बीजेपी की ‘दोस्त’ रही पार्टियां भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगने लगी हैं. नवीन पटनायक के बीजू जनता दल ने विपक्षी दलों के चुनाव आयोग विरोधी प्रोटेस्ट का समर्थन किया है. केंद्रीय स्तर पर किसी भी गठबंधन से बराबर दूरी बनाकर चलने वाली बीजेडी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के पास इस्तीफा देने के अलावा कोई चारा नहीं है.
'ज्ञानेश कुमार के पास इस्तीफे के अलावा कोई और रास्ता नहीं', SIR को लेकर अब BJD भी कांग्रेस के साथ
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन को नवीन पटनायक की BJD का समर्थन मिला है. पार्टी ने मानस मंगराज और सुलता देव को दिल्ली भेजा, जो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व वाले प्रदर्शन में शामिल हुए.

नवीन पटनायक ने अपनी पार्टी के दो नेताओं मानस मंगराज और सुलता देव को दिल्ली भी भेजा है. दोनों ही दिल्ली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की अगुआई में चल रहे प्रोटेस्ट में शामिल हुए.
बता दें कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) में गड़बड़ी के आरोप में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है. INDIA गठबंधन के सभी दलों के साथ कांग्रेस ने 6 अक्टूबर को दिल्ली में बड़े पैमाने पर प्रोटेस्ट किया. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, TMC के अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन, CPI(M) के जॉन ब्रिटास समेत INDIA ब्लॉक कई सांसद संसद भवन परिसर से निर्वाचन सदन की ओर मार्च पर निकले. इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने प्रियंका और राहुल को थोड़ी देर के लिए हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रोटेस्ट में ‘केंद्रीय राजनीति में ज्यादातर तटस्थ’ की छवि रखने वाली बीजेडी भी कूद गई है. पार्टी ने न सिर्फ कांग्रेस के नेतृत्व वाले प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अपने नेता भेजे हैं. बल्कि इससे पहले बीजेडी प्रवक्ताओं ने मीडिया के सामने खुलेआम ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की.
बीजेडी के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने सोमवार, 5 अक्टूबर को भुवनेश्वर में कहा कि ज्ञानेश कुमार के पास अब नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देने के अलावा कोई रास्ता नहीं है. मोहंती ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि उन्होंने Form-6 में किए गए बदलावों को लेकर ‘झूठ’ बोला है. चुनाव आयोग ने कहा था कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान Form-6 में किए गए बदलावों को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी थी. जबकि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 5 अक्टूबर को इससे साफ इनकार किया है.
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बीजू जनता दल ओडिशा की क्षेत्रीय पार्टी है, जो कई सालों तक लगातार सत्ता में रहने के बाद 2024 में बीजेपी से हार गई. इसके बाद से ही बीजेडी भाजपा का खुलकर विरोध कर रही है. हालांकि, इससे पहले बीजेडी ‘बीजेपी की दोस्त’ की तरह लगती थी. उसने मुद्दों के आधार पर कई मौकों पर केंद्र की बीजेपी सरकार को समर्थन दिया. राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के उम्मीदवारों के साथ रही.
बीजेपी से गठबंधन का पार्टी का पुराना इतिहास भी है. साल 1998 से 2009 तक वह बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा रही थी. ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त विरोधी मुद्दे पर उसका सरकार के खिलाफ जाना विपक्षी दलों के लिए एक मनोवैज्ञानिक बढ़त मानी जा सकती है.
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