बीते सोमवार को देश भर में 15 अगस्त के दिन 76वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया. सुबह से ही देश के अलग-अलग हिस्सों से झंडा फहराने की तस्वीरें सामने आईं लेकिन शाम होते-होते सांप्रदायिक दावे के साथ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. वीडियो में स्कूल के कुछ बच्चे हैं, जो अलग-अलग गेटअप में दिख रहे हैं. 30 सेकेंड के वीडियो में साड़ी पहने हुए लड़की के सिर से एक लड़का मुकुट हटा देता है और फिर पास में खड़ी लड़की सफेद रंग का कपड़ा उसके सिर पर डाल देती है. इसके बाद लड़की समेत सभी बच्चे नमाज़ पढ़ने लगते हैं. वीडियो को शेयर कर दावा है कि भारत माता पहले मुकुट पहने खड़ी थीं लेकिन बाद में उन्हें हिजाब पहनाकर नमाज़ पढ़वाई गई.
बच्चों के नाम पर भारत माता का अपमान बताकर सुदर्शन न्यूज़ ने सांप्रदायिकता फैलाई
दावा है कि वीडियो में भारत माता का अपमान किया गया है.


सुदर्शन न्यूज़ और इसके एडिटर-इन-चीफ सुरेश चव्हाणके ने वायरल वीडियो ट्वीट कर लिखा, (आर्काइव)
भारत मां के सिर का मुकुट हटा कर पहना दिया हिजाब.

सुदर्शन न्यूज़ से जुड़े जितेन्द्र प्रताप सिंह ने वीडियो ट्वीट कर लिखा,
भारत माँ के सिर का मुकुट हटाकर पहना दिया हिजाब। मंच से अदा कराया नमाज! वीडियो "शिशु भारतीय विद्यालय" मालवीय नगर ऐशबाग लखनऊ का है. राष्ट्रीय पर्व पर जिहाद और अलगाववाद के इस एजेंडे से आपको क्या समझ आया ?
ट्विटर से इतर फेसबुक यूज़र भी वायरल वीडियो को इसी दावे के साथ शेयर कर रहे हैं.

'दी लल्लनटॉप' ने वायरल दावे का सच जानने के लिए पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. पूरे वीडियो में से एक हिस्से को काटकर सांप्रदायिक एंगल दिया जा रहा है.
वीडियो के बारे में सर्च करने पर हमें लखनऊ पुलिस का एक ट्वीट मिला. 15 अगस्त की शाम को किए गए इस ट्वीट में वायरल वीडियो का लंबा वर्जन मौजूद है. पुलिस ने वीडियो को नाटक बताते हुए लिखा,
छोटे बच्चों द्वारा सांप्रदायिक सौहार्द हेतु प्रस्तुत नाटिका का सम्पूर्ण वीडियो,जिसको कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गलत ढंग से प्रचारित कर सांप्रदायिक द्वेष फैलाने का अपराधिक कृत्य किया गया है. ऐसे लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

2 मिनट 18 सेकेंड के वीडियो को अंत तक देखने पर पता चलता है कि भारत माता बनी बच्ची ने बारी-बारी से अलग-अलग धर्मों के रीति-रिवाज से प्रार्थना की है. इसी क्रम में इस्लामिक तौर-तरीके से नमाज़ अदा की गई थी.
घटना के बारे में थोड़ा और अधिक सर्च करने पर हमें 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' से जुड़े पत्रकार अरविंद चौहान का ट्विटर थ्रेड मिला. 15 अगस्त के इस थ्रेड में अरविंद ने नाटक का पूरा वीडियो, नाटक को तैयार करने वाली टीचर प्रगति निगम और लखनऊ के डीसीपी वेस्ट एस. चिनप्पा की बाइट ट्वीट की है.
स्कूल टीचर प्रगति निगम के मुताबिक,
'शेयर किया जा रहा वीडियो गलत है, मेरा पूरा वीडियो आप देखिए. मैंने चार धर्मों को मिलाने के लिए एक नाटक करवाया था. मेरा उद्देश्य किसी भी धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था. जिन्होंने भी अधूरा वीडियो ट्वीट किया है, मैं उनसे नाराज हूं. मुझे लगता है कि ऐसे लोगों का उद्देश्य हमारे विद्यालय को बदनाम करना है. मेरा सभी से आग्रह है कि आप सबसे पहले पूरा वीडियो देखें.'
इसके अलावा अलग-अलग मीडिया संस्थानों ने घटना पर रिपोर्ट पब्लिश की है. आज तक में छपी 15 अगस्त, 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक,
नतीजा'वायरल वीडियो लखनऊ के बाजार खाला क्षेत्र में मौजूद शिशु भारतीय विद्यालय का है, जिसे गलत दावों के साथ शेयर किया जा रहा है. बाजार खाला के एसएचओ विनोद कुमार यादव ने कहा कि बाजार खाला थाना क्षेत्र के मालवीय नगर स्थित शिशु भारतीय विद्यालय में 'भारत के चार सपूत' नाम से नाटक का आयोजन किया गया था. इसमें बच्चों द्वारा झगड़ा फसाद न करने और सामाजिक सौहार्द्र बनाए रखने का संदेश दिया गया. इसके अधूरे वीडियो को ट्वीट करके भ्रम फैलाने का काम किया गया.'
कुल मिलाकर जिस वीडियो को शेयर कर भारत माता के अपमान का दावा किया जा रहा है, वो वीडियो अधूरा है. पूरा वीडियो लखनऊ के एक स्कूल में हुए नाटक का है, जिसका मंचन 15 अगस्त को किया गया था. पूरे वीडियो में भारत माता बनी बच्ची ने चारों धर्मों के हिसाब से प्रार्थना की थी, लेकिन वायरल वीडियो में सिर्फ नमाज़ अदा करते हुए दिखाया गया है.
पड़ताल की वॉट्सऐप हेल्पलाइन से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
ट्विटर और फेसबुक पर फॉलो करने के लिए ट्विटर लिंक और फेसबुक लिंक पर क्लिक करें.
वीडियो: 5G स्पेक्ट्रम नीलामी में घाटा बताकर वायरल स्क्रीनशॉट का सच













.webp?width=275)







