AR Rahman ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भेदभाव की बात की और तब से ही ये बहस का मुद्दा बना हुआ है. हालांकि इस मामले में उनका स्पष्टीकरण भी आ गया है. मगर एक्टर्स, लिरिसिस्ट, सिंगर्स... सभी इस मसले पर अपनी राय दे रहे हैं. Shaan, Javed Akhtar, Kangana Ranaut के बाद अब Abhijeet Bhattacharya मैदान में उतरे हैं. अपने चिर-परिचित अंदाज़ में उन्होंने रहमान पर सीधा निशाना साधा. और जो कहा, वो सुर्खियों में है. ANI के पॉडकास्ट में जैसे AI और ऑटोट्यून का ज़िक्र हुआ, अभिजीत ने कहा,
"रहमान की वजह से हज़ारों म्यूज़िशियंस बेरोज़गार हो गए, उनके साथ जो रहा, ठीक ही हो रहा"
एआर रहमान ने कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में साम्प्रदायिक कारणों से उन्हें काम मिलना कम हो गया. इस पर अभिजीत ने तीखा पलटवार किया है.


“फिल्मों में जो म्यूज़िशियंस बजाते थे, आज उनके पास नौकरी नहीं है. थैंक्स टु मिस्टर रहमान. उन्होंने बताया सबको कि कोई ज़रूरत नहीं हैं म्यूज़िशियंस की. सब कुछ इधर है लैपटॉप पर. उनकी वजह से सबको सक्सेस मिल गई. पर बेचारे म्यूज़िशियंस घर बैठे हैं. एक साथ 100-100 वायलनिस्ट बैठते थे. अब नहीं बजते. क्यों? क्योंकि रहमान साहब ने बोल दिया कि भाई, जितना कमाएंगे, सिर्फ मैं कमाऊंगा. म्यूज़िशियंस की ज़रूरत नहीं है”
रहमान के बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे कहा,
"आपको चैलो चाहिए, कोरस चाहिए, आपको वायलिन, बांसुरी क्या चाहिए? एक बांसुरी वाले को कभी बुला लेंगे. एक रिद्म वाले को बुला लेंगे. पर म्यूज़िशियंस को घर पर बैठाया हुआ है. तो आप लोगों को क्या सुना रहे हो? आप जब सुना रहे थे, तब नयापन था. अब बच्चा-बच्चा इसी पर म्यूजिक निकालता है. अभी ये बवाल हुआ है. मैं तो कहता हूं, ठीक ही हो रहा है जो हो रहा है.''
वैसे ये पहला मौका नहीं है जब अभिजीत ने रहमान पर हमला किया है. इससे पहले भी अभिजीत ने आरोप लगाया था कि रहमान पद्म भूषण और पद्मश्री सम्मानित लोगों को घंटों इंतज़ार कराते थे.
#रहमान के इस बयान पर हुआ बवाल
बीबीसी एशियन से हुई बातचीत में रहमान से पूछा गया कि क्या उनके साथ फिल्म इंडस्ट्री में कभी कोई भेदभाव हुआ है? रहमान ने कहा कि अब ताक़त उन लोगों के पास चली गई, जो क्रिएटिव नहीं हैं. रहमान ने हिंट दिया कि उन्हें अब पहले की तुलना में कम काम मिलता है. इसके लिए उन्होंने सांप्रदायिक कारणों को ज़िम्मेदार ठहराया. इंडस्ट्री में होने वाले भेदभाव को भी रेखांकित किया. उन्होंने ‘छावा’ को बांटने वाली फिल्म बताया. रहमान ने कहा,
"छावा बांटने वाली फिल्म है. मेरा मानना है कि इसने विभाजन को भुनाया है. लेकिन मुझे लगता है कि इसका मक़सद बहादुरी दिखाना है. मैंने डायरेक्टर से पूछा भी था कि आपको इस मूवी के लिए मेरी ज़रूरत क्यों है? तो उन्होंने कहा कि हमें इसके लिए केवल आप ही चाहिए."
जैसे ही रहमान का इंटरव्यू विवादों में आया, इंडस्ट्री से लोगों की प्रतिक्रिया आने लगी. कंगना रनौत ने कहा कि ‘एमरजेंसी’ के म्यूजिक के लिए उन्होंने रहमान को अप्रोच किया था. मगर रहमान ने उसे प्रोपगैंडा फिल्म बताकर कंगना से मिलने से भी इन्कार कर दिया. शान और जावेद अख़्तर ने भी इंडस्ट्री में साम्प्रदायिकता होने की बात को नकारा. शान ने कहा कि बॉलीवुड के तीन सबसे बड़े स्टार माइनॉरिटी से आते हैं. इस देश ने उन्हें बहुत प्यार दिया है. जैसे ही विवाद और बढ़ा, रहमान ने एक वीडियो जारी किया. इसमें कहा,
“भारत मेरी प्रेरणा है. मेरा गुरु, मेरा घर है. मैं समझ रहा हूं कि कई बार हमारा मंतव्य लोग समझ नहीं पाते. मगर मेरा उद्देश्य हमेशा से बेहतरी का रहा है. मैंने कभी किसी को ठेस पहुंचाने की कोशिश नहीं की. मेरे शब्दों से किसी को ठेस पहुंची हो, तो मुझे खेद है.”
बहरहाल, रहमान के वर्कफ्रंट की बात करें, तो फिलहाल वो रणबीर कपूर स्टारर ‘रामायण’ का म्यूज़िक तैयार कर रहे हैं. इस फिल्म पर वो दिग्गज म्यूज़िक डायरेक्टर हान्स ज़िमर के साथ काम कर रहे हैं. इसके अलावा रहमान ‘मूनवॉक’ नाम की फिल्म में बतौर एक्टर भी काम कर रहे हैं. प्रभु देवा स्टारर इस फिल्म का म्यूज़िक भी उन्होंने ही कंपोज़ किया है.
वीडियो: ऑस्कर के बाद ए.आर. रहमान की लाइफ ने कैसा टर्न लिया, जान लीजिये












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