पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो गई है. चुनाव आयोग ने करीब 91 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए हैं. राजधानी कोलकाता में भी बड़ी संख्या में वोट काटे गए हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक यहां की 11 विधानसभाओं में काटे गए वोटरों की संख्या उस मार्जिन से भी ज्यादा है, जिससे TMC या फिर बीजेपी को 2024 के लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर लीड मिली थी.
चुनावी जीत के मार्जिन से ज्यादा वोटर कट गए, कोलकाता की SIR लिस्ट BJP की नींद उड़ाएगी या TMC की?
साल 2024 के लोकसभा चुनाव में कोलकता में आने वाले 11 विधानसभा क्षेत्रों में से 9 में तृणमूल कांग्रेस की बढ़त थी, वहीं दो सीटों पर बीजेपी आगे रही थी. वोटर रिवीजन के बाद इन सीटों के समीकरण बदल सकते हैं. साल 2024 में इन सीटों पर बीजेपी और TMC की मार्जिन से बहुत ज्यादा वोट हटा दिए गए हैं.


2024 के लोकसभा चुनाव में TMC कोलकाता की 11 विधानसभा सीटों में से 9 पर आगे थी. वहीं 2 सीटों पर बीजेपी को बढ़त मिली थी. द टेलीग्राफ ने चुनाव आयोग के सूत्रों से मिले डेटा के हवाले से बताया कि शहर की एक विधानसभा सीट चौरंगी से 80 हजार से ज्यादा वोटर्स के नाम हटा दिए गए हैं. कोलकाता में इसके अलावा तीन और विधानसभा सीट ऐसी हैं, जहां 70 हजार से ज्यादा वोटर्स के नाम काटे गए हैं. दो विधानसभा सीटों पर 50 हजार से ज्यादा और बाकी चार सीटों पर 40 हजार से ज्यादा वोटर्स के नाम हटा दिए गए हैं.
मणिकतला विधानसभा सीट पर सबसे कम वोटर्स के नाम हटाए गए हैं. यहां 42,603 वोटर्स के नाम कटे हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से हारने के बाद ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा चुनाव से उपचुनाव जीत कर विधायक बनी थीं. नंदीग्राम से उनको हराने वाले शुभेंदु फिर से एक बार उनके सामने हैं. इस सीट पर लोकसभा चुनाव 2024 में TMC को 8,297 वोटों की बढ़त मिली थी. वोटर रिवीजन में इस सीट से 48,680 वोटर्स के नाम हटा दिए गए हैं.
TMC ने आम चुनाव 2024 में भवानीपुर कोलकाता पोर्ट, राशबिहारी, बालीगंज, चौरंगी, एंटली, बेलेघाटा, मानिकतला और काशीपुर सीट पर भी बढ़त बनाई थी. इनमें से चार सीटों पर तृणमूल की बढ़त 10 हजार से कम वोटों की थी. राशबिहारी सीट पर 1,691 वोट, भवानीपुर सीट पर 8,297 वोट, मानिकतला सीट पर 3,575 वोट और काशीपुर बेलगाछिया सीट पर तृणमूल को 7,268 वोटों की बढ़त थी. इसके अलावा एक और सीट पर तृणमूल की बढ़त 15 हजार से कम वोटों की थी. चौरंगी सीट पर पार्टी 14,645 वोटों से आगे रही थी.
टेलीग्राफ से जुड़े सूत्र के मुताबिक, इन सभी पांच सीटों पर तृणमूल कांग्रेस की परेशानी बढ़ सकती है, क्योंकि हटाए गए वोटर्स में सबसे ज्यादा मुस्लिम हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में अधिकतर मुस्लिम वोट तृणमूल को ही गया था. बाकी चार सीटों पर भी TMC अपने को सुरक्षित नहीं मान सकती जहां लोकसभा चुनाव में उसका मार्जिन 25 हजार से ज्यादा वोटों का था. इन सीटों पर भी बड़ी संख्या में वोट हटाए गए हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक कोलकाता पोर्ट से TMC 42,893 वोटों से आगे थी, यहां 77,125 वोटर्स के नाम कटे हैं. इनमें 70 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम हैं. बेलेघाटा सीट पर 2024 में TMC की बढ़त 46,112 वोटों की थी. यहां 66,019 वोट हटाए गए हैं. यहां भी बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के वोट कटे हैं.
एक राजनीतिक एक्सपर्ट के मुताबिक, इन सीटों पर बड़ी संख्या में TMC सपोर्टर्स के वोट कटे हैं. लेकिन इसका रिजल्ट दोतरफा भी हो सकता है. बीजेपी इसको ‘टेकेन फॉर ग्रांटेड’ नहीं ले सकती. साल 2024 के आम चुनाव में बीजेपी को श्यामपुकुर सीट से 1,599 वोट और जोरासांको सीट से 7,401 वोट की बढ़त मिली थी. श्यामपुकुर सीट पर 44,693 और जोरासांको में 76,524 वोट कटे हैं.
इन दोनों सीटों पर हिंदी भाषी हिंदू वोटर्स के नाम ज्यादा कटे हैं. माना जाता है कि हिंदी भाषी वोटर्स ने पिछली बार बीजेपी को वोट किया था, इसलिए इन दोनों सीटों पर कटे वोट बीजेपी की भी परेशानी बढ़ाने वाले हैं.
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