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'एवेंजर्स: डूम्सडे': कहानी दुनिया की सबसे महंगी फिल्म के बनने की, जो MCU को बचाएगी या बर्बाद कर देगी

'एवेंजर्स: एंडगेम' के बाद ऐसा क्या बदला कि MCU वालों को अपने सबसे बड़े सुपरहीरो को, यूनिवर्स के सुपरविलन के तौर पर बुलाना पड़ा.

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'एवेंजर्स: डूम्सडे' 18 दिसंबर को 'ड्यून 3' से टकराएगी.

खुशी. दुख. राहत. गुस्सा. शंका. और सबसे अधिक? कन्फ्यूजन. ये वो तमाम इमोशंस थे, जो मार्च 2025 में दर्शकों के दिमाग में चकरघिन्नी की तरह एक साथ घूम रहे थे. क्यों? क्योंकि Marvel ने दुनिया की सबसे महंगी फिल्म Avengers: Doomsday की पूरी स्टारकास्ट रिवील कर दी थी. सबसे बड़ी बात ये कि Robert Downey Jr. और Chris Evans, जो दशक भर से Ironman और Captain America बने हुए थे, वो भी इसमें वापसी कर रहे थे. इन दो एक्टर्स ने Avengers: Endgame के बाद मार्वल को अलविदा कह दिया था. पब्लिक उनकी वापसी से खुश तो थी. मगर उनके दिमाग में एक बड़ा सवाल कौंध रहा था. आखिर क्यों दुनिया की सबसे बड़ी सुपरहीरो फ्रैंचाइज़ को सालों बाद ट्रक भर-भरके अपने पुराने एक्टर्स बुलाने पड़े? क्यों उन्हें RDJ और क्रिस एवंस को बुलाने की ज़रूरत पड़ गई? आइए आज इन सवालों के साथ ‘एवेंजर्स: डूम्सडे’ के बनने की पूरी कहानी तफ्सील से समझते हैं.

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आमतौर पर इतने सुपरहीरोज़ का किसी फिल्म में साथ आना, लोगों के लिए एक बड़े त्योहार जैसा होता है. मगर 'डूम्सडे' के केस में ये मार्वल को बचाने की इमरजेंसी मीटिंग सरीखी लगती है. साल 2008 में रॉबर्ट डाउनी जूनियर ने पहली बार 'आई एम आयरनमैन' कहा था. तबसे लेकर 2019 के 'एवेंजर्स: एंड गेम' में उनके दोबारा ये शब्द दोहराने तक, मार्वल ने खूब मलाई खाई थी. मगर ‘एंडगेम’ के बाद मार्वल की हालत खस्ता हो गई. आयरनमैन की मौत के बाद इस यूनिवर्स का पूरा स्ट्रक्चर ही भरभराकर गिर पड़ा.

# ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ के बाद क्या बदला?

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‘एंडगेम’ के साथ रॉबर्ट डाउनी जूनियर के 'आयरनमैन' की कहानी पूरी हो गई. क्रिस एवंस का पात्र स्टीव रोजर्स रिटायर हो गया. स्कारलेट योहानसन के किरदार की मौत हो गई. मार्क रफेलो का हल्क एकदम सुस्त हो गया. अगले कुछ सालों में चीजें इस कदर बिगड़ीं कि मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स (MCU) को आइडेंटिटी क्राइसिस होने लगा. इसके जिम्मेदार खुद MCU वाले ही थे. उन्होंने एक के बाद एक इतनी फिल्में, सीरीज़ और स्पेशल शोज़ निकाले कि पब्लिक में उनकी फिल्मों को लेकर उत्साह कम होता चला गया. फिल्मों को लार्जर दैन लाइफ बनाने के चक्कर में मेकर्स का अपने फैनबेस से ही इमोशनल कनेक्शन टूट गया. नतीजतन, जो दर्शक कल तक मार्वल की फिल्मों को सिलेबस की तरह पढ़ रहे थे, आज उन्हें ये सुध भी नहीं रही कि आगे MCU की कौनसी फिल्म आने वाली है.  

'आयरनमैन' से लेकर 'एवेंजर्स: एंडगेम' के बीच मार्वल का कोर फैनबेस काफी लॉयल था. क्योंकि इन फिल्मों के साथ इसके दर्शक भी बड़े हो रहे थे. लोगों के लिए RDJ ही आयरनमैन थे और क्रिस एवंस ही कैप्टन अमेरिका. क्रिस हेम्सवर्थ को देख जनता यही सोचती कि यदि ऑडिन का बेटा, लोकी का भाई और एस्गार्ड का रखवाला थॉर कहीं होगा, तो बिल्कुल ऐसा ही दिखता होगा. लोग सुपरहीरोज़ के कॉस्टयूम से ज्यादा उन एक्टर्स से कनेक्ट करने लगे, जिन्होंने उन्हें पहना था. इसलिए जब 'एंडगेम' में RDJ ने 'आई एम आयरनमैन' कहते हुए थैनॉस की सेना का सर्वनाश किया, तो लोगों ने किरदार से ज्यादा उस एक्टर के लिए आंसू बहाए.

# नए किरदारों से इमोशनल डिटैचमेंट

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'एंडगेम' के बाद मार्वल को लगा कि लोग नए सुपरहीरोज़ से भी उसी तरह अटैच हो जाएंगे. लेकिन ऐसा कभी हुआ ही नहीं. 'द फैल्कन एंड द विंटर सोल्जर' (2021) सीरीज़ में जब एंथनी मैकी नए कैप्टन अमेरिका के रूप में गुलाटी मारते दिखे, तो लोग उन पर भड़क गए. 'वांडा-विज़न' सीरीज़ चर्चा में आई और आकर चली भी गई. 'शांग-ची' (2021) और 'मून नाइट' (2022) के किरदारों को लोगों ने प्यार दिया. मगर पहले वाली बात नहीं रही. 'मून नाइट' में ऑस्कर आइजैक का काम देख फैंस को उम्मीद थी कि वो और देखेंगे. मगर मेकर्स इसका दूसरा सीजन नहीं बनाया. हालांकि कुछ समय पहले जानकारी मिली है कि मून नाइट को 'मिडनाइट सन्स' (2028) फिल्म में लाया जाएगा. लेकिन तब तक ये किरदार अपने प्राइम छह साल बर्बाद कर चुका होगा. 

# अनगिनत कैरेक्टर्स और कहानियों की खिचड़ी

दूसरी तरफ़ मार्वल ने थोक के भाव पर फिल्में, सीरीज़ और कैरेक्टर्स इन्ट्रोड्यूस किए. एक्टर फ्लॉरेंस प्यू नई ब्लैक विडो बनीं. 'हॉकआई' सीरीज़ में केट बिशप के कैरेक्टर ने तीर-कमान संभाले. 'मिस मार्वल' और 'शी-हल्क' जैसे शोज़ लोगों को टुकड़ों में ही पसंद आए. 'शी-हल्क' तो लोगों को बस इसलिए याद है क्योंकि उसमें डेयरडेविल ने कैमियो किया था. 'एटर्नल्स' को एक समय पर 'एवेंजर्स' लेवल का सिनेमा बताया जा रहा था. उसमें रिचर्ड मैडन, कुमैल ननजियानी, सलमा हायेक, डॉन ली और एंजेलिना जॉली जैसे एक्टर्स साथ आए थे. मगर फिल्म नहीं चली. लोगों से काफी बैकलैश भी मिला. 'थंडरबोल्ट्स' को केवल क्रिटिक्स ने पसंद किया, बॉक्स ऑफिस ने नहीं. 'फैंटास्टिक फोर: फर्स्ट स्टेप्स', 'कैप्टन अमेरिका: ब्रेव न्यू वर्ल्ड', 'द मार्वल्स' और 'ब्लैक पैंथर: वकांडा फॉरएवर' ने नए कैरेक्टर्स इन्ट्रोड्यूस किए. मगर ये मूवीज़ वो असर नहीं छोड़ पाईं जो 'एंडगेम' से पहले की मूवीज़ कर रही थीं. 

# मगर सब कुछ इतना भी बुरा नहीं

ऐसा नहीं है कि पोस्ट एंड गेम फेज़ में मार्वल के लिए सब बुरा ही हुआ. 'स्पाइडरमैन: नो वे होम' में टॉम हॉलैंड वाले स्पाइडमैन की मदद के लिए जब टोबी मैग्वायर और एंड्रू गारफील्ड आए, तो थिएटर्स फट पड़े. 'डेडपूल एंड वुल्वरिन' में रायन रेनॉल्ड्स और ह्यू जैकमैन ने फैंस की बरसों पुरानी मुराद पूरी कर दी. सबसे खास था 'लोकी' सीरीज़ में टॉम हिडल्सस्टन का कैरेक्टर आर्क. यदि मार्वल ने इस फेज़ में कोई सबसे अच्छा फैसला लिया, तो वो था लोकी के दो सीजन रिलीज़ करना. ये मार्वल इतिहास की सबसे बेहतरीन वेब सीरीज़ बनकर उभरी. ‘गार्डियंस ऑफ द गैलेक्सी 3’ को भी ठीक-ठाक रिस्पॉन्स मिला. मगर इन चुनिंदा नामों को छोड़ दें तो MCU को कोविड से पहले वाला माहौल नहीं मिला. 

# ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ में दुनिया बचाने वाले हीरोज़ अपनी फिल्में भी बचा नहीं पाए 

मार्वल को सबसे बड़ी चोट इस चीज़ ने पहुंचाई कि इस यूनिवर्स के कुछ सबसे बेहतरीन कैरेक्टर्स की फिल्में बिल्कुल चौपट हो गईं. Ant-Man and the Wasp: Quantumania, 'डॉक्टर स्ट्रेंज इन द मल्टीवर्स ऑफ मैडनेस' और 'थॉर: लव एंड थंडर' तो मार्वल की सबसे खराब फिल्मों में गिनी गईं. अब जब 'एंडगेम' का युद्ध लड़ चुके इन सीनियर कैरेक्टर्स का ये हाल है, तो बाकियों से उम्मीद की भी क्या की जाए. 'डेयरडेविल' और 'पनिशर' जैसे कैरेक्टर्स के नेटफ्लिक्स सीरीज़ का कल्ट फैनबेस है. मगर मार्वल ने इन्हें जहां-तहां इस्तेमाल कर इनका इम्पैक्ट घटा दिया गया. जियो हॉटस्टार ने भी इन किरदारों को कुछ कम नुकसान नहीं पहुंचाया. उनकी कम-से-कम खून दिखाने की पॉलिसी ने इन दोनों कैरेक्टर्स के खूंखार एक्शन को काफी डाउनग्रेड कर दिया. वो भी तब, जब डेयरडेविल और पनिशर इसके कारण ही ज्यादा फेमस हुए थे.

# कहानियां मल्टीवर्स के नए ब्रांच की तरह बेतरतीब हो गईं

कुल जमा बात ये है कि ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ के बाद मार्वल भटक-सा गया. इसकी कहानियां एक-दूसरे से कनेक्टेड होने के बावजूद डिसकनेक्टेड लगने लगीं. पहले कोई एकाध फिल्में स्किप भी कर देता, तब भी वो यूनिवर्स का सेंट्रल नैरेटिव समझ जाता था. लोगों को पता था कि थैनॉस आने वाला है. इंफिनिटी स्टोन जरूरी हैं. तब कहानी के केंद्र में एवेंजर्स हुआ करते थे. लेकिन अब मल्टीवर्स के नाम पर जब-तब इतने कैरेक्टर्स जोड़ दिए गए हैं कि किरदार और कहानी किसी एक डायरेक्शन में आगे नहीं बढ़ते. तिस पर अलग-अलग टाइमलाइन्स ने लोगों को कंफ्यूज़ कर दिया.   

# जब रातों-रात मार्वल ने अपना अगला सुपरविलन खो दिया 

मगर मार्वल की सबसे बड़ी समस्या ये नहीं, बल्कि 'कैंग' था. जोनाथन मेजर्स का किरदार ‘कैंग द कॉनकरर’ MCU का अगला मेन विलन था. वो विलन, जिसे मार्वल ने डॉक्टर डूम से भी कहीं पहले प्लान किया था. 'एंडगेम' के बाद की फिल्में व सीरीज़ 2026 में 'एवेंजर्स: द कैंग डायनेस्टी' की ओर बढ़ने वाली थीं. 'लोकी' और Ant-Man and the Wasp: Quantumania में लोगों ने कैंग के अलग-अलग वैरिएंट्स की झलक देख ली. देखा जाए तो एक वक्त तक सब ठीक ही जा रहा था. मगर फिर अचानक बड़ा बम फटा. जोनाथन मेजर्स अरेस्ट कर लिए गए. पता चला कि उन्होंने अपनी एक्स-गर्लफ्रैंड के साथ मारपीट की है. इस बात के लिए काफी हो-हल्ला मचा और मार्वल को रातों-रात उन्हें अपने सभी प्रोजेक्ट्स से बाहर करना पड़ा. साथ ही उन्हें ‘कैंग डायनेस्टी’ को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया. बनी-बनाई फिल्म रिलीज़ नहीं हुई.

कैंग को थैनॉस से कहीं बड़े लेवल का विलन बताया जाता है. मगर जोनाथन मेजर्स के कारण MCU को अपने मेन विलन से हाथ धोना पड़ा. इससे सब कुछ बदल गया. फिल्मों की कहानियां बदलीं, किरदार बदले, टाइमलाइन बदल गया. ये सब उस दौर में हुआ, जब राइवल सिनेमैटिक यूनिवर्स DCU जेम्स गन के डायरेक्शन में रीबूट हो रहा था. वही जेम्स गन, जिन्होंने MCU में 'गार्डियंस ऑफ द गैलेक्सी' फ्रैंचाइज़ को डायरेक्ट किया है. मार्वल वालों के लिए बड़ा अलर्ट था. टॉप लीडरशिप ने देखा कि उनके ज्यादातर फॉर्मूले फेल हो रहे हैं. ऐसे में उन्होंने इमरजेंसी रीसेट बटन दबाने का फैसला किया. खूब माथा-पच्ची करने के बाद टीम ने इस यूनिवर्स को बचाने का एक ब्रह्मास्त्र खोज निकाला, और ये ब्रह्मास्त्र था- 'नॉस्टैलजिया'.  

# नॉस्टैलजिया पर टिका है दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म का भविष्य 

'स्पाइडरमैन: नो वे होम' में टॉम हॉलैंड के साथ दोनों पुराने स्पाइडमैन को लाने का वन्स इन अ जनरेशन रिएक्शन सबने देखा था. 'टॉप गन: मैवरिक' जैसी नॉन-सुपरहीरो फिल्म में भी लोग ऐसा होता देख चुके थे. मार्वल को समझ आ गया कि अगर उन्हें अपना यूनिवर्स बचाना है, तो नॉस्टैलजिया पर ही खेलना पड़ेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि ये न केवल इमोशनली बल्कि फाइनेंशियली भी प्रैक्टिकल मूव था. 'स्पाइडरमैन: नो वे होम' में टोबी मैग्वायर और एंड्रू गारफील्ड सिर्फ इसलिए नहीं आए थे क्योंकि वो किसी अल्टरनेटिव टाइमलाइन से भटक गए थे. बल्कि इसलिए आए क्योंकि मेकर्स को भरोसा था कि लोग इन एक्टर्स को दोबारा देखने के लिए टिकटें खरीदेंगे. और यही हुआ.

अब मार्वल को समझ आ गया था कि पब्लिक को क्या चाहिए. उन्होंने धड़ाधड़ उन एक्टर्स को फोन घुमाया, जो कभी-न-कभी इस यूनिवर्स से कनेक्टेड थे. X-मैन की वापसी हुई. 'स्पाइडरमैन' के वैरिएंट्स पहले से ज्यादा एक्टिव हुए. वेस्ली स्नाइप्स के 'ब्लेड', क्रिस एवंस के 'ह्यूमन टॉर्च' और जेनिफर गार्नर के 'इलेक्ट्रा' जैसे ओल्ड स्कूल कैरेक्टर्स वापस लाए गए. ऐसा नहीं है कि सभी कैरेक्टर्स 'डूम्सडे' के लिए ही आए हैं. कुछ इधर-उधर की मूवीज़ के लिए भी हैं. मगर इनके बहाने मेकर्स ने अंतिम युद्ध की हाइप बढ़ा दी.  

# मजबूरी ने सबसे बड़े सुपरहीरो को ही सबसे बड़ा सुपरविलन बना दिया

लेकिन बड़ा सवाल ये था कि कैंग के बाद मार्वल के इस नए फेज़ का विलन कौन होगा? इसमें डॉक्टर डूम का नाम सबसे आगे था. बताया जा रहा था कि इस किरदार में 'पीकी ब्लाइंडर्स' वाले किलियन मर्फ़ी को कास्ट किया जाएगा. यदि जोनाथन मेजर्स वाला केस नहीं होता, तो मार्वल वाले देर-सवेर ऐसा ही करते. मगर फिर उन्होंने एक ऐसे एक्टर को कास्ट किया, जिससे पूरा खेल बदल गया. 27 जुलाई, 2024 को सैन डिएगो कॉमिक कॉन के मंच पर एक शख्स हरी हूडी और डॉक्टर डूम का मास्क पहनकर आगे आया. लोगों की एक्साइटमेंट के बीच उसने अपना मास्क उतारा. फिर जो चेहरा सामने आया, उसने पूरे इंटरनेट को हिलाकर रख दिया. मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स के अगले सुपरविलेन ‘डॉक्टर डूम’ के रोल में रॉबर्ट डाउनी जूनियर इंट्रोड्यूस किए गए. वही शख्स, जो कल तक MCU का सबसे बड़ा सुपरहीरो था, कल उसका सबसे बड़ा सुपरविलन बन गया. 

मार्वल के इस फैसले ने 'डूम्सडे' को वो हाइप दिलई, जिसकी उसे सख्त जरूरत थी. चुपके से क्रिस एवंस के किरदार स्टीव रोजर्स की भी वापसी कराई गई. लगे हाथ मार्वल के प्रेसिडेंट केविन फाइगी ने एंथनी रूसो और जो रूसो को डायरेक्शन का जिम्मा दे दिया. रूसो ब्रदर्स ही 'एवेंजर्स: इंफिनिटी वॉर' और 'एवेंजर्स: एंडगेम' के डायरेक्टर थे. इन्हीं वजहों से लोगों में 'डूम्सडे' देखने की तगड़ी एक्साइटमेंट हैं. 

 # मार्वल की त्रिमूर्ति पर लगा दुनिया का सबसे बड़ा दांव  

मार्वल ने माहौल ऐसा बनाया कि अब क्रिस हेम्सवर्थ और क्रिस एवंस 'डूम्सडे' में रॉबर्ट डाउनी जूनियर से लड़ते दिखेंगे. इससे पहले ये तीनों एक्टर्स 'एंडगेम' में थैनॉस के खिलाफ साथ लड़े थे. 18 दिसंबर को 'डूम्सडे' सिनेमाघरों में 'ड्यून 3' से टकराएगी. इसमें मार्वल वालों का पलड़ा यदि भारी दिख रहा, तो उसका सबसे बड़ा कारण रॉबर्ट डाउनी जूनियर की वापसी है. यदि वो एक्टर्स दोबारा नहीं लौट रहे होते- तो न मेकर्स इस पर इतने पैसे लगाते. इस फिल्म की इतनी चर्चा होती.    

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'एवेंजर्स: डूम्सडे' के प्रोडक्शन पर 500 मिलियन और मार्केटिंग पर 300 मिलियन खर्च होंगे. 800 मिलियन डॉलर का ये बजट भारतीय रुपयों में 7653.2 करोड़ रुपये के बराबर है. ये बात इसे मार्वल के साथ-साथ दुनिया की सबसे महंगी फिल्म बनाती है. चूंकि इस प्रोजेक्ट में लगभग 30 ए-लिस्ट एक्टर्स हैं, इसलिए उन्हें लाने में खूब पैसे खर्च हुए हैं. बताया जा रहा है कि केवल एक्टर्स की फीस पर ही 2100 करोड़ रुपये लगे हैं. कुल मिलाकर, ये फिल्म हद से ज्यादा बड़ी है. लेकिन देर-सवेर बात घूमकर वहीं आ जाती है. आप तमाम नॉस्टैल्जिया बेच लो. मगर फिल्म की कहानी अच्छी नहीं हुई, तो इस फिल्म और मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स दोनों को कोई नहीं बचा सकता. रॉबर्ट डाउनी जूनियर भी नहीं! 

वीडियो: ‘ड्यून 3’ ने एडवांस बुकिंग से मारी बाज़ी, ‘एवेंजर्स: डूम्सडे’ पर बढ़ा दबाव

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