नेताजी टेबल पार हाथ मारते हुए रो रहे हैं और कह रहे हैं, ' मुझे अगर पता होता ये मेरे साथ ऐसा करेंगे तो मैं अपनी संपत्ति बेच देता और एक करोड़ रुपये मैं भी दे देता. मैं अपने क्षेत्र की जनता के लिए सबकुछ बलिदान कर देता. भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता जो इतने दिल से... जो इतने दिल से, उनके लिए जूते खा रहे हैं. मैं उन कार्यकर्ता के लिए अपने को बलिदान कर देता.' विनोद इतने पर ही नहीं रुकते. वो कहते हैं, 'मुझे नहीं पता था भारतीय जनता पार्टी में भी पैसों का खेल चलता है. लेकिन जब मैंने टीवी पर देखा कि लिस्ट में से मेरा नाम कहां गया तो मेरा जीवन निष्फल हो गया. आप बताओ तो मैं अब क्या कर सकता हूं. मेरे पास क्या चारा है.'धौरहरा सीट से टिकट की दौड़ में भाजपा नेता विनोद के अलावा रमेश सिंह मूड़ी और सतीश शर्मा भी शामिल थे. तीनों नेताओं ने जिलाध्यक्ष समेत अन्य बीजेपी नेताओं पर धोखा देने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि पार्टी नेतृत्व टिकट पर दोबारा विचार करे. इन लोगों का कहना है कि वह पार्टी तो नहीं छोड़ेंगे, लेकिन प्रत्याशी का विरोध जरूर करेंगे. रमेश सिंह मूड़ी ने का कहना है कि उन्होंने 21 हजार सदस्य बनाए. अवध प्रांत में सबसे ज्यादा सदस्य बनाए. सर्वे भी उनका नाम था इसके बाद भी टिकट दूसरी पार्टी से आए प्रत्याशी को दे दिया गया. सतीश शर्मा ने टिकट वितरण में पार्टी नेताओं पर अनदेखी का आरोप लगाया.
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