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पड़ताल: किसान आंदोलन में इस बुजुर्ग किसान की मौत हो गई है?

सोशल मीडिया पर वायरल है पत्थर पर सिर रखे बुजुर्ग की तस्वीर.

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दावा- किसान आंदोलन में एक और बुजुर्ग का निधन हो गया.
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Ram Kumar
राम कुमार शर्मा का फेसबुक पोस्ट

ट्विटर यूज़र ममता
ने भी यही दावा ट्वीट किया है.
Mamta
ट्विटर यूज़र ममता का ट्वीट

(आर्काइव लिंक
)
इसी तरह के बाकी दावे भी आप यहां
और यहां
देख सकते हैं. (आर्काइव लिंक
) (आर्काइव लिंक
) पड़ताल 'दी लल्लनटॉप' ने वायरल तस्वीर की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. वायरल तस्वीर में दिख रहे बुजुर्ग का निधन 1 जुलाई 2020 को किसान आंदोलन शुरू होने से पहले ही हो चुका है.
रिवर्स इमेज़ सर्च के जरिये हमें वायरल तस्वीर लल्ली
नाम के ट्विटर अकाउंट पर मिली. इस तस्वीर को 1 जुलाई 2020 को ट्वीट किया गया है. अंग्रेजी में लिखे कैप्शन के मुताबिक़-
"बठिंडा थर्मल पॉवर प्लांट के बंद होने के विरोध में बुजुर्ग ने आत्महत्या की"
Lalli
ट्विटर यूज़र लल्ली का 1 जुलाई 2020 का ट्वीट

(आर्काइव लिंक
)
इस क्लू के आधार पर सर्च करने पर हमें पंजाब केसरी
की 1 जुलाई 2020 की एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट में बुजुर्ग की तस्वीर वायरल तस्वीर से मेल खा रही है. चुकी घटना आत्महत्या से जुड़ा है इसलिए तस्वीर को ब्लर किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक़, संगरूर के रहने वाले बुजुर्ग थर्मल पॉवर प्लांट के बेचे जाने के फै़सले से दुखी होकर आत्महत्या कर ली.
Punjab Kesri
पंजाब केसरी की रिपोर्ट

(आर्काइव लिंक
)
इस ख़बर की जानकारी हमें इंडियन एक्सप्रेस
अख़बार की 2 जुलाई 2020 की रिपोर्ट में भी मिली. रिपोर्ट के मुताबिक़, चीमा गांव के रहने वाले जोगिंदर सिंह का निधन प्रदर्शन करते हुए 1 जुलाई 2020 को 10 बजे हो गया. हालांकि उनका पोस्टमार्टम नहीं हुआ, मगर भारतीय किसान यूनियन (उग्राहां) के उनके साथियों ने बताया कि जोगिंदर सिंह ने आत्महत्या कर ली. सुबह जब वो 7 बजे धरना स्थल पर आए थे तब उनके हाथ में एक तख्ती थी. तख्ती पर लिखा था-
"मैं थर्मल प्लांट के जमीन बेचे जाने के विरोध में अपनी जिंदगी कुर्बान करता हूं."
Indian Express
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट

(आर्काइव लिंक
)
इंडिया टुडे
की 20 सितंबर 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक़, कृषि बिल लोकसभा से 16 सितंबर और राज्यसभा से 19 सितंबर को पास हुआ था. राष्ट्रपति ने 27 सितंबर को बिल पर दस्तख़त कर उसे मंजूरी दी थी.
(आर्काइव लिंक
)
आपको बता दें कि देश में चल रहे किसान आंदोलन में ये स्टोरी लिखे जाने तक 106 से ज़्यादा किसानों की जान जा चुकी है.
साफ़ है जिस बुजुर्ग के किसान आंदोलन में शहीद होने की बात कही जा रही उनका निधन 1 जुलाई 2020 को ही किसान आंदोलन शुरू होने से पहले हो चुका है. नतीजा हमारी पड़ताल में बुजुर्ग की तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. जिस बुजुर्ग के निधन को देश में चल रहे किसान आंदोलन से जोड़कर वायरल किया जा रहा है. उनका निधन बठिंडा थर्मल पॉवर प्लांट की जमीन बेचे जाने के विरोध प्रदर्शन के दौरान 1 जुलाई 2020 को हुआ था.

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