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झुर्रियां 'गायब' करने वाले सप्लीमेंट्स काम भी करते हैं? डॉक्टर ने सच बता दिया

कोलेजन एक प्रोटीन है, जो हमारी स्किन, बालों, हड्डियों, जोड़ों और आंतों में पाया जाता है. इसके सप्लीमेंट लेने के खूब फायदे हैं.

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झुर्रियां मिटाने के लिए कई लोग कोलेजन सप्लीमेंट लेते हैं

जब उम्र बढ़ती है तो चेहरे पर पड़ने लगती हैं झुर्रियां. यानी रिंकल्स. ये बहुत ही नॉर्मल बात है. सबके चेहरे पर झुर्रियां पड़ती हैं. पर कई लोग इन झुर्रियों को रोकने, उन्हें पूरी तरह खत्म करने की कोशिश करते हैं. इसके लिए वो सहारा लेते हैं कोलेजन सप्लीमेंट का. कोलेजन एक प्रोटीन है, जो हमारे शरीर में पाया जाता है. ये स्किन को लचीला बनाए रखता है. उसमें कसाव भी लाता है. मगर जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, कोलेजन कम होने लगता है. 

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इसका पहला असर दिखता है स्किन पर. आपकी स्किन ढीली पड़ने लगती हैं. झुर्रियां आने लगती हैं इसलिए लोग कोलेजन सप्लीमेंट लेना शुरू करते हैं. पर क्या कोलेजन सप्लीमेंट से झुर्रियां एकदम खत्म की जा सकती हैं? चलिए समझते हैं. ये भी पता करेंगे कि कोलेजन क्या है? इसके सप्लीमेंट लेने की ज़रूरत क्यों पड़ती है. कौन-सा कोलेजन सप्लीमेंट सबसे अच्छा है. इसे कब और कितनी मात्रा में लेना चाहिए? और क्या कोलेजन सप्लीमेंट के साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं? 

कोलेजन क्या है? इसके सप्लीमेंट की ज़रूरत क्यों?

इस बारे में बता रही हैं डॉक्टर स्तुति खरे. एमडी, डर्मेटोलॉजिस्ट, फाउंडर, नॉन सर्जिकल हेयर ग्रोथ बूस्टर एंड एलिमेंट्स ऑफ एस्थेटिक्स.

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डॉ. स्तुति खरे शुक्ला, डर्मेटोलॉजिस्ट, हेयर ट्रांसप्लांट सर्जन एंड फाउंडर, एलिमेंट्स ऑफ एस्थेटिक्स

डॉक्टर स्तुति बताती हैं कि कोलेजन एक प्रोटीन है जो हमारी स्किन, बालों, हड्डियों, जोड़ों और आंतों में पाया जाता है. कोलेजन के बहुत फायदे हैं. ये एक स्ट्रक्चरल प्रोटीन है, जो स्किन का टेक्सचर सुधारता है. स्किन में कसाव बढ़ाता है. उसे लचीला बनाए रखता है. 20–25 साल की उम्र के बाद शरीर में कोलेजन बनना धीरे-धीरे कम होने लगता है. इसलिए हमें प्रोटीन और कोलेजन के अच्छे सोर्स अपने खाने में शामिल करने चाहिए. आजकल स्ट्रेस और अधूरी डाइट के कारण शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता. ऐसे में कई बार सप्लीमेंट लेना ज़रूरी हो जाता है. आप कोलेजन के सप्लीमेंट ले सकते हैं. बस ये ध्यान रखें कि हमेशा हाइड्रोलाइज़्ड कोलेजन ही लें.

कोलेजन सप्लीमेंट से झुर्रियां खत्म हो जाती हैं?

डॉक्टर स्तुति ने बताया कि कोलेजन एक सीमा तक स्किन को बेहतर बना सकता है. ये स्किन को लचीला बनाने, कसाव लाने और उसका टेक्स्चर सुधारने में मदद करता है लेकिन ये हमेशा के लिए झुर्रियां खत्म नहीं कर सकता. कोलेजन सप्लीमेंट का असर दिखने में 2 से 3 महीने का समय लगता है. आमतौर पर डॉक्टर रोज़ लगभग 10 ग्राम कोलेजन लेने को कहते हैं. इससे स्किन में धीरे-धीरे हल्का बदलाव दिखना शुरू होता है. कई लोगों में अच्छा फर्क 6 महीने के बाद दिखाई देता है. लगभग 100 में से 90 लोगों को कुछ न कुछ सुधार ज़रूर दिखता है लेकिन कोलेजन सप्लीमेंट लेने से झुर्रियां पूरी तरह गायब नहीं होतीं. फिर भी इसमें अच्छा खासा सुधार देखा जा सकता है.

कोलेजन स्किन में हाइड्रेशन यानी नमी बढ़ाता है. ये पानी को एब्ज़ॉर्व करके स्किन को भरा हुआ बनाता है. इससे स्किन ज़्यादा जवान दिखती है, उसका टेक्सचर सुधरता है और झुर्रियां धीरे-धीरे कम दिखाई देने लगती हैं.

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 कोलेजन स्किन को लचीला बनाने, कसाव लाने और उसका टेक्सचर सुधारने में मदद करता है
कौन-सा कोलेजन सप्लीमेंट सबसे अच्छा?

डॉ. स्तुति के मुताबिक, कोलेजन सप्लीमेंट लेते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है. सबसे बड़ी गलती ये होती है कि लोग कोलेजन का सोर्स नहीं देखते. वो ये भी नहीं देखते कि कोलेजन किस टाइप का है? सबसे अच्छा कोलेजन सप्लीमेंट हाइड्रोलाइज़्ड कोलेजन को माना जाता है इसलिए हमेशा इसे ही चुनें. कोलेजन का सोर्स समझना भी ज़रूरी है. पश्चिमी देशों में बोवाइन कोलेजन (गाय से मिलने वाला) बहुत पॉपुलर है लेकिन भारत में लोग इसे ज़्यादा पसंद नहीं करते इसलिए मछली से मिलने वाला मरीन कोलेजन एक अच्छा ऑप्शन है. 

नॉन-वेजिटेरियन लोग इसे इस्तेमाल कर सकते हैं. वेजिटेरियन लोगों के लिए प्रोटीन के दूसरे सोर्स मौजूद हैं. आमतौर पर बोवाइन और मरीन कोलेजन अच्छे माने जाते हैं. इनसे बेहतर रिज़ल्ट मिलता है. अगर आप कोलेजन के साथ विटामिन C लेंगे तो इसका एब्ज़ॉर्प्शन बढ़ेगा. कई लोगों को अच्छे रिज़ल्ट इसलिए नहीं मिलते क्योंकि कोलेजन सही से एब्ज़ॉर्व नहीं हो पाता. इसलिए कोलेजन सप्लीमेंट को विटामिन C के साथ लेना ज़रूरी है. कोलेजन सप्लीमेंट कम से कम 10 ग्राम रोज़ लेना चाहिए. इसे आप खाने के बाद पानी में घोलकर ले सकते हैं. चाहे तो दूध, दही या जूस के साथ भी इसे ले सकते हैं.

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किडनी के मरीज़ों को डॉक्टर से पूछने के बाद ही कोलेजन सप्लीमेंट लेना चाहिए
कोलेजन सप्लीमेंट के साइड इफेक्ट

अगर आपको पहले से पेट से जुड़ी समस्या है, जैसे पेट दर्द, कब्ज़ या दस्त. तब कोलेजन सप्लीमेंट या तो कम मात्रा में लें या फिर डॉक्टर से पूछने के बाद लें. कुछ लोगों को कोलेजन से जीआई टॉलरेंस हो सकता है, यानी पेट और आंत इसे अच्छे से सहन नहीं कर पाते. इससे सप्लीमेंट लेने के बाद कब्ज़, दस्त या पेट में मरोड़ हो सकती है. ये कोलेजन का एक सामान्य साइड इफेक्ट माना जाता है. 

किडनी के मरीज़ों को भी कोलेजन सप्लीमेंट सोच-समझकर लेना चाहिए. कोलेजन एक प्रोटीन है और किडनी कमज़ोर होने पर प्रोटीन ठीक से फिल्टर नहीं कर पाती. ऐसा होने पर किडनी को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए इन बातों का ध्यान रखते हुए ही कोलेजन सप्लीमेंट लें. कोलेजन सप्लीमेंट कोई जादू नहीं है कि इसे लिया और झुर्रियां गायब. हां, ये झुर्रियों को कम ज़रूर कर सकता है. पर उन्हें जड़ से नहीं मिटा सकता.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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