वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर सोमवार, 19 जनवरी को एक बड़ा विवाद हुआ, जिसमें 18 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास कार्य के दौरान रानी अहिल्याबाई होलकर की एक मूर्ति के क्षतिग्रस्त होने का आरोप लगाया गया.
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति को लेकर बवाल, 18 लोग हिरासत में लिए गए
Manikarnika Ghat, Varanasi: पुलिस का कहना है कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है. उधर, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया और सरकार की आलोचना की.


द हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक पाल समाज के लोगों ने इसकी शिकायत की, और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिना अनुमति के प्रदर्शन करने की कोशिश की. सभी घाट पर जमा हुए, प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की कोशिश की.
पुलिस ने बिना परमिशन के प्रदर्शन और सिट-इन रोकने की कोशिश की, जिस पर प्रदर्शनकारी उग्र हो गए. उन्होंने पुलिस को गाली-गलौज की, धक्का-मुक्की की और कुछ ने पुलिस की वर्दी तक फाड़ दी. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने बल प्रयोग किया और 18 लोगों को हिरासत में ले लिया.
पुलिस का कहना है कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है. उधर, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया और सरकार की आलोचना की. वहीं, पुलिस और प्रशासन का दावा है कि कोई मूर्ति या मंदिर नहीं तोड़ा गया है. पुलिस ने ये भी कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल कुछ तस्वीरें/वीडियो फर्जी या AI-जनरेटेड हैं. काशी के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) ने बताया,
“बिना किसी परमिशन के इन लोगों ने वहां नारे लगाने शुरू कर दिए. जब उन्हें रोका गया और बिना इजाजत सार्वजनिक जगह पर धरना देने से मना किया गया, तो ये लोग भड़क गए. पुलिस को गालियां देने लगे और धक्का-मुक्की करने लगे. इस मामले में 18 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है.”
भाजपा पर आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने X पर लिखा,
“वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पाल समाज के प्रदर्शन पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज और एक दर्जन से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया. अब भाजपाई कहेंगे ये समाचार भी ‘AI’ से बना है. अरे कोई इन्हें समझाए, भाई सब कुछ नहीं होता AI. भाजपाइयों से जनता पूछ रही है कि जब सब कुछ AI से ही हो रहा है तो आप क्या कर रहे हैं? भाजपाइयों ने कमीशन लेकर कहीं सरकार को ही AI को आउट सोर्स तो नहीं कर दिया?”

इस संबंध में पहले ही कई लोगों (जिनमें AAP सांसद संजय सिंह, पप्पू यादव आदि शामिल) के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.
विवाद क्या है?दरअसल, पाल समाज और कुछ राजनीतिक दल आरोप लगा रहे हैं कि घाट के रीडेवलपमेंट के नाम पर रानी अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति क्षतिग्रस्त हुई. साथ ही धार्मिक स्थलों/प्रतीकों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. वहीं, प्रशासन का कहना है कि काम सौंदर्यीकरण का है, कोई धार्मिक स्थल नहीं तोड़ा गया. वायरल हो रही कई तस्वीरें पुरानी हैं या AI से बनाई गई हैं, जिससे भ्रम फैलाया जा रहा है.
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