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"नहीं तो बाबरी मस्जिद जैसा...", VHP और बजरंग दल औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग पर अड़े, सियासत तेज

उद्धव ठाकरे की पार्टी ने कहा- 'केंद्र सरकार ASI के ज़रिए मकबरे के रखरखाव के लिए पैसा देती है. फिर खुद ही कुछ तत्वों को मकबरे को तोड़ने के लिए उकसाती हैं.'

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संभाजीनगर में मौजूद औरंगज़ेब की कब्र के बाहर मौजूद पुलिस. (फोटो- पीटीआई)
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ओंकार वाबळे

औरंगज़ेब की कब्र को लेकर हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. 16 मार्च को हिंदूवादी संगठन विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में मौजूद मुगल बादशाह औरंगज़ेब की कब्र को हटाने की मांग की. उन्होंने धमकी दी है कि अगर कब्र को नहीं हटाया गया तो ढांचे के साथ भी “बाबरी मस्जिद जैसा” हादसा दोहराया जाएगा. संगठनों का कहना है कि वे 17 मार्च को खुल्दाबाद में औरंगज़ेब की कब्र को हटाने के लिए पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन करेंगे. इसके मद्देनज़र पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है.

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इंडिया टुडे के मुताबिक, संगठनों ने महाराष्ट्र सरकार से जल्द से जल्द कब्र हटाने की मांग की है. उन्होंने धमकी दी कि अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदर्शन किए जाएंगे. साथ ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा जाएगा. प्रदर्शनकारियों की तरफ से यह भी धमकी दी गई है कि वे सड़कें भी जाम कर सकते हैं और कार सेवा में मकबरे को ढहा दिया जाएगा.

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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि पिछले कुछ दिनों से मज़ार पर डायरेक्ट एंट्री पर रोक लगा दी गई है. ये बैन अगले आदेश तक लागू रहेगा. चौबीसों घंटे निगरानी के लिए CRPF की एक टुकड़ी तैनात की गई है. छह पुलिसकर्मी भी लगातार मज़ार पर तैनात हैं. खुल्दाबाद में मौजूद मुगल शासक औरंगज़ेब की मज़ार संभाजीनगर शहर से करीब 30 किलोमीटर ही दूर है. खुल्दाबाद की ओर जाने वाली सड़कों पर स्टेट रिजर्व पुलिसबल के जवानों को तैनात किया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो. 

औरंगज़ेब की कब्र पर राजनीति

इसे लेकर राज्य विधान परिषद में विपक्ष के नेता शिवसेना (UBT) के अंबादास दानवे ने आरोप लगाया कि महायुति सरकार लोगों को बरगला रही है और आग में घी डाल रही है. दानवे ने कहा,

केंद्र सरकार ASI के ज़रिए मकबरे के रखरखाव के लिए पैसा देती है. उसके बावजूद केंद्र और राज्य सरकारें कुछ तत्वों को मकबरे को तोड़ने के लिए उकसाती हैं.

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कांग्रेस सांसद कल्याण काले ने आरोप लगाया कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले इस मुद्दे को तूल दिया गया. काले ने कहा, “कब्र वहां बरसों से है. कई लोग इसे अब देख रहे हैं क्योंकि (BMC) चुनाव पास है.”

कैबिनेट मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने पलटवार करते हुए विपक्षी दलों को चुनौती दी कि अगर उन्हें लगता है कि औरंगज़ेब की कब्र को हटाने से इतिहास नष्ट हो जाएगा तो वे उसकी मूर्तियां लगाएं. शिरसाट ने दोहराया कि महाराष्ट्र में औरंगज़ेब की कब्र के लिए कोई जगह नहीं है.

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औरंगज़ेब की कब्र पर विवाद

इस मुद्दे पर विवाद महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आज़मी के एक बयान के बाद शुरू हुआ. उन्होंने कहा था कि वो 17वीं सदी के मुगल बादशाह को क्रूर, अत्याचारी या इनटॉलरेंट शासक के रूप में नहीं देखते. उन्होंने दावा किया कि इन दिनों फिल्मों के माध्यम से औरंगज़ेब की खराब छवि बनाई जा रही है. उनका ये बयान विक्की कौशल स्टारर फिल्म ‘छावा’ के रिलीज होने के कुछ हफ्तों बाद आया था. ये फिल्म 17वीं शताब्दी के मराठा शासक छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर बेस्ड है. इन्हें औरंगज़ेब ने यातनाएं देकर मार डाला था.

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