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मर्डर केस में फरार आमिर-रणवीर सिंह का को-एक्टर 12 साल बाद कैसे अरेस्ट हुआ?

मर्डर केस में फरार हेमंत मोदी की अगली फिल्म सनी देओल स्टारर 'लाहौर 1947' है.

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हेमंत मोदी ने मोहनलाल की 'L2 एम्पुरान' में भी काम किया है.

12 साल पहले एक शख्स मर्डर केस से जुड़े पैरोल पर बाहर आया और फिर कभी वापस नहीं लौटा. लौटना तो दूर, वो फरार हो गया. मगर भागकर वो इधर-उधर नहीं, फिल्म इंडस्ट्री में गया. अगले 12 सालों में वहां उसने कई फिल्मों व वेब शोज़ में काम किया. फिल्में भी कोई छोटी-मोटी नहीं बल्कि Aamir Khan, Amitabh Bachchan, Sunny Deol और Ranveer Singh जैसे एक्टर्स की. मगर राहत की बात ये है कि Ahmedabad Crime Branch (ACB) ने Hemant उर्फ Nagindas Parshottamdas Modi Vaishnav को आखिरकार पकड़ ही लिया.

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# किस केस में जेल गया था हेमंत मोदी?

ACB ऑफिसर PM ढाखरा के मुताबिक, 05 जून 2005 को अहमदाबाद के नरोडा इलाके में नरेंद्र उर्फ नैनो यशवंत कांबले नाम के शख्स की हत्या हुई थी. उस मामले में कोर्ट ने 27 अगस्त 2008 को हेमंत, उसके भाई सचिन और पांच अन्य लोगों को दोषी माना और उम्रकैद की सजा सुना दी. उनके खिलाफ हत्या, मारपीट, दंगा और साजिश जैसी कई गंभीर मामलों में केस दर्ज था.

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# जेल से कैसे भागा?

हेमंत पहले अहमदाबाद के साबरमती सेंट्रल जेल में बंद था. बाद में उसे मेहसाणा जेल भेज दिया गया. करीब 6 साल वहां रहने के बाद गुजरात हाई कोर्ट ने 25 जुलाई 2014 को उसे 30 दिनों की पैरोल दी. पैरोल खत्म होने के बाद उसे वापस जेल में जाकर सरेंडर करना था. लेकिन वो लौटा नहीं और फरार हो गया. ये देख हाई कोर्ट ने उसे ऑफ़िशियली पैरोल जम्पर माने पैरोल तोड़ने वाला भगोड़ा घोषित कर दिया. हालांकि 20 मई 2026 को पुलिस के पास एक टिप आई. उसमें बताया गया कि हेमंत अहमदाबाद वापस आया है. इस तरह 12 साल बाद उसे शहर के घीकांटा मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया गया. सजा पूरी करने के लिए उसे मेहसाणा जेल भेज दिया गया है.

# हेमंत मोदी ने कैसे छिपाई अपनी पहचान?

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यहां तक जो हुआ, वो कुछ खास नया नहीं था. इस तरह के मामले अक्सर सामने आते हैं. मगर जिस बात ने सबको चौंकाया, वो था हेमंत का फिल्मों में काम करना. पैरोल से भागने के बाद वो एक साल तक गुजरात के पाटन जिले में छुपा रहा. साल 2015 में उसने अपना नाम बदलकर ट्विंकल मुकुंद दवे रखा और अहमदाबाद आ गया. वहां वो एक पेइंग गेस्ट के तौर पर रहा और प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने लगा. इसके बाद उसने एक्टिंग में हाथ आजमाने की सोची. थिएटर से शुरुआत की और काफी जल्दी आगे बढ़ गया. साल 2017 तक वो मुंबई पहुंचा, जहां उसे फिल्मों में छोटे-मोटे रोल मिलने लगे. अब बॉलीवुड में उसकी नई पहचान स्पंदन मोदी बन चुकी थी.

# एक जूनियर वकील हत्यारा और एक्टर कैसे बना?

हेमंत को कॉलेज से ही एक्टिंग का शौक था. उसने जर्नलिज़्म की पढ़ाई भी की थी. 2005 में जब वो मर्डर हुआ, उस समय वो एक जूनियर वकील के रूप में काम कर रहा था. उसके भाई सचिन के मुताबिक, मर्डर से ठीक पहले उसने एक सरकारी नौकरी का एग्जाम भी क्लियर कर लिया था. मगर फरार होने के लिए उसने अपने पहले ऑप्शन यानी एक्टिंग को सहारा बनाया. पुलिस ने बताया कि हेमंत हिंदी, गुजराती और कई दूसरी भाषाओं की फिल्मों, वेब सीरीज़, टीवी शोज़ और नाटकों में काफी एक्टिव था. 

# आमिर खान, रणवीर सिंह और सनी देओल की फिल्मों में काम किया?

फिल्मों में आने के बाद उसने आमिर खान, कटरीना कैफ और अमिताभ बच्चन की 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तां' में काम किया. रणवीर सिंह की 'जयेशभाई जोरदार' और अनुराग बासु की 'मेट्रो इन दिनों' में नजर आया. इतना ही नहीं, उसने मोहनलाल की 'L2 एम्पुरान' और इमरान हाशमी की वेब सीरीज़ 'तस्करी' तक कर डाली. वहीं उसकी अगली फिल्म सनी देओल की 'लाहौर 1947' है. पुलिस के मुताबिक, वो टीवी पर 'वागले की दुनिया' और 'मेरे साई' जैसे पॉपुलर शोज़ में भी काम कर चुका है.

# कैसे धराया हेमंत मोदी?

इसके अलावा, हेमंत ने करीब 20 गुजराती फिल्म्स, 2 हिंदी और 4 गुजराती सीरियल्स और 17 गुजराती नाटकों में भी एक्टिंग की थी. फिर भी, सबकी नजरों के सामने रहने के बावजूद वो पुलिस से हमेशा बचता रहा. लेकिन देर-सवेर उसकी एक्टिंग ही उसकी कमजोरी बनी. साल 2025 में वो मुंबई छोड़कर वापस अहमदाबाद में रहने आ गया था. वहां किसी ने उसे फिल्म या नाटक में देखकर पहचान लिया. बस पुलिस को टिप मिली और उन्होंने हेमंत को धर दबोचा. हालांकि ऐसा करने में उन्हें 12 साल लग गए.

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