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बैंककर्मी को कुत्ते ने काटा, कुछ दिन बाद लगा रेबीज हो गया है, सुसाइड कर लिया

Maharashtra man Rabies Fears: महाराष्ट्र के तिसगांव नाका इलाके में एक बैंक कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली. मृतक आयश ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है. इसमें उन्होंने कुत्ते के काटने के बाद रेबीज के डर का जिक्र किया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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मृतक को डर था कि कुत्ते के काटने के बाद उन्हें रेबीज हो गया है. (फोटो-Pexels)

महाराष्ट्र के कल्याण ईस्ट में एक बैंक कर्मचारी की कथित आत्महत्या ने लोगों को हैरान कर दिया. मृतक की पहचान आयश विश्वनाथ अमीन (उम्र 30 वर्ष) के रूप में हुई है. जान देने से पहले आयश ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर रेबीज के लक्षण की बात की है. बताया गया कि कुछ समय पहले उन्हें एक कुत्ते ने काट लिया था. बचाव के लिए उन्होंने इंजेक्शन भी लगवाया था. लेकिन चार दिन पहले उनके व्यवहार में कुछ बदलाव दिखने लगे थे.  

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इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार अभिजीत करांदे की रिपोर्ट के मुताबिक आयश को लगा कि उन्हें रेबीज हो गया है, जिस वजह से उन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. वो तिसगांव नाका इलाके की सहजीवन सोसायटी में माता-पिता और भाई के साथ रहते थे. पिछले आठ सालों से आयश भारत बैंक की ठाणे शाखा में कार्यरत थे.

रिपोर्ट के मुताबिक कुछ समय पहले इलाके के एक आवारा कुत्ते ने आयश के पैर में काट लिया था. इंफेक्शन से बचने के लिए उन्होंने एंटी-रेबीज इंजेक्शन भी लिया था. लेकिन पिछले चार दिनों से उनके व्यवहार में कुछ बदलाव देखा जा रहा था. आयश को लगा कि उन्हें रेबीज हो गया है. रविवार, 22 फरवरी को जब घर में कोई नहीं था, उन्होंने खुद की जान ले ली.

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कोलसेवाडी पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से उन्हें एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें रेबीज का जिक्र किया गया है. पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस घटना के बाद स्थानीय प्रतिनिधियों ने आवारा कुत्तों की समस्या पर कार्रवाई की मांग की है.

रेबीज से बचाव के लिए 5 डोज जरूरी

लल्लनटॉप से बात करते हुए सेंट स्टीफेंस हॉस्पिटल की डॉ. आभा मंगल ने बताया कि किसी कुत्ते के काटने के बाद तुरंत नजदीकी हॉस्पिटल में जाकर एंटी रेबीज वैक्सीन या ARV के पांच डोज का इंट्रा मस्कुलर इंजेक्शन लगवाना जरूरी है. पहला डोज हमले वाले दिन लगेगा. दूसरा डोज 3 दिन, फिर सातवें दिन, 14वें दिन और 28वें दिन पर टीका लगेगा. इस बीमारी से बचाव ही इसका इलाज है. इसलिए टीका बिना भूले लगवाना चाहिए. 

वीडियो: चोट पर कुत्ते के चाटने से हुआ रेबीज, 2 साल के बच्चे की मौत

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