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फोन पर सही से टाइप न कर पाना भी स्ट्रोक का लक्षण! डॉक्टर से जानें डिस्टेक्स्टिया क्या होता है

Dystextia: एक रिपोर्ट के मुताबिक एक महिला में स्ट्रोक का जो सबसे शुरुआती लक्षण दिखा, वो था मैसेज ठीक से टाइप न कर पाना. इसी समस्या को डिस्टेक्स्टिया कहा जाता है. डॉक्टर से इसके सिम्प्टम और इलाज के बारे में सब जानिए.

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डिस्टेक्स्टिया का जितनी जल्दी पता चल जाए, इससे ठीक होने के चांस उतने ही ज्यादा रहते हैं

25 साल की एक प्रेग्नेंट महिला ने अपने पति को कुछ अजीब टेक्स्ट भेजे. ये टेक्स्ट बच्चे की डिलीवरी डेट को लेकर थे, और समझ से बाहर थे. परेशान पति उसे तुरंत हॉस्पिटल लेकर गया. जहां जांच के बाद पता चला कि महिला को स्ट्रोक हुआ था. ये केस छपा है जामा न्यूरोलॉजी नाम के जर्नल में. 

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डॉक्टर्स के मुताबिक, महिला 11 हफ्ते की प्रेग्नेंट थी और पूरी तरह हेल्दी थी. वो अपने डॉक्टर के पास रेगुलर चेकअप के लिए गई थी. बाद में पता चला कि वहां भी उसे फॉर्म सही तरह से भरने में परेशानी हो रही थी. महिला ने ये भी बताया कि उसी सुबह कुछ मिनटों के लिए उसके दाएं हाथ और पैर में अचानक कमज़ोरी महसूस हुई. हालांकि वो थोड़ी देर बाद ठीक हो गई. इसलिए उसने इसे गंभीरता से नहीं लिया, और किसी डॉक्टर को भी नहीं दिखाया.

महिला में स्ट्रोक का जो सबसे शुरुआती लक्षण दिखा, वो था मैसेज ठीक से टाइप न कर पाना. इसी समस्या को डिस्टेक्स्टिया कहा जाता है. आज हम  इसी पर चर्चा करेंगे. अव्वल तो डॉक्टर से समझेंगे कि स्ट्रोक के सामान्य लक्षण क्या हैं? फिर पता करेंगे कि डिस्टेक्स्टिया क्या है? ये क्यों होता है और इसका इलाज क्या है?

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डिस्टेक्स्टिया क्या होता है?

इसे लेकर हमने एक डॉक्टर राहुल चावला से बात की. उन्होंने बताया- 

- आजकल मोबाइल फोन का इस्तेमाल बहुत ज़्यादा बढ़ गया है

- लोग मोबाइल पर काफी ज़्यादा टेक्स्टिंग करते हैं

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- ऐसे में कुछ मरीज़ों में सिर्फ मैसेज टाइप करने में दिक्कत होती है

- इसी समस्या को डिस्टेक्स्टिया कहा जाता है

- यानी मरीज़ को मैसेज टाइप करते समय सही तरीके से वाक्य बनाने में परेशानी होती है

- मरीज शब्दों को सही क्रम में नहीं लिख पाता

- टाइप करते समय शब्द बिखरे हुए या गलत क्रम में आ सकते हैं

- जैसे अगर मरीज़ लिखना चाहता है, 'I want to come home today early'

- तो वह टाइप कर सकता है, 'raining tonight early'

- यानी शब्द अलग-अलग सही हो सकते हैं, लेकिन पूरा वाक्य समझ में नहीं आता

- इसे डिस्टेक्स्टिया कहा जाता है

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डॉ. राहुल चावला, कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट, आईएसआईसी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नई दिल्ली.

डिस्टेक्स्टिया क्यों होता है?

- डिस्टेक्स्टिया दिमाग की भाषा से जुड़े हिस्से में गड़बड़ी की वजह से हो सकता है

- खासकर दिमाग के लेफ्ट साइड के कुछ हिस्सों के प्रभावित होने पर ये समस्या दिख सकती है

- अगर लक्षण अचानक शुरू हों, तो ये स्ट्रोक का संकेत हो सकता है

- इसके अलावा, दिमाग में गांठ या सूजन होने पर भी ऐसे लक्षण हो सकते हैं

- लेकिन उस स्थिति में लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं

- पहले न्यूरोलॉजी की पढ़ाई में डिस्टेक्स्टिया का ज़्यादा ज़िक्र नहीं होता था, क्योंकि 15-20 साल पहले टेक्स्टिंग इतनी आम नहीं थी

- इसलिए स्ट्रोक की पहचान बोलने और लिखने के आधार पर की जाती थी

- लेकिन अब मोबाइल और सोशल मीडिया के ज़्यादा इस्तेमाल की वजह से ये लक्षण भी सामने आने लगे हैं

- कई बार मरीज़ में सबसे पहला संकेत यही होता है कि वो ठीक से मैसेज टाइप नहीं कर पाता

- इसका मतलब हो सकता है कि स्ट्रोक की शुरुआत हो रही है

- अगर समय पर इलाज न मिले, तो लक्षण बढ़ सकते हैं

- बाद में मरीज़ को गंभीर स्ट्रोक हो सकता है

- जिसमें हाथ-पैर काम करना बंद कर सकते हैं

- आवाज लड़खड़ा सकती है

डिस्टेक्स्टिया का इलाज

- अगर अचानक डिस्टेक्स्टिया जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए

- जांच कराकर स्ट्रोक की संभावना को चेक करना ज़रूरी है

- अगर मरीज़ सही समय पर अस्पताल पहुंच जाए

- यानी करीब 3 से साढ़े 4 घंटे के अंदर, और जांच में दिमाग में थक्के का पता चलता है

- तब मरीज़ को थक्का घुलाने वाली दवाएं दी जा सकती हैं

- इसलिए अचानक मैसेज टाइप करने में परेशानी होना, स्ट्रोक का शुरुआती संकेत हो सकता है

जब भी हम स्ट्रोक की बात करते हैं, तो दिमाग में आता है- आवाज़ में लड़खड़ाहट, चेहरे में टेढ़ापन, हाथ-पैर काम न करना, चलने में लड़खड़ाहट. ये सभी स्ट्रोक के लक्षण हैं, पर कभी-कभार मरीज़ को ठीक से लिखने, ठीक से टाइप करने में भी दिक्कत आती है. इसलिए ऐसे किसी भी लक्षण को इग्नोर न करें.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

वीडियो: सेहत: अचानक कम सुनाई दे रहा? तुरंत डॉक्टर के पास भागें

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