चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हुई. इसमें स्वास्थ्य संबंधी कारणों से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. राज्य आपात कालीन परिचालन केंद्र यानी SEOC की 14 मई सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार अब तक चारधाम यात्रा में 40 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है. इन मौत की वजह खराब स्वास्थ्य बताया गया है. इनमें हार्ट अटैक के सबसे ज्यादा मामले हैं. अगर अलग-अलग धाम की मौत की बातें करें तो सबसे ज्यादा लोगों की मौत केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान हुई है.
चारधाम यात्रा शुरू हुए 26 दिन ही हुए, 40 श्रद्धालुओं की मौत, किन बातों का ध्यान जरूर रखें?
Char Dham Yatra death: 14 मई सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार अब तक चारधाम यात्रा में 40 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है. इन मौत की वजह खराब स्वास्थ्य बताया गया है. सरकार और अधिकारियों ने कुछ जरूरी सलाह भी दी है.


दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक केदारनाथ धाम में 22 मौतें, बद्रीनाथ में 7, यमुनोत्री में 6 और गंगोत्री में 5 लोगों की मौत हुई है. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अधिकांश मौतें हार्ट अटैक, हाई एल्टीट्यूड सिकनेस, हाइपरटेंशन और अन्य स्वास्थ्य कारणों से हुई हैं. महज 25 दिनों में 40 श्रद्धालुओं की मौत अब स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठा रहे हैं. साथ ही यात्रा शुरू होने से पहले जो स्वास्थ्य सुविधाओं और मेडिकल तैयारियों के दावे किए गए थे, वो भी सवालों के घेरे में हैं.
'लोग चेकअप कराकर यात्रा पर आएं'स्वास्थ्य विभाग की मानें तो चारधाम यात्रा का जो रास्ता काफी ऊंचाई वाले इलाके से होकर जाता है. जहां ऑक्सीजन का स्तर कम होते जाता है. और लगातार चढ़ाई की वजह से खासतौर पर बुजुर्गों और पहले से बीमार यात्रियों की तबीयत जल्दी खराब होने लगती है. स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा करने वाले लोगों से अपील की है Diabetes, High Blood Pressure, Heart Disease and High-Altitude Sickness से पीड़ित लोग यात्रा शुरू करने से पहले अपना मेडिकल चेकअप जरूर कराएं.
उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के मुताबिक यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के दौरान भी ये स्वास्थ्य परामर्श साझा किए गए थे. जिसमें साफ तौर पर ये कहा गया था कि यदि आपकी उम्र 55 वर्ष या उससे अधिक है. और आपको Heart Disease, Asthma, Hypertension or Diabetes जैसी समस्या है तो यात्रा के लिए अपनी फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए हेल्थ चेकअप जरूर करवाएं. इसमें यह भी कहा गया था कि यात्री अपने साथ स्वास्थ्य जांच के कुछ बुनियादी इक्विपमेंट जैसे- पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर, ज़रूर रखें.

बढ़ते मौत के मामले को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने अपील की है कि अगर किसी यात्री को सांस लेने में दिक्कत या थकान महसूस हो तो उसे तुरंत रुकना चाहिए. एडवाइजरी में भी ये बात कही गई है. सरकार मृत्यु दर को कम करने के लिए लगातार SOP, मेडिकल ट्रेनिंग और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत कर रही है. स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार यात्रा मार्ग पर 47 अस्पताल बनाए गए हैं. इसके अलावा करीब 2820 स्वास्थ्य कर्मियों और 400 डॉक्टरों को अलग-अलग पड़ावों पर तैनात किया गया है.
चारधाम की यात्रा पर कितने लोग पहुंचे?जब से चारधाम यात्रा शुरू हुई है तब से लेकर अब तक लाखों लोग दर्शन कर चुके है. 19 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में सबसे पहले गंगोत्री यमुनोत्री धाम के कपाट खुले थे. जिसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले थे. जिसमें ज्यादा सबसे ज्यादा लोग केदारनाथ धाम के दर्शन करने पहुंच रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक अकेले केदारनाथ में अब तक 3 लाख 44 हजार 889 से ज्यादा लोग दर्शन करने पहुंच चुके हैं. जबकि बद्रीनाथ धाम में लगभग 2 लाख और गंगोत्री और यमुनोत्री में एक लाख से ज्यादा लोग दर्शन कर चुके हैं. मोटा-माटी देखे तो कुल मिलाकर अब तक 10 लाख से ज्यादा लोग दर्शन कर चुके हैं.
ऐसे में अगर आप भी चारधाम यात्रा का प्लान कर रहे हैं तो हमारी सलाह होगी कि अपनी सेहत का खास ध्यान रखें. अगर आपको आपको Heart Disease, Asthma, Hypertension or Diabetes जैसी समस्या है तो पहले डॉक्टर से अपना हेल्थ चेकअप करा लें.
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