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'कोविड की तरह हम इस संकट से भी बाहर आ जाएंगे', LPG की किल्लत पर बोले पीएम मोदी

PM Modi on LPG Crisis: पीएम ने इस बात पर ज़ोर दिया कि LPG की किल्लत को लेकर कुछ लोग जनता के बीच पैनिक बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने लोगों से धैर्य बरतने और सरकार पर विश्वास रखने की अपील की है.

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पीएम ने LPG क्राइसिस पर बात की. (फोटो-स्क्रीनग्रैब)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश में चल रहे LPG संकट से भारत पार पा लेगा. उन्होंने एक समिट के दौरान कहा कि covid-19 महामारी की तरह जल्द ही इस संकट से भी देश बाहर आ जाएगा. उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के असर से कोई भी देश अछूता नहीं रहा है. 

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उन्होंने NXT समिट 2026 को संबोधित करते हुए कहा,

‘मुझे 140 करोड़ भारतीयों पर पूरा भरोसा है. हमारा एक ही उद्देश्य है कि देश के बाहर चल रहे युद्ध का असर भारत के लोगों पर न पड़े. जैसे हम कोविड संकट में साथ थे, उसी तरह हमें इस वक़्त भी साथ रहना होगा.’

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पीएम ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि LPG की किल्लत को लेकर कुछ लोग जनता के बीच पैनिक क्रिएट करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर की काला बाज़ारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सिलेंडर की जमाखोरी रोकने के लिए राज्य सरकारों से सख्त पाबंदी लगाने की अपील भी की गई है. 

पीएम ने माना कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण तेल और गैस की सप्लाई बाधित हुई है. लेकिन इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत अपने एनर्जी सिक्योरिटी को बचाए रखने के लिए कई अहम कदम उठा रहा है. उन्होंने अपने बयान में कहा, 

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‘हम लगातार बाधित सप्लाई चेन को रिस्टोर करने का प्रयास कर रहे हैं. ग्लोबल लीडर से बात चल रही है.’ 

भारत के पास दूसरा ऑप्शन क्या है?

समिट में PM मोदी ने बताया कि भारत अब ऊर्जा के मोर्चे पर पहले से कहीं अधिक मजबूत है. पीएम ने सरकार की दूरगामी नीतियों पर बात की. उन्होंने बताया कि भारत ने पेट्रोलियम पर निर्भरता कम करने के लिए इथेनॉल ब्लेंडिंग का विकल्प चुना है. उन्होंने कहा,

‘2014 से पहले भारत केवल 1.5 फीसदी तक इथेनॉल ब्लेंड कर सकता था. लेकिन आज ये क्षमता बढ़कर 20 फीसदी हो चुकी है.’   

पीएम ने ये बात साफ़ कर दी कि रणनीतिक जरूरतों के लिए भारत केवल आयात पर निर्भर नहीं है, बल्कि घरेलू भंडारण और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी तेजी से काम कर रहा है. बता दें कि भारत के पास 50 लाख टन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व है. उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में कीमतों की अस्थिरता के बावजूद भारत अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था के दम पर नागरिकों को राहत पहुंचाने की क्षमता रखता है.

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