The Lallantop

घर बैठे देख डालिए नैशनल अवॉर्ड जीतने वाली ये 10 दमदार फिल्में

इनमें कुछ पॉपुलर नाम हैं. बाकी ऐसे नाम हैं जिन्हें खोजकर देखा जाना चाहिए.

Advertisement
post-main-image
लिस्ट में हिंदी, मलयालम और बांग्ला जैसी भाषाओं की फिल्में शामिल हैं.

69th National Awards 2023 अनाउंस किए जा चुके हैं. जीतने वालों में काफी सारी मेनस्ट्रीम फिल्में थीं, फिर चाहे वो हिंदी पट्टी से आई हों या साउथ से. लेकिन उनके बीच कुछ दमदार फिल्में भी जीती हैं. ऐसी फिल्में जिनके बारे में ज़्यादा बात नहीं हुई पर होनी चाहिए थी. इस पॉइंट पर आप पूछ सकते हैं कि अच्छा, ठीक है. समझ गया. लेकिन इसमें मेरा क्या फायदा. मुझे क्या मिल रहा है. तो अगली लाइन आपके लिए ही है. हम आपको बताएंगे कि इस साल नैशनल अवॉर्ड जीतने वाली 10 तगड़ी फिल्मों को आप घर बैठे कहां देख सकते हैं.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

#1. मिमी (हिंदी) 
बेस्ट एक्ट्रेस: कृति सैनन 
बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर: पंकज त्रिपाठी

कहानी है एक लड़की की जो विदेशी कपल के लिए सरोगेट मां बनने को तैयार हो जाती है. आगे उसके लिए मुश्किलें खड़ी होती हैं. ऐसे हालात में मदद मिलती है पंकज त्रिपाठी के कैरेक्टर से. पंकज को यहां अपने काम के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नैशनल अवॉर्ड मिला है. उन्होंने जीत के बाद स्टेटमेंट रिलीज़ कर कहा कि ये उनके लिए दुख की घड़ी है. अगर बाबूजी यहां होते तो बहुत खुश होते. उन्होंने ये अवॉर्ड अपने पिता को समर्पित किया जिनका कुछ दिन पहले ही निधन हुआ है.

Advertisement

कहां देखें: नेटफ्लिक्स

#2. गोदावरी (मराठी)
बेस्ट डायरेक्टर: निखिल महाजन

'सेक्रेड गेम्स' वाले जितेंद्र जोशी ने यहां मज़बूत काम किया. ये फिल्म कहानी बताती हैं एक आदमी की, एक परिवार की और एक नदी की.

Advertisement

कहां देखें: जियो सिनेमा

#3. नायट्टू (मलयालम)
बेस्ट स्क्रीनप्ले राइटर (ओरिजनल) : शाही कबीर 

‘नायट्टू’यानी शिकार, कहानी बताती है उस सिस्टम की जो उन लोगों को ही निगलने से नहीं हिचकिचाता, जिन्होंने उसे बनाया है. यहां भ्रष्ट सिस्टम का शिकार होते हैं तीन पुलिसवाले, जिनके खिलाफ फ़र्ज़ी कारवाई कर उन्हें अरेस्ट करने का प्लान है. उन्हें क्यों अरेस्ट किया जा रहा है, वो इससे कैसे बचते हैं, इन्हीं सब सवालों पर फिल्म खड़ी दिखती है.

कहां देखें: नेटफ्लिक्स

#4. आवासाव्यूहम (मलयालम)
बेस्ट फिल्म ऑन एनवायरनमेंट कंज़र्वेशन/प्रीज़र्वेशन

एक साइंस फिक्शन फिल्म जो दिमाग घूमाकर  रख देगी. कहानी के केंद्र में है जॉय. ऐसा इंसान जिसका प्रकृति से विचित्र किस्म का कनेक्शन है. किसी को उसके आगे-पीछे की खबर नहीं. कहां से आया है. कहां को जाएगा.

कहां देखें: सोनी लिव

#5. छेल्लो शो (गुजराती) 
बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट: भाविन रबाड़ी

‘छेल्लो शो’ एक सिनेप्रेमी और उसके सिनेमा प्रेम की इंटीमेट कहानी है. सिनेमा की ताकत की कहानी है.  डायरेक्टर पान नालन ने अपने व्यक्तिहट अनुभवों को एक-साथ पिरोकर सुंदर फिल्म की शक्ल दी है. भाविन रबाड़ी को देखकर ये एहसास नहीं होगा कि वो पहली बार कैमरा का सामना कर रहे हैं.

कहां देखें: नेटफ्लिक्स

#6. झिल्ली (बांग्ला)
बेस्ट साउंड डिज़ाइनर: अनीश बासु

कुछ ऐसे लोगों की कहानी जिनकी सुबह चमकते सूरज, चहकती चिड़ियाओं से नहीं होती. कचरे की सड़ी बदबू और उसके ऊपर मंडराते कौवों की कर्कश से उनकी आंख खुलती है. ये कहानी है गंदगी में मिलने वाली सबसे सुंदर चीज़ की, इंसानियत की.

कहां देखें: होयचोय टीवी

#7. उप्पेना (तेलुगु) 
बेस्ट डायरेक्टर: बुचीबाबू सना

मछुआरे समुदाय से आने वाले लड़के को गांव के मुखिया की बेटी से प्यार हो जाता है. जातिभेद की क्रूर कहानियां हम पहले भी सुन चुके हैं. ये फिल्म भी उसी दिशा में एक सही कोशिश है.

कहां देखें: नेटफ्लिक्स

#8. कदैसी विवसाई (तमिल) 
बेस्ट तमिल फिल्म

फिल्म के टाइटल का अर्थ है 'आखिरी किसान'. एक बूढ़ा किसान है जो तमाम आधुनिकता के खिलाफ अकेले टिका हुआ है. ये उसी की कहानी है. उसकी लड़ाई है खुद से कई गुना शक्तिशाली और समर्थ प्रॉपर्टी डिवेलपर से. विजय सेतुपति ने भी फिल्म में कैमियो किया था.

कहां देखें: सोनी लिव  

#9. होम (मलयालम) 
बेस्ट मलयालम फिल्म

एक पिता, जो समय के हाथों पिछड़ चुके हैं. जेन ज़ी की भाषा में कहें तो 'टेक सैवी' नहीं रहे. उनके बच्चे उनके साथ समय बिताने की जगह अपने फोन में बिज़ी रहते हैं. ऐसे में वो बस किसी भी तरह अपने बच्चों के साथ कनेक्शन जोड़ना चाहते हैं.      

कहां देखें: अमेज़न प्राइम वीडियो

#10. 777 चार्ली ( कन्नड़ा) 
बेस्ट कन्नड़ा फिल्म

जहां एक तरफ कन्नड़ा फिल्म इंडस्ट्री में KGF जैसी जाइंट बन रही थी, उस बीच ये छोटी-सी, सुंदर-सी फिल्म आई. 777 चार्ली ऐसी फिल्म है जो दिल के कोने में कभी गुदगुदी करती है. कभी उसे पसीजने पर मजबूर कर देती है. ये फिल्म कहानी बताती हैं एक कठोर आदमी और एक कुत्ते की. वो आदमी जो अपनी सारी कठोरता त्याग कर प्यार का असली अर्थ समझता है.

कहां देखें: अमेज़न प्राइम वीडियो

   


  
       

 

वीडियो: ऑस्कर 2023 की वो दमदार फ़िल्में जो एक भी अवॉर्ड नहीं जीत पाईं

Advertisement