तमिलनाडु की सत्ता पर काबिज द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर कशमकश थम गई है. दोनों पार्टियों के बीच सीट शेयरिंग पर सहमति बन गई है. समझौते के तहत कांग्रेस आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 28 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. 2021 के चुनाव के मुकाबले कांग्रेस को 3 सीटें ज्यादा मिली हैं.
विजय के साथ नहीं, कांग्रेस DMK के साथ ही लड़ेगी तमिलनाडु में चुनाव, क्या डील पक्की हुई?
DMK Congress Alliance: 4 मार्च को दोनों पार्टियों के बीच सीटों को लेकर बातचीत पूरी हुई. DMK की तरफ से Tamil Nadu के मुख्यमंत्री MK Stalin और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के सेल्वापेरुंथगई ने सीट-शेयरिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए.


इससे पहले आशंका थी कि कांग्रेस इस बार एक्टर से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के साथ जा सकती है. लेकिन सीट-शेयरिंग पर बात बनने के बाद इन कयासों पर भी विराम लग गया. बातचीत के दौरान कांग्रेस ने सत्ता में हिस्सेदारी की भी मांग की थी, लेकिन DMK ने इसे खारिज कर दिया. DMK ने कभी भी साथी दल के साथ पावर-शेयरिंग नहीं की है.
इंडिया टुडे से जुड़ीं अनघा की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 सीटों के अलावा कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट भी मिली है. गुरुवार, 5 मार्च को कांग्रेस ने तमिलनाडु से राज्यसभा के लिए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के सेक्रेटरी एम क्रिस्टोफर तिलक की उम्मीदवारी भी घोषित कर दी.

इससे पहले बुधवार, 4 मार्च को दोनों पार्टियों के बीच सीटों को लेकर बातचीत पूरी हुई. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के सेल्वापेरुंथगई ने सीट-शेयरिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए. DMK और कांग्रेस सत्तारूढ़ सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस का हिस्सा हैं.
4 मार्च को तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी ने X पर लिखा,
"आगामी 2026 के विधानसभा आम चुनावों में, द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) के प्रेसिडेंट और माननीय मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के प्रेसिडेंट के सेल्वापेरुंथगई ने आज (04 मार्च 2026) सीट-शेयरिंग के समझौतों पर चर्चा की, जिसमें यह तय हुआ कि कांग्रेस पार्टी, जिसकी सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस में जगह है, तमिलनाडु में 28 (अट्ठाईस) विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ेगी और आने वाले राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी को एक सीट मिलेगी."

दोनों पार्टियों के बीच चुनावी समझौते को महीनों की उलझन के बाद फाइनल किया गया. राज्य में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने जोरदार तरीके से कहा कि अगर गठबंधन सत्ता में आता है, तो पावर-शेयरिंग डील होनी चाहिए. सीनियर नेता मणिकम टैगोर ने भी पहले एक X पोस्ट में लिखा था, "हम पावर-शेयरिंग के लिए लड़ते रहेंगे, और हमें यह मिलेगी." बाद में DMK के कुछ सपोर्टर्स और नेताओं ने इसका विरोध किया और कांग्रेस की पावर में हिस्सेदारी की मांगों की लगातार आलोचना की.

पावर-शेयरिंग पर बात नहीं बनी, तो खबरें चलीं कि कांग्रेस विजय की पार्टी TVK के साथ जाने का रुख कर रही है. हालांकि, अब 28 सीट और एक राज्यसभा सीट के साथ कांग्रेस DMK के साथ मिलकर चुनावी मैदान में आने के लिए तैयार हो गई है.
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