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भगवान को अकेला नहीं छोड़ूंगा... बाढ़ में DM-SP ने हाथ जोड़े फिर भी पुजारी ने मंदिर नहीं छोड़ा

1 सितंबर से हो रही बारिश के बाद चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ गया. नदी खतरे के निशान से 5 मीटर ऊपर बहने लगी. चित्रकूट के डीएम और एसपी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को खाली कराना शुरू किया. लेकिन मंदिर के पुजारी मंदिर छोड़ने को राजी नहीं हो रहे.

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मंदिर के पुजारी ने कहा कि वो भगवान को छोड़कर नहीं जाएंगे (PHOTO- India Today)

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  • उत्तर भारत के कई इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण यमुना नदी और उससे जुड़ी सहायक नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को खाली कराना शुरू किया है।
  • 1 सितंबर से शुरू हुई मूसलाधार बारिश और बढ़ते जलस्तर की वजह से मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से 5 मीटर ऊपर बह रही है, जिससे रामघाट के मठ, मंदिर और आस-पास के इलाके डूबने लगे हैं।
  • प्रशासनिक अधिकारी और बचाव दल बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सक्रिय हैं, लेकिन मंदिर के पुजारी ने मंदिर छोड़ने से इंकार किया है, जिससे बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है।

उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इस बीच पहाड़ी इलाकों में 36 घंटे से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. इस बारिश की वजह से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. और इसका असर हो रहा है यमुना से जुड़ी उसकी सहायक नदियों पर. यूपी के चित्रकूट में बहने वाली मंदाकिनी नदी खतरे के निशान पर बह रही है. 1 सितंबर से हो रही बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ गया. ये नदी खतरे के निशान से 5 मीटर ऊपर बहने लगी. चित्रकूट के डीएम और एसपी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को खाली कराना शुरू किया. अधिकारी एक मंदिर में पहुंचे और वहां के पुजारी से सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की. लेकिन पुजारी ने मना कर दिया.

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मठ में पहुंचे थे अधिकारी

इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार अखिलेश कुमार सोनकर की रिपोर्ट के मुताबिक ये पूरा मामला चित्रकूट के रामघाट स्थित बड़ा मठ मंदिर का है. यहां लगातार मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है. और बाढ़ का पानी धीमे-धीमे मंदिर परिसर के अंदर बढ़ता जा रहा है. ऐसे में मंदिर के लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने के लिए डीएम पुलकित गर्ग और एसपी अरुण कुमार सिंह अपने प्रशासनिक अमले के साथ बड़ा मठ मंदिर पहुंचे. रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने वहां पूजा कर रहे पुजारी से हाथ जोड़कर मंदिर से बाहर चलने का निवेदन किया, लेकिन पुजारी मंदिर छोड़कर जाने को तैयार नहीं हुए.

रामघाट के किनारे सभी मठ, मंदिर, दुकान और घर डूबने लगे हैं. मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. सुबह से ही डीएम, एसपी सहित बाकी अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं. अधिकारी लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहे हैं. लेकिन बड़ा मठ से जो तस्वीर आई, उसमें जान से ज्यादा आस्था भारी दिखाई दी है. डीएम-एसपी मंदिर के पुजारी से हाथ जोड़कर मंदिर छोड़ने की गुहार लगाते रहे. लेकिन मंदिर के पुजारी ने भगवान को अकेला छोड़कर मंदिर से जाने से मना कर दिया. लिहाजा डीएम-एसपी को वापस लौटना पड़ा.

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पुजारी ने कहा - ‘भगवान जो करेंगे, अच्छा करेंगे’

इस मामले पर जानकारी देते हुए डीएम ने कहा कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने में लगा है. इसी क्रम में जब हम बड़ा मठ पहुंचे तो पुजारी ने अपने अन्य साथियों को मंदिर से बाहर जाने के लिए कहा. इसके बाद कुछ मंदिर के सदस्य बाहर निकले, लेकिन पुजारी नहीं निकले. पुजारी ने कहा कि भगवान के चरणों में पूरी जिंदगी काटी है तो अब क्यों छोड़कर जाना. जो होगा भगवान अच्छा करेंगे. 

इसके बाद भी अधिकारी पूरे रामघाट क्षेत्र में घूम-घूमकर लोगों को घरों से निकालने में जुटे रहे. एनडीआरएफ और दूसरे अन्य बचाव दलों को सक्रिय रखते हुए लोगों को इलाके से निकाला जा रहा है. लाउडस्पीकर से लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है. हालांकि देर रात मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब दो सेंटीमीटर कम हुई. लेकिन लगातार हो रही बारिश से एक बार फिर जलस्तर बढ़ने की आशंका है. 

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