The Lallantop

नॉमिनेशन के लिए वील-चेयर पर जाने वालीं साध्वी प्रज्ञा का डांस करते वीडियो वायरल

डीजे पर सिंधी गाना बजा और फिर...

Advertisement
post-main-image
साध्वी प्रज्ञा बाईं तरफ डांस करते हुए, दाईं तरफ नॉमिनेशन के वक्त
कभी बुल्लेशाह ने कहा था कि अगर ख़ुदा नाचने से मिल सकता है तो मुझे भी मिलेगा और ताउम्र वो हाथों में चूड़े पहने नाचता रहा. भाव में आकर साधु संन्यासी नाचते हैं. स्वामी विवेकानंद के आध्यात्मिक गुरु रामकृष्ण परमहंस भी ज़्यादातर नाच उठते थे. लेकिन नाचना भी कई तरीके का होता है. कौन किसलिए किसके सामने नाच रहा है, सब इसी पर डिपेन्ड करता है.
चुनाव में जनता की चलती है डेमोक्रेसी भी अजीब चीज़ है.हर पांच साल में एक बार कइयों को सिर के बल नचा देती है.इस बार नाचते पाई गई हैं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर. जो जेल से वापस आने के बाद वीलचेयर पर ही दिखाई देती हैं.
नॉमिनेशन के वक्त भोपाल में कलेक्ट्रेट ऑफिस जाती हुईं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर
नॉमिनेशन के वक्त भोपाल में कलेक्ट्रेट ऑफिस जाती हुईं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर

लोकतंत्र में वोट ख़ुदा तो नहीं, पर ख़ुदा से कम भी नहीं. और वोटर है कि मान के ही नहीं देता. मन करे नाचो, मन करे गाओ.
पहले ये वीडियो देखिए - भोपाल के ईदगाह हिल्स में चुनाव प्रचार के दौरान सिंधी समाज के कार्यक्रम में पहुंची थीं साध्वी प्रज्ञा. महिला समाज सामने था, डीजे बजा तो महिलाएं नाचीं. अब जैसा अक्सर होता है कि सबसे ज़्यादा नचास वाला शख़्स अपनी नचास दबाए कोने में खड़ा रहता है. जब लोग-बाग देखते हैं तो फ़्लोर पर घसीट लाते हैं, और फ़िर देखिए स्टेप्स भाई साब. तो यही हुआ होगा ईदगाह हिल्स वाले कार्यक्रम में भी. नाचती जनता में कोई वीलचेयर पर बैठा अच्छा लगता है क्या? नहीं, आप ख़ुद सोचो न यार.
ना वीलचेयर रही, ना कोई सहारा लिया जब प्रज्ञा ठाकुर थिरकीं, तो ना वीलचेयर का लिहाज रखा, ना किसी का सहारा लिया. अपने दोनों पांवों पर पूरी की पूरी खड़ी हुईं और लगीं नाचने.
इसमें ध्यान देने वाली बात यही है, कि चलने फ़िरने में बिल्कुल लाचार दिखने वाली साध्वी वीलचेयर से उठ पड़ीं. खैर जब प्रज्ञा ठाकुर का कैंसर तक गोबर-गोमूत्र से ठीक हो सकता है, तो इत्ती एनर्जी भी आ ही सकती है.

Advertisement
Advertisement