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एक-दो कॉकरोच दिखने से होटल का लाइसेंस रद्द करना सही नहीं: बॉम्बे HC

Mumbai FDA surprise inspection: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 100 लाइसेंस रद्द करने के लिए FDA को ही फटकार लगाई है. हाई कोर्ट ने कहा, ‘हम भारत में रहते हैं, हमें रियलिटी को देखते हुए फैसले लेने चाहिए.’ कोर्ट ने FDA के हालिया सरप्राइज इंस्पेक्शन को लेकर ये टिप्प्णी की.

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने FDA के एक्शन पर फटकार लगाई है. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की जांच में अधिक यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाने और उच्च न्यायालय के कैंटीन की जांच रिपोर्ट अगली सुनवाई में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
  • FDA के नए कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में पूरे महाराष्ट्र में 100 से अधिक फूड आउटलेट्स के लाइसेंस खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के चलते रद्द किए गए हैं, जिसमें कई प्रतिष्ठित क्लब और रेस्टोरेंट शामिल हैं।
  • अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी जिसमें कोर्ट FDA से हाईकोर्ट कैंटीन की जांच और उस पर उठाए गए कदमों की रिपोर्ट मांगेगा, जिससे जांच की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।

बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से कहा है कि अपनी जांच में उन्हें और ‘रीयलिस्टिक अप्रोच’ लाने की ज़रूरत है. FDA पूरे राज्य में सरप्राइज इंस्पेक्शन कर रही है.सेफ्टी स्टैंडर्ड में दोषी पाते हुए फूड आउटलेट के लाइसेंस भी रद्द कर रही है. अब तक 100 से ज्यादा बिज़नेस के लाइसेंस रद्द हो चुके हैं. इसी सिलसिले में नवी मुंबई के एक होटल ने अदालत में याचिका दायर करते हुए कहा कि उनका लाइसेंस गलत वजह से रद्द किया गया है. 

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कोर्ट ने क्या कहा?

इंडिया टुडे के मुताबिक, नवी मुंबई के पार्क इन बाई रेडिसन (Park inn by Radisson) होटल ने याचिका दायर की है. होटल की ओर से पेश हुए वकील मयूर खंडेपरकर ने अदालत में कहा कि FDA की ओर से लिखित में कोई ठोस कारण नहीं बताया गया. उन्होंने आगे दलील दी कि एक या दो कॉकरोच दिख जाने से पूरा लाइसेंस रद्द करना जायज़ नहीं है. 

इस केस की सुनवाई चीफ जस्टिस रविंद्र घुघे और जस्टिस गौतम अंखड की बेंच कर रही थी. कोर्ट ने भी माना कि इस केस में रियलिटी को देखते हुए फैसला नहीं लिया गया है. चीफ जस्टिस रविंद्र घुघे ने कहा, ‘हम भारत में रहते हैं, हमें रियलिटी को देखते हुए फैसले लेने चाहिए.’

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दूसरी तरफ, FDA की ओर से वकील नेहा भिड़े पेश हुईं. उन्होंने तर्क दिया कि जब बात लोगों के सेहत की हो तब कोर्ट को इसे कैजुअली नहीं लेना चाहिए. कोर्ट ने उनसे सवाल किया कि क्या हाईकोर्ट का कैंटीन भी जांच के दायरे में है? इसपर नेहा भिड़े ने जवाब दिया कि नगर निगम और मंत्रालय के कैंटीन का भी लाइसेंस रद्द किया गया है. कोर्ट ने FDA को आदेश दिया कि अगली सुनवाई में वो हाईकोर्ट कैंटीन की जांच रिपोर्ट सबमिट करें. अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी. 

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कई रेस्टोरेंट के लाइसेंस रद्द किए

नेहा भिड़े ने बताया कि FDA के नए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने ये अभियान शुरू किया है. अब तक पूरे महाराष्ट्र में 100 से ज्यादा फूड आउटलेट के लाइसेंस रद्द किए गए हैं. हाल ही में क्रिकेट क्लब ऑफ़ इंडिया, MIG किकेट क्लब, RK जुहू जिमखाना, अपर्णा जुहू जिमखाना और विलिंग्डन स्पोर्ट्स क्लब के कैंटीन के लाइसेंस रद्द हुए हैं. इसके अलावा उडीपी और पूर्णिमा रेस्टोरेंट के भी किचन बंद कराए गए हैं. 

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FDA का कहना है कि FSSAI के मानकों के आधार पर ये एक्शन लिया गया है. इन जगहों पर खाने की हाइजीन, फूड स्पेस में कीड़े-मकौड़े, एप्रन-ग्लोव का न होना और खाने को गंदी जगह पर रखने जैसी अनियमितताएं पाई गईं. 

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