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'जिंदा पकड़ा, फिर जंगल ले जाकर मार दिया', छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में

Chhatisgarh Police ने बताया कि Mahesh Kodiyam बीजापुर के इरपागुट्टा गांव के स्थानीय स्कूल में रसोइया था. साथ ही वो CPI (MAOIST) के नेशनल पार्क एरिया कमेटी का मेंबर भी था. और उस पर एक लाख रुपये का इनाम था.

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महेश कोडियम के परिवार वालों ने उसके एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं. (बस्तर टॉकीज)

छत्तीसगढ़ (Chhatisgarh) के इंद्रावती टाइगर रिजर्व (Indrawati tiger reserve) में 5 जून से 7 जून के बीच पुलिस ने अलग-अलग एनकाउंटर में सात नक्सलियों के मारे जाने का दावा किया. इसमें सुधाकर और भास्कर जैसे टॉप लेवल माओवादी नेता का नाम सामने आया. मारे गए 7 नामों में एक नाम महेश कोडियम (Mahesh Kudiyam) का भी है, जिसके एनकाउंटर को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं.

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छत्तीसगढ़ पुलिस ने बताया था कि मारे गए सभी सात लोग माओवादी थे. इसमें महेश कोडियम का नाम भी शामिल था. कोडियम बीजापुर के इरपागुट्टा गांव के स्थानीय स्कूल में रसोइया था. पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है, लेकिन साथ ही दावा किया कि वो CPI (MAOIST) के नेशनल पार्क एरिया कमेटी का मेंबर भी था. और उस पर एक लाख रुपये का इनाम था.

लेकिन एक स्थानीय यूट्यूब चैनल बस्तर टॉकीज से बातचीत में महेश कोडियम के और गांव वालों ने पुलिस के दावे पर सवाल उठाए हैं. कोडियम की पत्नी ने दावा किया कि वो माओवादी नहीं था. स्थानीय निवासी इरमा वेला ने बताया,

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 कुडियम स्थानीय स्कूल में रसोइया और चपरासी का काम करता था. मुठभेड़ वाले दिन वह मवेशी चराने गया था.

गांव वालों ने बस्तर टॉकीज को बताया कोडियम का माओवादी संगठन से कोई संबंध नहीं था. उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने कोडियाम को जिंदा पकड़ा था. फिर उसके हाथ पैर बांध कर जंगल में ले गए. और मुठभेड़ के नाम पर उसकी हत्या कर दी.

बीजापुर शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में इस बात की पुष्टि की है कि महेश कोडियाम नेशनल पार्क क्षेत्र के एक स्थानीय स्कूल में रसोइया था. और उसे सितंबर 2023 में 2 हजार रुपये के मासिक वेतन पर काम पर रखा गया था. उन्होंने आगे बताया कि अभी गर्मी की छुट्टियों के चलते स्कूल बंद है. 

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बीजापुर जिले के कलेक्टर संबित मिश्रा ने बताया कि इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच की जा रही है. 

पुलिस का क्या है दावा?

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया था, 

 महेश कोडियम CPI (MAOIST) के नेशनल पार्क एरिया कमेटी का मेंबर था. साथ में यह भी पता चला है कि वो इरपागुट्टा गांव के प्राइमरी स्कूल में सहायक रसोइया के तौर पर काम कर रहा था. गांव के स्कूल प्रबंधन समिति ने उसे नियुक्त किया था. और मार्च 2025 तक उसको इस भूमिका के लिए वेतन दिया गया है.  

सुंदरराज पी ने बताया कि अभी इस बात की जांच चल रही है कि कोडियम कैसे सेंट्रल कमेटी के मेंबर गौतम और स्टेट कमेटी के मेंबर भास्कर जैसे सीनियर माओवादी नेताओं के संपर्क में आया. उन्होंने आगे बताया कि इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन और निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है.

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4 जून से 7 जून के बीच पुलिस ने इंद्रावती टाइगर रिजर्व में अलग-अलग कई एनकाउंटर किए.  5 जून को माओवादियों के सेंट्रल कमेटी के सदस्य सुधाकर उर्फ गौतम का शव बरामद हुआ. इसके बाद अगले दो दिनों में छह और शव बरामद किए गए. इनमें माओवोदियों के तेलंगाना स्टेट कमेटी के सदस्य भास्कर और कोडियम का शव भी शामिल था. 

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