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TMC की हिंदुत्व 'चाल' तो मुस्लिमों के दरवाजे पहुंचे शुभेंदु अधिकारी, नंदीग्राम में ये कैसा खेला?

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर पिछली बार शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हरा दिया था. शुभेंदु ममता के पुराने सहयोगी रहे हैं. इस बार TMC ने भी बीजेपी की रणनीति अपनाते हुए शुभेंदु के पुराने सहयोगी रहे पवित्र कर को उनके खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा है.

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शुभेंदु अधिकारी टीएमसी की घेराबंदी तोड़ने की कोशिश में जुटी हैं. (इंडिया टुडे)

पश्चिम बंगाल चुनाव में नंदीग्राम फिर से हॉट सीट होने जा रहा है. बीजेपी ने इस सीट पर फिर से शुभेंदु अधिकारी पर भरोसा जताया है. वो बंगाल में ‘रामराज्य’ लाने की बात कह रहे हैं. वहीं TMC ने हिंदुत्व के दांव से ही उनको काउंटर करने की रणनीति अपनाई है. पार्टी ने नंदीग्राम से शुभेंदु के खिलाफ उनके पुराने सहयोगी पवित्र कर को टिकट दिया है, जिनकी पहचान हिंदुत्व की राजनीति करने वाले नेता की रही है.

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TMC के इस दांव की काट के लिए शुभेंदु अधिकारी ने भी अपनी रणनीति में बदलाव किया है. दरअसल बीजेपी में आने के बाद से उनकी पहचान उग्र हिंदुत्व की राजनीति करने वाले नेता की बनी है. लेकिन मौके की नजाकत ने उनको सालों बाद मुस्लिम वोटर्स का रुख करने को मजबूर कर दिया है.

इंडिया टुडे के मुताबिक, साल 2021 में शुभेंदु अधिकारी किसी मुस्लिम इलाके में वोट मांगने नहीं गए थे. लेकिन इस बार उन्होंने मुस्लिम गांवों का दौरा शुरू किया है. 1 अप्रैल को शुभेंदु नंदीग्राम के एक मुस्लिम बहुल गांव में वोट मांगने पहुंचे. यहां उन्होंने स्थानीय लोगों से कहा, “भगवान और अल्लाह से ऊपर कोई नहीं है. अगर मुझे वोट नहीं देना है तो मत दीजिए. लेकिन इस बार मैं सभी मुस्लिम गांवों में जाऊंगा, क्योंकि पिछली बार मुझे किसी भी मुस्लिम गांव में नहीं जाने दिया गया था.”

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शुभेंदु अधिकारी की रणनीति में आए इस परिवर्तन को नंदीग्राम के समीकरणों के हिसाब से समझना होगा. इस विधानसभा में लगभग 26 फीसदी मुस्लिम वोट हैं. यह विधानसभा दो ब्लॉक में बंटा है. ब्लॉक 1 में लगभग 34 फीसदी मुस्लिम वोट है, वहीं ब्लॉक 2 में लगभग 12 फीसदी.

साल 2021 में शुभेंदु ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था. लेकिन उनकी जीत का अंतर था मात्र 1,956 वोट. पिछले चुनाव में जहां हिंदू वोट बड़ी संख्या में शुभेंदु के खाते में आए थे. वहीं मुस्लिम वोटर्स की पसंद ममता बनर्जी थी. इस चुनाव में शुभेंदु ने स्थानीय बनाम बाहरी का कार्ड भी खेला था. उन्होंने ममता बनर्जी को बाहरी उम्मीदवार बताकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश की थी.

शुभेंदु की इसी रणनीति को काउंटर करने के लिए TMC ने इस बार उनके पुराने सहयोगी रहे पवित्र कर को टिकट दिया है. ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी उनको बीजेपी से वापस TMC में लाए हैं. अभिषेक ने भी अपने चुनावी अभियान की शुरुआत नंदीग्राम से ही की थी. पवित्र कर नंदीग्राम के ब्लॉक 2 के बॉयल-1 ग्राम पंचायत से प्रमुख रहे हैं. उनकी पत्नी भी इस पंचायत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. इस क्षेत्र में पिछली बार उन्होंने शुभेंदु को बढ़त भी दिलाई थी.

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पवित्र कर इन इलाकों में हिंदू सन्निधि और सनातन सेना जैसे हिंदू संगठनों का भी नेतृत्व कर चुके हैं. यानी उनकी पहचान एक हिंदूवादी नेता की भी रही है. TMC ने पवित्र कर को आगे करके शुभेंदु के हिंदू वोटों में सेंध लगाने की कोशिश की है. वहीं पार्टी मानकर चल रही है कि बीजेपी के खिलाफ मुस्लिम वोट उनके पाले में आएंगे ही.

टीएमसी की इसी रणनीति को काउंटर करने के लिए शुभेंदु ने मुस्लिम वोटर्स से संपर्क करना शुरू किया है. वैसे भी बीजेपी इस चुनाव में खुले तौर पर हिंदू मुस्लिम ध्रुवीकरण की राजनीति से किनारा करती दिखी है. ऐसे में शुभेंदु की कोशिश TMC के वोट बैंक में सेंध लगाकर उनको फिर से झटका देने की है. अब देखना होगा कि इस रणनीति में वो सफल हो पाते हैं या फिर TMC इस बार हिसाब बराबर करने में सफल रहेगी.

वीडियो: 'बंगाल में बीजेपी की सरकार बनी तो...' शुभेंदु अधिकारी ने TMC के मुस्लिम विधायकों को धमकी क्यों दी?

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