लद्दाख में स्थित पैंगोंग त्सो (पैंगोंग झील) के आसपास चीन तेजी से अपनी सैन्य मौजूदगी मजबूत कर रहा है. हालिया सैटेलाइट इमेजरी से पता चला है कि चीन इस इलाके में नई इमारतों का निर्माण कर रहा है. ये निर्माण पैंगोंग झील के पास बफर जोन से सटे इलाके में किया जा रहा है.
पैंगोंग झील के पास चीन बना रहा नई इमारतें, सैटेलाइट तस्वीरें सामने आईं
चीन पैंगोंग झील में भारत के साथ लगे मिलिट्री बफर जोन के पास नई इमारतें बना रहा है. ओपन सोर्स इंटेलिजेंस एक्सपर्ट डेमियन साइमन ने X पर ये सैटेलाइट तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें पैंगोंग झील के पास नई बिल्डिंग्स साफ दिख रही हैं.


ओपन सोर्स इंटेलिजेंस एक्सपर्ट डेमियन साइमन ने X पर ये सैटेलाइट तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें पैंगोंग झील के पास नई बिल्डिंग्स साफ दिख रही हैं. ये इमारतें मुख्य रूप से चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के लिए बनाई जा रही हैं. डेमियन ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा,
“चीन पैंगोंग झील में भारत के साथ लगे मिलिट्री बफर जोन के पास नई इमारतें बना रहा है. हालांकि ये गतिविधि चीन के कब्जे वाले इलाके में है. लेकिन ये 2020 के सीमा विवाद के बाद बीजिंग की फिजिकल मौजूदगी को मजबूत करता है और इस क्षेत्र में उसके क्षेत्रीय दावों को धीरे-धीरे फिर से मजबूत करता है."

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इनका मकसद झील के आसपास हर मौसम में स्थायी सैन्य तैनाती सुनिश्चित करना है. पैंगोंग त्सो 14,000 फीट से ज्यादा की ऊंचाई पर है और यहां का मौसम बेहद खराब रहता है. भारी बर्फबारी, तेज हवाएं और कम ऑक्सीजन. ऐसे में मजबूत बुनियादी ढांचा चीनी सैनिकों के लिए रहन-सहन और ऑपरेशनल तैयारियों को आसान बनाता है.
बस्ती का निर्माण भी किया थाइससे पहले अक्टूबर 2025 में भी चीन के पैंगोंग झील में निर्माण की कुछ तस्वीरें सामने आई थीं. उस वक्त पता चला था कि झील के किनारे चीन एक 'बड़ी बस्ती' का निर्माण कर रहा है. जिस निर्माण की तस्वीरें सामने आई थीं वो भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच 2020 में हुई झड़प से लगभग 38 किलोमीटर पूर्व में स्थित है. हालांकि ये उन क्षेत्रों से बाहर है जहां भारत अपना दावा करता है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 9 अक्टूबर को अमेरिका के मैक्सार टेक्नोलॉजीज द्वारा ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में लगभग 17 हेक्टेयर क्षेत्र में तेजी से निर्माण कार्य होते हुए दिखाई दिया था. 4347 मीटर की ऊंचाई पर येमागो रोड के पास वाला क्षेत्र मशीनरी से भरा पड़ा था.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक ओपन-सोर्स सैटेलाइट इमेजरी के विश्लेषण से पता चलता है कि अप्रैल 2024 की शुरुआत में झील की ओर ढलान वाली नदी के किनारे निर्माण शुरू किया गया था. डिफेंस सोर्सेज के मुताबिक, ये बस्ती दो भागों में बंटी है, संभवतः प्रशासनिक और बाकी कामों के लिए.
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