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राज बब्बर ने ममता-मोदी को लेकर जो बात कही, उसकी सफाई कांग्रेस नहीं दे पाएगी

पढ़िए और तय करिए, बयान आपत्तिजनक है या नहीं?

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यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर ने मोदी की उस बात पर सवाल उठाए हैं, जिसमें पीएम मोदी ने कहा था कि ममता बनर्जी अब भी उन्हें कुर्ते और मिठाइयां भेजती रहती हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐक्टर अक्षय कुमार को एक नॉन पॉलिटिकल इंटरव्यू दिया. कहने को तो इंटरव्यू नॉन पॉलिटिकल था, लेकिन इंटरव्यू सामने आने के बाद पॉलिटिक्स शुरू हो गई. अलग-अलग लोग अलग-अलग तरह से पॉलिटिक्स कर रहे हैं और रिऐक्शन दे रहे हैं. इस इंटरव्यू पर हालिया रिऐक्शन आया है उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर का.
इंटरव्यू के दौरान पीएम मोदी ने अक्षय कुमार से कहा था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब भी उन्हें मिठाइयां और कुर्ते भेजती रहती हैं. अब पीएम मोदी और ममता बनर्जी की सियासी दुश्मनी तो जगजाहिर है. ऐसे में पीएम मोदी का ये कहना कि ममता बनर्जी उन्हें मिठाइयां और कुर्ते भेजती रहती हैं, विपक्षी दलों को रास नहीं आया. और इसका जवाब देने के लिए सामने आ गए यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर. राज बब्बर ने पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमिटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा-
''जो-जो चीजें यहां की अच्छी हैं चाहे मिठाई हो या कुर्ता हो, दुनिया में मशहूर है लेकिन ममता जी ने हमें तो नहीं भेजा, किसी और को तो नहीं भेजा. अगर भेजती हैं तो सिर्फ एक ही को भेजती हैं. तो आप समझ सकते हैं कि कुर्ते का साइज भी उनको पता होगा. हम तो उनके सीने को कि उनका 56 इंच का है या नहीं, हम तो इसी पर सवाल खड़े किया करते थे. ममता जी ने सही साइज जानकर कुर्ता भेजना शुरू कर दिया. ये बात रही होगी कभी अंदर की, अब तो कल से बाहर की हो गई है.''
राज बब्बर ने पीएम मोदी के साथ ही ममता बनर्जी पर भी हमला बोला है.
राज बब्बर ने पीएम मोदी के साथ ही ममता बनर्जी पर भी हमला बोला है.

अब इस बयान के कई मायने निकाले जा सकते हैं. पहला मायने तो ये है कि राज बब्बर ये कहना चाहते हों कि ममता बनर्जी और मोदी की सियासी दुश्मनी सिर्फ ऊपरी है. दोनों एक दूसरे के राजनैतिक विरोधी होने का दिखावा करते हैं और अंदरखाने दोनों एक हैं. ये बात अब तक छुपी थी और अब दुनिया के सामने आ गई है. दूसरा मायने भी निकाला जा सकता है कि आखिर ममता बनर्जी को पीएम मोदी के कुर्ते का साइज कैसे पता है. लेकिन अगर एक मिनट ठहरकर राज बब्बर ये सोच लेते कि कोई भी दोस्त, परिवार का कोई सदस्य या आपका नज़दीकी आपके बारे में इतनी जानकारी तो रख ही सकता है कि आपके कपड़े का साइज क्या है. किसी के कपड़े का साइज जान लेने भर से किसी तरह की कोई दिक्कत तो नहीं ही होनी चाहिए. अगर राज बब्बर को इससे दिक्कत है कि किसी को किसी के कुर्ते का साइज कैसे पता है तो ये उनकी अपनी दिक्कत है, उनकी सोच की दिक्कत है.
बाकी तो आप खुद समझदार हैं. तय कर सकते हैं कि क्या गलत है और क्या सही. अगर आपको भी लगता है कि राज बब्बर के इस बयान में कुछ आपत्तिजनक है, तो कमेंट कर हमें ज़रूर बताइएगा. खबर हमने आपको बता दी है, अब सही-गलत का फैसला आप करिए.

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