दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन होने का मतलब है भाजपा की बड़ी हार. कांग्रेस दिल्ली में आम आदमी पार्टी के लिए 4 सीटें छोड़ने के लिए तैयार है. लेकिन, श्री केजरीवाल ने फिर यू टर्न लिया है. हमारे दरवाजे अब भी खुले हैं, लेकिन वक्त निकलता जा रहा है.

राहुल गांधी ने अब तक कुछ भी साफ-साफ नहीं कहा था.
राहुल गांधी ने इतने दिनों से चली आ रही कयासबाज़ी पर लगाम लगाते हुए आखिरकार अपना पक्ष सबके सामने रखा. पिछले काफी समय से केजरीवाल कह रहे थे कि वो गठबंधन करना चाहते हैं लेकिन कांग्रेस नहीं मान रही. कुछ दिनों बाद कुछ ऐसे ही सुर दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की और से सुनाई दिए. इनके अलावा पार्टी के कई बड़े नेता गठबंधन की बात करते रहे हैं.
दिल्ली कांग्रेस की ओर से पहले बहुत ना-नुकुर की जा रही थी. जब माकन के इस्तीफे के बाद शीला दीक्षित दिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं तो वो आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं चाहती थीं. कुछ दिनों तक बातचीत होती रही, बाद में फैसला लिया गया कि गठबंधन पर आखिरी फैसला राहुल गांधी लेंगे.
पेच कहां अड़ा है दिल्ली में लोकसभा की 7 सीटें हैं. कांग्रेस इन सात में से 4 सीटें छोड़ने को तैयार है. वहीं केजरीवाल को 6-1 या हद से हद 5-2 का समीकरण भा रहा है. केजरीवाल की एक शर्त और भी है. केजरीवाल चाहते हैं कि कांग्रेस बाकी राज्यों जैसे हरियाणा और चंडीगढ़ में भी गठबंधन करे. कांग्रेस के हरियाणा नेतृत्व को ये बात मंजूर नहीं थी. केजरीवाल की शर्त के मुताबिक जितनी सीटें कांग्रेस दिल्ली में छोड़ेगी उतनी ही सीटें उसे हरियाणा में चाहिए. हरियाणा में कांग्रेस अकेले लड़ना चाहती है. पहले से चार धड़ों में बंट चुकी हरियाणा की राजनीति में वो किसी भी नए पक्ष को आने नहीं देना चाहती.
इसी बीच 13 अप्रैल को मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया था
अभी भी वक़्त है मोदी शाह की जोड़ी को 18 सीटों ( हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़) पर हराने का, अगर कांग्रेस चाहे तो.

मनीष सिसोदिया का 13 अप्रैल को किया गया ट्वीट.
साथ ही लिखा था
ये कांग्रेस को तय करना है कि इस समय प्राथमिकता मोदी और शाह की जोड़ी को हराना है या ज्यादा सीटों लड़ने का रिकॉर्ड बनाने का.राहुल गांधी के ट्वीट पर आज फिर कुछ ऐसा ही जवाब आया है. केजरीवाल ने ट्वीट किया
कौन सा U-टर्न?अभी तो बातचीत चल रही थी आपका ट्वीट दिखाता है कि गठबंधन आपकी इच्छा नहीं मात्र दिखावा है. मुझे दुःख है आप बयान बाज़ी कर रहे हैं. आज देश को मोदी-शाह के ख़तरे से बचाना अहम है. दुर्भाग्य कि आप UP और अन्य राज्यों में भी मोदी विरोधी वोट बाँट कर मोदी जी की मदद कर रहे हैं

केजरीवाल का राहुल गांधी को जवाब.
पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कटाक्ष करते हुए लिखा-
पंजाब में AAP के 4 सांसद 20 विधायक Cong एक भी सीट नहीं देना चाहती, हरियाणा जहाँ Cong का एक सांसद वहाँ भी Cong एक सीट नहीं देना चाहती, दिल्ली जहाँ Cong के 0 MLA 0 MP वहाँ आप हमसे 3 सीट चाहते हैं क्या ऐसे होता है समझौता? आप दूसरे राज्यों में भाजपा को क्यों नहीं रोकना चाहते?

आम आदमी पार्टी की ओर से सबसे पहला रिएक्शन संजय सिंह की ओर से ही आया.
वहीं पार्टी के सीनियर लीडर गोपाल राय ने भी लिखा
@RahulGandhi जी 18 सीटों पर बीजेपी को हराने के लिए दिलचस्पी क्यों नही दिखा रहे हैंदिल्ली में छठे चरण में 12 मई को मतदान होना है. और नामांकन की तारीख नज़दीक आते-आते पार्टियों पर अपना रुख साफ करने का दवाब बढ़ता जा रहा है.
@RahulGandhi जी ने 4 सीट का दरवाजा खोला है तो हमने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 18 सीट पर भाजपा को हराने के लिए दरवाजा खोल रखा है
वीडियो- मोदी की रैली में बीजेपी नेता ने वंदे मातरम और जन गण मन गाने के नाम पर क्या किया?












