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दक्षिण भारत की राजनीति में जनसंख्या वृद्धि की एंट्री, अब CM चंद्रबाबू नायडू ने कहा- 'आबादी बढ़ाने की जरूरत'

चंद्रबाबू नायडू से पहले तमिलनाडु के CM एमके स्टालिन ने कहा था कि उनके राज्य के लोग बच्चे पैदा करने में देरी ना करें.

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स्टालिन के बाद अब नायडू ने जनसंख्या बढ़ाने का समर्थन किया.(तस्वीर : इंडिया टुडे )
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अमित भारद्वाज

दक्षिण भारत की राजनीति में जनसंख्या वृद्धि का मुद्दा जोर पकड़ता दिख रहा है. तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि वे लोगों के ज्यादा बच्चे पैदा करने के समर्थन में हैं. उन्होंने कहा कि वे परिवार नियोजन नहीं, बल्कि जनसंख्या वृद्धि के समर्थन में हैं. सीएम नायडू ने कहा कि दक्षिण भारत में बढ़ती उम्र की समस्या गंभीर होती जा रही है.

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CM नायडू इन दिनों दिल्ली में हैं. उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की. बुधवार, 5 मार्च को उन्होंने मीडिया से बात की. इंडिया टुडे से जुड़े अमित भारद्वाज और अपूर्वा की रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम नायडू ने तीन महत्वपूर्ण बैठकों के बारे में बताया. इसी दौरान उन्होंने जनसंख्या पर बात की.

नायडू ने कहा कि यूरोप, चीन और जापान की तरह अब दक्षिण भारत में भी जनसंख्या की उम्र बढ़ने की समस्या दिखने लगी है. इसके विपरीत, उत्तर भारत में केवल उत्तर प्रदेश और बिहार ऐसे राज्य हैं जहां यह समस्या नहीं है. बाकी राज्यों में जनसंख्या वृद्धि की गति धीमी हो रही है और इससे भविष्य में सामाजिक और आर्थिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.

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उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र की समस्या से निपटने के लिए सरकार को अधिक बच्चों को जन्म देने के लिए प्रोत्साहन देना चाहिए.

इसे भी पढ़ें - चंद्रबाबू नायडू और एमके स्टालिन ज्यादा बच्चे पैदा करने को क्यों कह रहे? क्या ये खतरा दूसरों राज्यों को भी है?

परिसीमन पर क्या कहा?

वहीं परिसीमन के मुद्दे पर नायडू ने कहा कि यह प्रक्रिया हर 25 साल में होती है और जब इसका समय आएगा, तब नीतिगत फैसले लिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि भारत को अपनी जनसंख्या का सही उपयोग करना होगा, क्योंकि यह भविष्य में देश की ताकत बन सकती है. यदि हम इसे सही ढंग से प्रबंधित करें, तो भारत और भारतीय आगे बढ़ सकते हैं.

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स्टालिन का बयान

चंद्रबाबू नायडू से पहले तमिलनाडु के CM एमके स्टालिन ने कहा था कि अगर तमिलनाडु में जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू किया गया तो यहां के आठ सांसद कम हो जाएंगे. इससे तमिलनाडु संसद में अपना प्रतिनिधित्व खो देगा. 25 फरवरी को कैबिनेट की बैठक के बाद बोलते हुए स्टालिन ने इस बात पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में परिवार नियोजन नीतियों के सफल होने से राज्य को नुकसान हुआ है. उन्होंने इसे ‘तमिलनाडु पर लटकती तलवार’ बताया. ऐसे में स्टालिन ने लोगों से कहा कि वे बच्चे पैदा करने में देरी ना करें.

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