बिहार के कैमूर में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपने भाई, भाभी और उनके दो बच्चों की हत्या कर दी. उनके शवों के टुकड़े किए और अवशेषों को सूटकेस और बोरियों में भरकर अलग-अलग जगह फेंक दिया. 10 मई को पुलिस को शव के कुछ टुकड़े दुर्गावती नदी पुल के नीचे मिले, और 12 मई को दो बोरियों में पैक किए शरीर के अंगों के टुकड़े अलग-अलग जगहों से मिले. जांच में सामने आया कि ये टुकड़े 3-4 लोगों के हो सकते हैं. मगर उनकी मिसिंग रिपोर्ट किसी ने नहीं लिखवाई है.
मां की शिकायत के बाद छोटे बेटे ने भाई-भाभी समेत दो बच्चों को उतारा मौत के घाट, शव के किए टुकड़े
Bihar Kaimur family murder: बिहार के कैमूर में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपने भाई, भाभी और उनके दो बच्चों की हत्या कर दी. उनके शवों के टुकड़े कर सूटकेस और बोरियों में भरकर फेंक दिया. चारों के शव पुल के नीचे मिले थे.


मामले की जांच के लिए पुलिस ने एक जांच टीम गठित की, जिसमें मृतकों की पहचान डहरक गांव के रहने वाले कृष्ण मुरारी गुप्ता, उनकी पत्नी दुर्गेश कुमारी और दंपती के दो बच्चों के रूप में हुईं. जब पुलिस उनके घर पहुंची, तो वहां ताला लगा था. परिवार का कोई सदस्य वहां मौजूद नहीं था.
जिसके बाद पुलिस ने मृतक के भाई विकास गुप्ता से पूछताछ की, जिसने अपना सारा जुर्म कबूल कर लिया. आरोपियों में छोटा भाई राहुल उर्फ गौतम और महाराष्ट्र का रहने वाला विकास का दोस्त दीपक कुमार राजपूत भी शामिल है, जो अभी फरार चल रहे हैं.
मां ने फोन कर आरोपी से की थी बेटे की शिकायत
इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार रंजन कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, कृष्ण मुरारी चार भाई थे. तीन भाई बाहर काम करते हैं और मुरारी परिवार संग गांव में रहता था. विकास का मानना था कि मुरारी परिवार के साथ अच्छे से व्यवहार नहीं करता और इसलिए वो नाराज रहता था. एक दिन उसकी मां ने फोन किया और कहा कि मुरारी ने उसके और छोटे भाई के साथ मारपीट की है.
ये सुन विकास ने अपने दोस्त के साथ महाराष्ट्र में ही कृष्ण मुरारी को मारने का प्लान बना लिया. 7 मई को आरोपी अपने दोस्त के साथ कैमूर पहुंचा. सभी लोग एक कमरे में इकट्ठा हुए, जब मुरारी वहां आया, तो उन्होंने उसकी हत्या कर दी. पत्नी दुर्गेश ये सब देखकर भागने लगी, तो उन्होंने उसे भी पकड़कर कथित तौर पर मौत के घाट उतार दिया. जब पीड़ितों के दोनों बच्चे आंगनवाड़ी से वापस आए, तो उनकी भी हत्या कर दी गई.
घटना के समय मां और भाई भी थे मौजूद
आरोपियों ने सबूत छुपाने के लिए सभी के टुकड़े किए और उन्हें काटकर सूटकेस और बोरो में भरकर स्कूटर से अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया. फिर घर की सफाई की, खून के धब्बे मिटाने के लिए हत्या वाले कमरे में सीमेंट लगाया. पुलिस ने बताया कि घटना के समय उनकी मां और दो भाइयों की पत्नियां भी घर में ही मौजूद थी. जिन्हें घटना के बाद उनके मायके भेज दिया गया.
10 और 12 मई को जब शवों के कई टुकड़े मिले, तो पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जिसने FSL टीम, जैविक विशेषज्ञों और खुफिया इकाइयों की मदद से जांच शुरू की.
कैमूर एसपी हरिमोहन शुक्ला ने बताया,
“10 मई को दुर्गावती नदी में 18 टुकड़े शव के टुकड़े मिले थे. देखने से ही लग रहा था कि इसमें तीन-चार व्यक्तियों के टुकड़े हैं. 12 मई को फिर एक नहर के बगल में दो बोरियों में 100 के करीब टुकड़े बरामद हुए थे. कहीं किसी क्षेत्र से मिसिंग रिपोर्ट नहीं लिखवाई गई थी. दो बच्चों के भी टुकड़े थे. इसलिए हमने स्कूलों में, आंगनबाड़ी केंद्र में भी मिसिंग के बारे में पता किया. फिर धीरे-धीरे कंफर्म हुआ कि यह डहरक गांव के एक रहने वाले हैं. उनके घर गए, तो वहां ताला बंद था. परिवार का कोई सदस्य नहीं था.”
पुलिस ने बताया कि उनका शक बढ़ा और उन्होंने विकास गुप्ता को कस्टडी में लिया. क्योंकि उसके खिलाफ कुछ सबूत थे. जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. हत्याओं में कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया चाकू, एक स्कूटर, एक देसी पिस्तौल, तीन कारतूस और एक लोहे का हथियार बरामद कर लिया है. पुलिस को दो सिर मिल गए हैं. लेकिन अन्य दो सिरों की तलाश की जा रही है.
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