कहते हैं वो दुनिया की सबसे स्टाइलिश महारानी थी. वोग मैग्जीन ने भी उन्हें एक बार अपनी 10 सबसे खूबसूरत महिलाओं की सूची में शामिल किया था. पर महारानी खुद को हमेशा साधारण मानती थीं. फिर भी गायत्री देवी का मतलब था इंडिपेंडेंट और मॉडर्न महारानी. महारानी ऑफ जयपुर. कल उनका बर्थडे था. आइए आपको सुनाते हैं, उनकी जिंदगी के ऐसे किस्से, जो बहुत कम लोग जानते हैं.
गिनीज बुक में दर्ज था नाम

गायत्री देवी महारानी थीं. उन्होंने 1962 में चुनाव लड़ा. जयपुर से. अपने पहले ही चुनाव में रिकॉर्ड बना दिया. चुनाव जीता. 1 लाख 75 हजार वोटों के अंतर से. वो भी उस चुनाव में जिसमें वोट देने वाले करीब 2.45 लाख ही थे. 1.95 लाख वोट मिलने और इतनी बड़ी जीत के चलते उनका नाम गिनीज बुक में दर्ज हुआ.
इसके बाद 1967 और 1971 में भी उन्होंने अपनी सीट को बचाए रखा. अबकी उन्होंने सी. राजगोपालाचारी की पार्टी से चुनाव लड़ा. उनके खिलाफ मजबूत उम्मीदवार कांग्रेस का ही था. पर महारानी के सामने कौन ठहर सकता था?
ब्लू पॉटरी कला को बचाया

एक राजस्थानी कला है. जिसे आज हम ब्लू पॉटरी के नाम से जानते हैं. इसका अस्तित्व ही खत्म हो गया होता. अगर महारानी गायत्री देवी ने इसे बचने के लिए प्रयास न किए होते.
ये महारानी ही थीं जिन्होंने मरती हुई इस राजस्थानी कला के संरक्षण का प्रयास किया और उसे नया जीवन दिया. आज ये कला बची हुई है और चलन में है तो महारानी का इसमें बहुत योगदान है.
इमरजेंसी के दौरान जेल गईं
जेल से लौटने के बाद गायत्री देवीजब इमरजेंसी का दौर चल रहा था. बड़े स्तर पर राजनीतिक गिरफ्तारियां हो रहीं थीं. महारानी को एक दिन अचानक उनके बेटे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया. आरोप लगा कि उन्होंने टैक्स के कानूनों का उल्लंघन किया. आरोप बाद में फर्जी निकला. पर महारानी करीब 5 महीने तक जेल में रहीं. जिसके बाद वो बुरी तरह बीमार पड़ गईं. जिसके बाद उनका स्वास्थ्य गिरता ही गया.
29 जुलाई 2009 को 90 साल की उम्र में महारानी गायत्री देवी की मौत हो गई.






















