गुजरात में एक और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की मौत की खबर सामने आई है. यह BLO भी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के काम में जुटे थे. इनकी पहचान दिनेश कुमार रावल (50) के तौर पर हुई है. 27-28 नवंबर की रात के दरमियान उन्हें हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी जान चली गई. अलग-अलग राज्यों में चुनाव आयोग की ओर से करवाई जा रही SIR प्रक्रिया में जुटे BLO की जान जाने वालों का यह आंकड़ा अब बढ़कर 26 हो गया है.
'देर रात तक BLO का काम करते, सही से सो नहीं पाते थे... ', SIR के काम में लगे एक और टीचर की मौत
दिनेश कुमार गुजरात के मेहसाणा जिले के एक सरकारी प्राइमरी गर्ल्स स्कूल के प्रिंसिपल थे. वो BLO के तौर पर काम कर रहे थे. देर रात करीब 2:30 बजे काम करने के दौरान उन्हें सीने में दर्द महसूस हुआ. जब तक अस्पताल पहुंचे मौत हो गई.


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दिनेश कुमार मेहसाणा जिले के सतलासना तालुका के सुदासना गांव के सरकारी प्राइमरी गर्ल्स स्कूल के प्रिंसिपल थे. वह 2001 से इस स्कूल में तैनात थे. वो BLO के तौर पर काम कर रहे थे. रावल के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं. उनका बेटा और बड़ी बेटी पोस्ट-ग्रेजुएशन कर रहे हैं. उनकी सबसे छोटी बेटी तीसरी क्लास में है.
परिवार का कहना है कि जब से SIR शुरू हुआ है दिनेश तब से ही ठीक से सोए नहीं थे. अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ गुजरात के अध्यक्ष मितेश भट्ट ने अखबार को बताया कि दिनेश गुरुवार 27 नवंबर देर रात काम कर रहे थे. देर रात करीब 2:30 बजे उन्हें सीने में दर्द महसूस हुआ. उन्होंने परिवार को जगाया. उन्होंने एक लोकल दोस्त को बुलाया और उन्हें 32 किलोमीटर दूर हॉस्पिटल ले गए. लेकिन वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
गांव के सरकारी प्राइमरी बॉयज स्कूल के प्रिंसिपल गोविंद सिंह बराड़ ने बताया कि दिनेश कुमार पर वेरिफिकेशन का दबाव नहीं था, क्योंकि वह गांव में लगभग सभी को जानते थे. लेकिन असली समस्या सर्वर की थी. सर्वर दिन में डाउन रहता है इसलिए अपलोडिंग सिर्फ रात में ही हो पाती है. वह पिछले तीन-चार दिनों से रात में 1-2 बजे तक काम कर रहे थे. यही एकमात्र समय है जब सर्वर काम करता है. इसी वक्त ज्यादातर BLO को काम करने के लिए ‘मजबूर’ किया जाता है.
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वहीं, आम आदमी पार्टी के मेहसाणा जिलाध्यक्ष जयदेव सिंह चावड़ा ने कहा कि दिनेश कुमार की जान SIR के तनाव की वजह से गई है. वह देर रात तक फॉर्म अपलोड करते थे. सुबह जल्दी उठते थे. फिर बच्चों को पढ़ाते थे. उसके बाद BLO का काम करते थे. इसी तनाव की वजह से उनकी जान चली गई. उन्होंने चुनाव आयोग से SIR की डेडलाइन बढ़ाने की अपील की है. साथ ही गुजरात सरकार से BLO की मदद के लिए एक्स्ट्रा स्टाफ तैनात करने की भी गुजारिश की है.
BLO की मौत का ये पहला मामला नहीं है. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, दिनेश कुमार को मिलाकर अब तक कुल 26 BLO अपनी जान गंवा चुके हैं. मध्य प्रदेश में 9, यूपी में 4, गुजरात में 5, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, तमिलनाडु, केरल में तीन-तीन बीएलओ की जान जा चुकी है. कुछ ने कथित तौर पर SIR के काम में होने वाले दबाव की वजह से खुदकुशी कर ली. लेकिन चुनाव आयोग इन आरोपों से इनकार करता है. आयोग का कहना है कि जांच हो रही है.
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