के भी बालों को पकड़ कर खीचा है पुलिस वालों ने, और पुरुष पुलिस ऑफिसर ने खीचा है. इस देश में पुलिस को गुंडा बना रखा है नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने. ऐसा कब तक चलेगा? आज इन्होंने दिखा दिया कि इनका 20 बच्चों की आत्महत्या से मन नहीं भरा है. ये और बच्चों का खून चाहते थे. इसीलिए आज पुलिस को इन्होंने आदेश दिए थे कि बच्चों के सिर फोड़ो, बच्चों के हाथ तोड़ो, बच्चों के सिर फोड़ो फिर से.”
'संसद चलो' मार्च के पहले दिन बड़े पैमाने पर हिंसा भड़की. गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई. पुलिस बैरिकेड तोड़े गए. लाठीचार्ज हुआ. पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. कई प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के जवानों को चोटें आईं.
हिंसक प्रदर्शन में 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए. घायलों में स्पेशल पुलिस कमिश्नर (Special CP), ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (Joint CP), एडिशनल पुलिस कमिश्नर (Addl. CP), डिप्टी पुलिस कमिश्नर (DCP), एडिशनल डिप्टी पुलिस कमिश्नर (Addl. DCP) और असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (ACP) रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं. कई महिला पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं. घायल पुलिसकर्मियों का मेडिकल कराया जा रहा है.

पुलिस के मुताबिक, झड़प के दौरान करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी खबर है.
15 से 20 सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़हिंसक भीड़ ने करीब 15 से 20 सरकारी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया. इसके अलावा अन्य सरकारी संपत्ति में भी तोड़फोड़ की गई.
कितने प्रदर्शनकारी हिरासत में?दिल्ली पुलिस ने अब तक करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है. पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने हिंसा, पुलिस पर हमला, सरकारी काम में बाधा डालने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत BNS की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया.
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पुलिस ने कहा है कि हिंसा और गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी. दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
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