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'सांप्रदायिक भेदभाव' वाले बयान पर फंसे एआर रहमान, पता है अब वीडियो जारी कर क्या-क्या बोले?

AR Rehman Interview: इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर AR Rahman ने कहा है कि उनका इरादा किसी को दुख पहुंचाने का नहीं रहा और उन्हें भारतीय होने का गर्व है. पीएम मोदी के एक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए और भी कई बातें उन्होंने शेयर की हैं.

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एआर रहमान ने विवाद के बाद सफाई दी है (india today)

संगीतकार एआर रहमान ने कहा कि बॉलीवुड में अब उनके पास काम नहीं आता, क्योंकि पिछले 8 सालों में सत्ता का संतुलन बदल गया है और वो लोग फैसले ले रहे हैं जो क्रिएटिव नहीं हैं. उन्होंने ये भी आशंका जताई कि हो सकता है कि इसके पीछे सांप्रदायिकता रही हो, हालांकि उन्हें सीधे तौर पर किसी ने ये नहीं कहा. उनके इस बयान पर देश भर में बवाल मच गया. गीतकार जावेद अख्तर से लेकर गायक शान तक ने उनके बयान का खंडन किया और कहा कि इसमें किसी भी कम्युनल एंगल की बात नहीं हो सकती. ये बात इतनी बढ़ गई कि खुद एआर रहमान को वीडियो बनाकर सफाई देनी पड़ी है.

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इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर रहमान ने कहा कि उनका इरादा किसी को दुख पहुंचाने का नहीं रहा और उन्हें भारतीय होने पर गर्व है. भारत को अपना ‘घर’ और ‘प्रेरणा’ बताते हुए रहमान ने अपने प्रोजेक्ट्स के जरिए भारत की विविधता को सेलिब्रेट करने के तमाम उदाहरण दिए. उन्होंने ये भी कहा कि यह देश सभी को अभिव्यक्ति की आजादी देता है और अलग-अलग संस्कृतियों की आवाजों को अपनाता है.

एआर रहमान ने कहा, 

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संगीत हमेशा से मेरे लिए लोगों से जुड़ने, जश्न मनाने और संस्कृति को सम्मान देने का तरीका रहा है. भारत मेरी प्रेरणा है. मेरा गुरु है और मेरा घर है. मैं समझता हूं कि कभी-कभी मंशा को गलत समझ लिया जाता है, लेकिन मेरा उद्देश्य हमेशा संगीत के जरिए लोगों को जोड़ना, सम्मान देना और कुछ अच्छा करना रहा है. मेरा कभी किसी को दुख पहुंचाने का इरादा नहीं रहा और मुझे उम्मीद है कि मेरी सच्चाई आप तक पहुंचेगी.

उन्होंने आगे कहा कि उन्हें भारतीय होने पर गर्व और सौभाग्य महसूस होता है क्योंकि यह देश अभिव्यक्ति की आजादी देता है और अलग-अलग संस्कृतियों की आवाजों को अपनाता है. चाहे वेव समिट में माननीय प्रधानमंत्री के सामने ‘जाला’ की प्रस्तुति हो, रुह-ए-नूर के साथ काम करना हो. युवा नागा संगीतकारों के साथ मिलकर एक स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रा बनाना हो, सनशाइन ऑर्केस्ट्रा को मार्गदर्शन देना हो, सीक्रेट माउंटेन भारत का पहला मल्टीकल्चरल वर्चुअल बैंड तैयार करना हो, या फिर हंस जिमर के साथ मिलकर रामायण का संगीत तैयार करना हो. 

रहमान ने कहा, 

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हर सफर ने मेरे उद्देश्य को और मजबूत किया है. मैं इस देश का दिल से आभारी हूं और ऐसे संगीत के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं, जो अतीत का सम्मान करे. वर्तमान का जश्न मनाए और भविष्य को मोटिवेट करे. 

बता दें कि ये विवाद तब शुरू हुआ जब बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में एआर रहमान ने बॉलीवुड में अपने अनुभवों पर बात की. उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें तमिल संगीतकार के तौर पर बॉलीवुड में किसी प्रकार का भेदभाव महसूस हुआ, तो रहमान ने कहा कि शायद उन्हें कभी इसका पता ही नहीं चला. शायद ईश्वर ने इसे छिपा रखा था. उन्होंने विकी कौशल के अभिनय वाली 'छावा' फिल्म को ‘विभाजनकारी प्रोजेक्ट’ (Divisive Project) बताया और कहा कि इसने ‘समाज में विभाजन’ को भुनाया है.

वीडियो: ए आर रहमान के बयान पर जावेद अख्तर और कंगना रनौत ने क्या कहा?

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