छत्तीसगढ़ में रेत खनन विवाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक नेता समेत 3 लोगों की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई. मृतक टोयोटा फॉर्च्यूनर में सवार थे. आरोपियों ने कथित तौर पर फॉर्च्यूनर पर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी. मृतक कार से निकल नहीं सके, और कार में ही जिंदा जल गए. BJP नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की मौके पर ही मौत हो गई. उनके भाई नागेंद्र सिंह और एक रिश्तेदार वीरेंद्र सिंह ने घटना के बाद दम तोड़ दिया. तीन अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं.
फॉर्च्यूनर में बैठे BJP नेता समेत 3 लोगों को जिंदा जलाया, ट्रक से मारी टक्कर फिर आग लगा दी
Korea Chhattisgarh: आरोप है कि BJP नेता भरत सिंह की कार को ट्रक से टक्कर मारी गई और फिर उसे आग के हवाले कर दिया गया. कार लॉक होने के कारण उसमें बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और वे आग की चपेट में आ गए.


विपक्षी दल कांग्रेस ने घटना को लेकर BJP सरकार पर निशाना साधा, तो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया दी है. सीएम ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने आगे कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
मामला छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र का है. इंडिया टुडे से जुड़े धीरेंद्र विश्वकर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में रेत खनन को लेकर लंबे समय से दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था. एक पक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह का है, जबकि दूसरा पक्ष मनोज त्रिपाठी और उनके परिवार से जुड़ा है.
जानकारी के अनुसार, घटना से पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद और शिकायतों का दौर चल रहा था. आरोप है कि मंगलवार, 16 जून की रात विवाद बढ़ने के बाद मनोज त्रिपाठी पक्ष के लोगों ने रास्ता रोककर एक टोयोटा फॉर्च्यूनर को घेर लिया. इसमें भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, उनके भाई शिक्षक नागेंद्र सिंह, रिश्तेदार वीरेंद्र सिंह समेत अन्य लोग सवार थे.
आरोप है कि भरत सिंह की कार को ट्रक से टक्कर मारी गई और फिर उसे आग के हवाले कर दिया गया. कार लॉक होने के कारण उसमें बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और वे आग की चपेट में आ गए.

आगजनी में भरत सिंह उकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसे वीरेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. नागेंद्र सिंह 80 फीसदी जल गए थे, जिनकी रास्ते मे मौत हो गई. तीन अन्य घायलों को पहले अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था. बाद में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रायपुर भेजा गया है.
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आए. सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा देर रात कोरिया पहुंचे और घटना स्थल का मुआयना कर अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. पुलिस ने मामले में नौ नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि त्रिपाठी और ठाकुर पक्ष के बीच रेत खनन को लेकर विवाद था. मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे दोनों पक्ष आमने-सामने आए, जिसके बाद मारपीट और हिंसक झड़प हुई.
उन्होंने कहा कि फॉर्च्यूनर में आग कैसे लगी इसकी जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है. गिरफ्तार आरोपियों में अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी शामिल हैं.
सोनहत थाना प्रभारी विनोद पासवान ने बताया कि लल्ला सिंह अपने कुछ मित्रों के साथ और कुछ रिश्तेदारों के साथ मनोज त्रिपाठी के गांव नौगई पहुंच गए थे, जहां उनकी गाड़ी में आगजनी की गई. आगजनी करने से लल्ला सिंह की शायद मौके पर ही मृत्यु हो गई थी.
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