बिहार की SIR प्रक्रिया से एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कैसे मतदाताओं के नाम हटाने से आगामी विधानसभा चुनावों में पूरा चुनावी परिदृश्य बदल सकता है. सिर्फ़ तीन ज़िलों पटना, मधुबनी और पूर्वी चंपारण से 10.63 लाख से ज़्यादा मतदाताओं के नाम हटाए गए, जो राज्य के कुल 65 लाख हटाए गए मतदाताओं का 16.35% है. इन ज़िलों के 36 विधानसभा क्षेत्रों में से 25 में, हटाए गए मतदाताओं की संख्या 2020 के चुनावों में जीत के अंतर से भी ज़्यादा है. बिहार के राजनीतिक भविष्य को तय करने वाले SIR को समझने के लिए, अभी पूरा वीडियो देखें!
बिहार के SIR ने चौंकाया, पटना समेत 3 जिलों में मार्जिन से अधिक वोट कट गए
36 विधानसभा क्षेत्रों में से 25 में, हटाए गए मतदाताओं की संख्या 2020 के चुनावों में जीत के अंतर से भी ज़्यादा है.
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