फिल्म रिव्यूः मस्तीजादे
एक्टरः सनी लिओनी, तुषार कपूर, वीर दीस
डायरेक्टरः मिलाप जावेरी तुषार कपूर और वीर दास एक ही बाप के बेटे हैं. ऐसा वो कहते हैं. पर दोनों के सरनेम अलग अलग हैं. तुषार का सरनेम है केले. और वीर दास का है चोटिया. तो केले और चोटिया सेक्स एडिक्ट हैं. और अपनी प्यास बुझाने के लिए ऐसे लोगों को पकड़ते हैं जो सेक्स एडिक्ट हों. पिछली फिल्म में तुषार को मतलब भर का सेक्स नहीं मिला था न. मतलब जो पिछले हफ्ते आई थी. क्या कूल हैं हम पार्ट-176. तो इस बार तुषार को खूब सेक्स मिलता है. लेकिन फिर उन्हें प्यार हो जाता है. लैला लेले से. और चोटिया को प्यार हो जाता है लिली लेले से. दोनों लेले सनी लिओनी ही हैं. और दोनों सेक्स रीहैब ग्रुप चलाती हैं. पर चुपके चुपके दोनों सेक्स करना चाहती हैं. ये सेक्स-सेक्स कुछ ज्यादा ही हो गया. तो बात करते हैं रितेश देशमुख की. बाबा हैं ये. ऑरगैजम की जगह 'मन'गैजम देते हैं. लैला तो पट चुकी है. पर लिली को अगर समय रहते नहीं पटाया गया तो वो व्हीलचेयर पर कैद एक्स-फौजी देशप्रेमी से ब्याह कर लेगी जो खाली समय में तिरंगा सीता है. पर पटाने के लिए पटाया जाना पड़ेगा. मतलब थाईलैंड का शहर पटाया. जहां लिली और लैला के गे भाई को तुषार से प्यार होगा. लेकिन लास्ट में होगा वही जो होना है. हैप्पिली एवर आफ्टर. लेकिन हैप्पिली एवर आफ्टर तो सबकुछ नहीं होता. बहुत बड़े जर्मन नाटककार थे बर्तोल्त ब्रेक्त. जो कहते थे असली नाटक वो होता है जो स्टेज पर खत्म न हो. जखम दे भीतर तक. और ऐसा दे कि खतम हो जाए, तो देखने वाला कुछ सोचने पर मजबूर हो जाए. अक्ल चलाए. क्रिटिक बन जाए. बस ऐसी ही फिल्म है मस्तीजादे. जिसने लल्लन को क्रिटिक बना दिया. लल्लन ने बहुत सोचा. फिर पाया ये: 1. एकता कपूर के साथ-साथ तुषार कपूर से सब प्यार करते हैं. लड़कियां, गे पुरुष, और स्वयं सनी लिओनी जी. बस क्रिटिक्स हैं जो जलते हैं. 2. जानवरों को पूंछ उगती है. रितेश देशमुख को स्क्रू ड्राइवर उग आया है. 'एक विलेन' के बाद हर फिल्म में उनके साथ दिखा है. 3. इंडिया में सेक्स नहीं होता. इंडिया एक साफ सुथरा देश है. सेक्स करना हो तो 'ओवरसीज' लोकेशन पर शूटिंग करनी पड़ती है. इस तरह सेक्स करने वाले मॉरल जोन से बाहर आ चुके होते हैं. 4. एक पॉर्न कॉमेडी बनाने के लिए एक गे पुरुष और एक विकलांग की खिल्ली उड़ाना बहुत जरुरी होता है. 5. सनी लिओनी ने इंडिया की इकॉनमी के लिए जो किया है उसका कर्ज उतारना मुश्किल है. उनके आने से रुपया ऐसा उछला कि नीचे नहीं गिरा. क्यों देखें

क्यों न देखें

ट्रेलर भी देख लो कुछ कुछ अंदाजा हो जाएगा. https://www.youtube.com/watch?v=2H44_uMHJLs