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बंगाल में SIR में नाम कटने के बाद अपील प्रक्रिया में उलझे लाखों लोग

चुनाव आयोग ने सप्लीमेंट्री लिस्ट से हटाए गए लोगों के लिए अपील करने का ऑनलाइन पोर्टल रविवार से शुरू कर दिया, लेकिन ऑफलाइन अपील कैसे करनी है, इस पर अभी साफ जानकारी नहीं है.

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SIR की तीसरी सप्लीमेंट लिस्ट जारी कर दी गई है. (फोटो- India Today)

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  • पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने 28 मार्च को वोटर लिस्ट की तीसरी सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी की है, जिसमें नए नाम जोड़े गए हैं और कुछ नाम हटाए गए हैं।
  • तीसरी सप्लीमेंट्री लिस्ट में कई उम्मीदवारों के नाम न होने के कारण ऑनलाइन और ऑफलाइन अपील प्रक्रिया के अस्पष्ट होने से लोगों को वोटर सूची में नाम जोड़वाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
  • इस असमंजस को खत्म करने के लिए 19 न्यायिक ट्रिब्यूनल बनाए गए हैं और अपील की अंतिम तिथि के साथ अपील दर्ज करने के लिए संबंधित कार्यालयों में ऑफलाइन अपील स्वीकार की जाएगी।

पश्चिम बंगाल में SIR की तीसरी सप्लीमेंट लिस्ट जारी हो गई है. पूर्वी बर्धमान जिले की रहने वाली रोजीना खातून का नाम भी इस लिस्ट में नहीं है. उनकी तरह लाखों लोग हैं, जो इस लिस्ट में भी नहीं आ पाए. उनके चुनाव में वोट देने की संभावना अभी भी अधर में है. चुनाव आयोग ने ऐसे लोगों की अपील के लिए ऑनलाइन पोर्टल रविवार, 29 मार्च से खोल दिया है, लेकिन ऑफलाइन अपील कैसे करेंगे, इसकी जानकारी नहीं दी गई है. न ये बताया गया है कि किस दफ्तर में ऑफलाइन अपीलों का निपटारा होगा.

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रोजीना खातून का कहना है कि वह ऑनलाइन अपील करना नहीं जानतीं. ऑफलाइन तरीका कब शुरू होगा, अब तक ये भी नहीं पता. रोजीना की तरह लाखों लोग इसी असमंजस में हैं. जो डिजिटल तकनीकी में उतने माहिर नहीं हैं, उनके इस अपील से वंचित होने का रिस्क है. उनके पास ऑफलाइन अपील करने के बारे में साफ जानकारी नहीं है. TOI की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने भी माना है कि इस वजह से कई लोग वोट देने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं. 

अपील सुनने के लिए 19 न्यायिक ट्रिब्यूनल बनाए गए हैं. वहीं, चुनाव आयोग की ओर से जारी हर सप्लीमेंट्री लिस्ट में लिखा है कि जिनका नाम लिस्ट में नहीं है उन्हें इसके खिलाफ 15 दिन के अंदर अपील करनी होगी. हालांकि, इसमें ये साफ नहीं है कि ये समय कब से गिना जाएगा? EC के एक नोटिस में कहा गया कि ऑफलाइन अपील DM, SDM या SDO के ऑफिस में दी जा सकती है. ये ऑफिस उस अपील को जल्द से जल्द ऑनलाइन अपलोड कर देंगे.

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बीएलओ के पास सवालों की बाढ़

इस बीच बीएलओ के पास ऐसे लोगों के सवालों की बाढ़ आ गई है, जिनके नाम सप्लीमेंट्री लिस्ट में नहीं हैं. रोजीना भी अपने बीएलओ के संपर्क में हैं. वो कहती हैं कि उनसे अपने सारे कागज तैयार रखने के लिए कहा गया है. लेकिन, बीएलओ की भी मुसीबत है. रिपोर्ट के मुताबिक EC के नोटिस में कथित तौर पर न तो समय सीमा साफ है, न ही प्रक्रिया ठीक से समझाई गई है. यह भी नहीं बताया गया कि कौन-से ऑफिस ऑफलाइन अपील संभालेंगे.

जोरासांको के BLO बप्पादित्य गुहा ने TOI को बताया कि उनके पास कई वोटर्स के फोन आए कि कैसे अपील करें? उनके इलाके में 46 लोगों के नाम लिस्ट से हटा दिए गए जबकि उन्होंने EC के सारे निर्देश माने और ऐप पर दस्तावेज अपलोड किए थे. वो कहते हैं कि अब वोटर्स उनसे सवाल पूछ रहे हैं. उन्होंने भरोसा करके अपने सारे कागज दिए थे.

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लोगों के पास ढेर सारे सवाल हैं, जिसके जवाब के लिए लोग दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं. मुर्शिदाबाद के मोहम्मद नजरुल इस्लाम जानकारी लेने के लिए DM ऑफिस गए. धुलियन के मोहम्मद जोमदार शेख ने कहा कि उनके लिए अब सिर्फ न्यायिक ट्रिब्यूनल ही उम्मीद है. 

बता दें कि 28 मार्च को चुनाव आयोग ने एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट की तीसरी सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी की थी. हालांकि, चुनाव आयोग ने यह नहीं बताया कि इस तीसरी सूची में कितने नाम जोड़े गए या हटाए गए. इससे एक दिन पहले 27 मार्च को दूसरी सप्लीमेंट्री सूची जारी की गई थी.

सप्लीमेंट्री लिस्ट का मतलब उस सूची से है, जिसमें फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद नए नाम जोड़े जाते हैं या सुधार किए जाते हैं. इसमें आमतौर पर नए रजिस्टर हुए वोटर, जानकारी में सुधार के बाद या जांच के बाद दोबारा जोड़े गए नाम शामिल होते हैं.

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