2 नेशनल वॉर मेमोरियल में चार चक्र हैं. सबसे बाहर सुरक्षा चक्र है. जिसमें 695 पेड़ लगे हुए हैं. जो देश की रक्षा में तैनात जवानों को दर्शाते हैं.
3. दूसरा चक्र त्याग चक्र है. जिसमें आजादी के बाद के युद्धों में शहीद होने वाले 25,942 सैनिकों का नाम लिखा गया है. इसमें 16 दीवारें हैं. इन सभी पर सुनहरे अक्षरों में शहीदों का नाम लिखा है. इसमें नौसेना, वायुसेना और थलसेना के सैनिकों का नाम शामिल है.
4. तीसरा चक्र वीरता चक्र है. जिसमें आजादी के बाद भारतीय सेना द्वारा लड़ी गई लड़ाईयों के बारे में बताया गया है. इसमें 1947-48, चीन से 1962 का युद्ध, 1965 का भारत-पाक युद्ध, 1971 का युद्ध, 1999 में कारगिल की लड़ाई के बारे में बताया गया है.
5. सबसे अंदर अमर चक्र है. जिसमें 15.5 मीटर ऊंचा स्मारक है. इसमें हमेशा अमर ज्योति जलती रहेगी.
7. परमवीर चक्र से सम्मानित होने वाले सभी 21 अमर बलिदानियों को विशेष सम्मान दिया गया है. सभी परमवीर चक्र विजेताओं की मूर्ति भी लगाई गई है.
8. इस मेमोरियल का एक ऐप भी लॉन्च किया जाएगा. जिसकी मदद से शहीदों का नाम मेमोरियल में आसानी से खोजा जा सकेगा.
9. मेमोरियल सप्ताह के सातों दिन खुलेगा. यहां एंट्री भी बिल्कुल फ्री रहेगी. हर रोज सूर्यास्त के समय रिट्रीट सेरेमनी और रविवार को चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी आयोजित किया जाएगा.
10. इस वॉर मेमोरियल में भी इंडिया गेट की तरह एक अखंड ज्योति जलेगी. इंडिया गेट भी प्रथम विश्वयुद्ध और अफगान कैंपेन के बाद शहीद हुए 70 हजार भारतीय सैनिकों की याद में बना है. इसे ब्रिटिश सरकार ने बनवाया था. 1971 में शहीद हुए जवानों की याद में अमर जवान ज्योति जलाई गई थी. वीडियो देखें: अर्थात: चाइना की गोद में बैठकर गुर्रा रहे इमरान खान?



















