किडनी स्टोन. एक बहुत ही कॉमन प्रॉब्लम. चाहे GenZ हों या उनसे पहले वाली जेनरेशन, किडनी स्टोन सबको हो रहा है. पर अच्छी बात ये है कि कई स्टोन खुद से ही निकल जाते हैं. इन्हें किसी सर्जरी की ज़रूरत नहीं पड़ती.
क्या किडनी स्टोन ज्यादा पानी पीने से घुलकर अपनेआप निकल जाता है?
अगर स्टोन यूरेटर के ऊपरी हिस्से में फंसा है, तो उसके निकलने की संभावना कम होती है. जैसे-जैसे स्टोन नीचे ब्लैडर के पास आता है, उसके निकलने का चांस बढ़ जाता है.


कितने mm के किडनी स्टोन अपने आप निकल सकते हैं, ये जानेंगे आज. डॉक्टर से ये भी समझेंगे कि क्या ज़्यादा पानी पीने से किडनी स्टोन घुल जाता है. स्टोन निकालने के क्या-क्या तरीके हैं. और किस सिचुएशन में किडनी स्टोन इमरजेंसी बन सकता है.
कितना बड़ा किडनी स्टोन अपने आप निकल सकता है?
ये हमें बताया डॉक्टर शलभ अग्रवाल ने.

किडनी स्टोन होने पर आमतौर पर तेज़ दर्द होता है. ये दर्द पीठ के दाएं या बाएं हिस्से में हो सकता है. स्टोन की लोकेशन के हिसाब से दर्द की जगह बदल भी सकती है. कई बार दर्द प्राइवेट पार्ट या पेशाब करते समय महसूस होता है. अगर स्टोन 5 mm से छोटा है, तो वो अक्सर अपने आप निकल जाता है. जैसे-जैसे स्टोन का साइज़ बढ़ता है, उसके अपने आप निकलने का चांस कम हो जाता है. लेकिन सिर्फ स्टोन का साइज़ ही इकलौता फैक्टर नहीं है. स्टोन कहां फंसा है, ये भी बहुत ज़रूरी है.
अगर स्टोन यूरेटर (किडनी से ब्लैडर को जोड़ने वाली नली) के ऊपरी हिस्से में फंसा है, तो उसके निकलने की संभावना कम होती है. जैसे-जैसे स्टोन नीचे ब्लैडर के पास आता है, उसके निकलने का चांस बढ़ जाता है. स्टोन निकलते समय तेज़ दर्द, पेशाब में खून, उबकाई या उल्टी आ सकती है. अगर ये लक्षण ज्यादा गंभीर हों, तो ऑपरेशन की ज़रूरत पड़ सकती है. आपके लिए क्या सही रहेगा, ये समझने के लिए डॉक्टर से मिलना चाहिए. ध्यान रखें कि सिर्फ किडनी स्टोन के साइज़ से तय नहीं होता कि इलाज कैसे होगा.
ज़्यादा पानी पीने से किडनी स्टोन घुल जाता है?
अक्सर लोग सोचते हैं कि ज़्यादा पानी पीने से किडनी स्टोन घुल जाता है. लेकिन ये बात सही नहीं है. ज़्यादा पानी पीने से आपको दो तरह से फायदा हो सकता है. अगर स्टोन पेशाब के रास्ते में फंसा है, तो पानी से प्रेशर बनता है और स्टोन निकलने में मदद मिल सकती है. लेकिन किडनी स्टोन मिनरल्स का एक सख्त टुकड़ा होता है. ये कभी किसी दवा या पानी से नहीं घुलते हैं. स्टोन जितने साइज़ का होता है, वो उसी साइज़ में बाहर निकलता है.
अगर किडनी स्टोन की वजह से तेज़ दर्द हो रहा है. तब उस वक्त बहुत ज़्यादा पानी नहीं पीना चाहिए. इससे किडनी पर दबाव बढ़ सकता है. ऐसे में दर्द और ज़्यादा हो सकता है. जब एक-दो दिन में किडनी की सूजन और दर्द कम हो जाए. तब ज़्यादा पानी पीना फायदेमंद हो सकता है.

किडनी स्टोन निकालने के क्या तरीके हैं?
स्टोन किडनी, यूरेटर या ब्लैडर में कहीं भी हो सकता है. आजकल ज़्यादातर स्टोन दूरबीन या एंडोस्कोपिक सर्जरी से निकाले जाते हैं. इन सर्जरी में किसी भी तरह का कोई बड़ा कट नहीं लगता. डॉक्टर यूरिन के रास्ते से ही अंदर जाकर स्टोन तक पहुंचते हैं. फिर लेज़र से स्टोन को छोटे-छोटे टुकड़ों या पाउडर में तोड़ दिया जाता है. ये पूरा प्रोसीजर बेहोशी में किया जाता है. इसकी रिकवरी भी काफी जल्दी हो जाती है.
स्टोन कहां है, उस हिसाब से अलग-अलग प्रोसीजर होते हैं. जैसे RIRS, URS, PCNL, Mini PCNL, Mini Perc, CLT. ये सभी एंडोस्कोपिक सर्जरी के अलग-अलग तरीके हैं. आपके लिए कौन-सा तरीका सही रहेगा, ये डॉक्टर ही तय करते हैं.
किडनी स्टोन इमरजेंसी कब बन सकता है?
कुछ स्थितियों में किडनी स्टोन इमरजेंसी बन सकता है. अगर आपको बहुत तेज़ और कंट्रोल न होने वाला दर्द हो रहा है. बार-बार अस्पताल जाना पड़ रहा है या इंजेक्शन लगवाना पड़ रहा है. दर्द की वजह से खाना-पीना नहीं कर पा रहे हैं. लगातार उबकाई और उल्टी हो रही है. पेट फूल गया है. ऐसी कंडीशन में सिर्फ दवाओं से इलाज काफी नहीं होता.
अगर कोई कॉम्प्लिकेशन हो गया है. जैसे पेशाब में बहुत खून आ रहा है. बुखार आ रहा है. पेशाब का इंफेक्शन (UTI) हो गया है, तो ये इमरजेंसी है.
जिन लोगों को पहले से कुछ बीमारियां हैं. जैसे अनियंत्रित डायबिटीज़, दिल की बीमारी या कोई ऐसी बीमारी जो स्टोन की वजह से बढ़ सकती है. ऐसे लोगों में किडनी स्टोन की समस्या और गंभीर हो सकती है. अगर स्टोन काफी समय से फंसा हुआ है और दवाओं के बावजूद बाहर नहीं निकल रहा है. तब ऐसे मामलों में ऑपरेशन की ज़रूरत पड़ सकती है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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