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पुलवामा के शहीदों के नाम पर वोट मांग कर क्या फंस गए हैं नरेंद्र मोदी?

पहली नज़र में आचार संहिता के उल्लंघन के दोषी नजर आ रहे हैं पीएम मोदी.

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2019 में नरेंद्र मोदी की राह 2014 जितनी आसान नहीं है.
पुलवामा के शहीदों के नाम पर वोट मांगना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारी पड़ सकता है. चुनाव आयोग ने इसे पहली नजर में चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना है. प्रधानमंत्री ने पहली बार वोट डालने जा रहे मतदाताओं से अपील की थी कि उन्हें अपना पहला वोट पुलवामा आतंकी हमले में शहीद बहादुर जवानों को समर्पित करना चाहिए. पीएम ने ये बयान महाराष्ट्र के लातूर में दिया था. इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इस पूरे मामले में अब उस्मानाबाद के जिला निर्वाचन अधिकारी ने महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंपी है. रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री का बयान प्रथम दृष्ट्या आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है. राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने इस रिपोर्ट को चुनाव आयुक्त के पास भेज दिया है. अब इस पर चुनाव आयुक्त को फैसला लेना है.
क्या कहा था मोदी ने? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 अप्रैल को लातूर के औसा में एक रैली को संबोधित करते वक्त विवादित बयान दिया था. इसमें उन्होंने कहा था-
मैं जरा कहना चाहता हूं मेरे फर्स्ट टाइम वोटरों को. क्या आपका पहला वोट पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक करने वाले वीर जवानों के नाम समर्पित हो सकता है क्या? मैं मेरे फर्स्ट टाइम वोटर से कहना चाहता हूं कि आपका पहला वोट पुलवामा में जो वीर शहीद हुए हैं उन वीर शहीदों के नाम आपका वोट समर्पित हो सकता है क्या?
पीएम मोदी ने फर्स्ट टाइम वोटर्स से बीजेपी को वोट देने की अपील की है.
पीएम मोदी ने फर्स्ट टाइम वोटर्स से बीजेपी को वोट देने की अपील की है.

अब क्या करेगा चुनाव आयोग उस्मानाबाद जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयुक्त प्रधानमंत्री मोदी से जवाब मांग सकता है. पीएम से उनके बयान पर स्पष्टीकरण लिया जा सकता है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक चुनाव आयोग इस बारे में इसी हफ्ते कोई न कोई फैसला ले सकता है. बीती 19 मार्च को चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इसमें राजनीतिक दलों से कहा गया है कि वे अपने नेताओं और उम्मीदवारों को इस बात की ताकीद कर दें कि वे सुरक्षा बलों पर राजनीतिक बयानबाजी न करें. और न ही किसी राजनीतिक प्रचार के लिए उनका इस्तेमाल करें. इससे पहले 9 मार्च को भी चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के लिए एडवाइजरी जारी की थी. इसमें उसने कहा था कि वे चुनाव प्रचार के दौरान सुरक्षा बलों के फोटो वगैरह का इस्तेमाल न करें. इस तरह देखा जाए तो प्रधानमंत्री का ये बयान आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हो सकता है.
आयोग से शिकायत  पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 10 मार्च को इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की है. अमरिंदर सिंह ने आयोग से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं. वे बालाकोट एयर स्ट्राइक और पुलवामा आतंकी हमले का नाम लेकर वोट मांग रहे हैं.
इससे पहले, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नीलोत्पल बसु ने भी चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी थी. उन्होंने लिखा कि,
प्रधानमंत्री चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रहे हैं. वो वोटों की खातिर सुरक्षा बलों का नाम ले रहे हैं. चुनाव आयोग को इस बारे में सख्त फैसला लेना चाहिए. निष्पक्ष चुनाव के लिए चुनाव आचार संहिता का पालन जरूरी है.
अब इस पूरे मामले में चुनाव आयोग के फैसले का इंतजार है. इससे पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ाते नजर आ चुके हैं. योगी ने अपने बयान में भारतीय सेना को मोदी जी की सेना बता दिया था.


वीडियोः चुनाव आयोग पर इल्जाम, मोदी-शाह का बयान, NaMo TV और मोदी की बायोपिक पर कार्रवाई की कहानी |दी लल्लनटॉप शो| Episode 192
 

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