The Lallantop

केरल से भी BJP के लिए आई राहत की खबर, राजीव चंद्रशेखर ने अपनी सीट पर जीत दर्ज की

Kerala Assembly Elections 2026: केरल के राजनीतिक इतिहास में नीमोम का विशेष स्थान है. यहीं से पूर्व केंद्रीय मंत्री ओ राजगोपाल ने विधानसभा का चुनाव लड़ा था, जिससे भाजपा को केरल सरकार में पहली बार प्रतिनिधित्व मिला था. यहीं से भाजपा कैंडिडेट राजीव चंद्रशेखर चुनाव लड़ रहे हैं.

Advertisement
post-main-image
केरल के निमोम सीट पर बीजपी से जीते राजीव चंद्रशेखर. (फोटो- इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • केरल के निमोम विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के राजीव चंद्रशेखर ने 4,978 वोटों के अंतर से चुनाव जीत हासिल की है, जहां उन्होंने वाम पार्टी के वी. सीवानकुट्टी को हराया।
  • इस चुनाव में भाजपा की जीत के पीछे केरल की राजनीतिक परंपरा में बदलाव, पिछली बार वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) की लगातार दूसरी जीत का टूटना और स्थानीय सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियां कारण हैं।
  • इस चुनाव परिणाम के बाद केरल में सत्ता का संतुलन बदलेगा और निमोम क्षेत्र की विकास संबंधी समस्याओं का समाधान तथा राजनीतिक दलों के रणनीतियों में बदलाव संभव है।

केरल में 9 अप्रैल को चुनाव हुए और आज 4 मई को चुनावी रुझान आने शुरू हो गए हैं. सबकी नजर तिरुवनंतपुरम के दक्षिणी छोर पर स्थित निमोम विधानसभा सीट पर है. इस सीट से भारतीय जनता पार्टी ने राजीव चंद्रशेखर को मैदान में उतारा है. वहीं, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सिस्ट) से वी सीवानकुट्टी और कांग्रेस के नेतृत्व में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) से केएस सबरीनाधन इस सीट से लड़ रहे हैं. शुरूआती रुझान से ही राजीव चंद्रशेखर नंबर 1 पर चल रहे थे और फाइनल राउंड काउंटिंग ख़त्म होते ही उन्होंने जीत दर्ज कर ली है. उन्होंने 4,978 वोटों के अंतर से वी. सीवानकुट्टी को हरा दिया है. 

Advertisement

आमतौर पर केरल में सत्ता का परिवर्तन हर पांच साल में होता रहा है, लेकिन पिछली बार वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाकर इस परंपरा को तोड़ा था. इस बार लेफ्ट पार्टी अपनी सत्ता बचाने में नाकाम रह गई है. 

पिछले चुनाव में क्या रहा था नतीजा?

2021 विधानसभा चुनाव में मुकाबला एकतरफा था. सीपीआई (एम) के वी. सीवानकुट्टी ने जीत हासिल की और भाजपा के कुम्मनम राजशेखरन दूसरे स्थान पर रहे थे.  के. मुरलीधरन तीसरे स्थान पर रहे थे. केरल के राजनीतिक इतिहास में नीमोम का विशेष स्थान है. यहीं से पूर्व केंद्रीय मंत्री ओ राजगोपाल ने विधानसभा का चुनाव लड़ा था, जिससे भाजपा को केरल सरकार में पहली बार प्रतिनिधित्व मिला था. 2016 विधानसभा चुनाव में ओ राजगोपाल ने वी. सीवानकुट्टी को लगभग 8,000 वोटों से हराया था. 

Advertisement

पिछले कुछ सालों में निमोम में काफी बदलाव आया है. पहले ये शहर का बाहरी इलाका हुआ करता था. लेकिन अब ये शहर विस्तार का हिस्सा है. पानी की कमी, यातायात जाम, खराब सड़कें, जल निकासी की समस्याओं का तुरंत हल चाहते हैं. निमोम के मतदाता सामाजिक रूप से मिश्रित हैं, जिनमें हिंदू बहुसंख्यक हैं, साथ ही ईसाई और मुस्लिम समुदाय भी शामिल हैं.

इस सीट पर नामांकन के बाद से ही चंद्रशेखर सुर्खियों में आ गए थे. क्योंकि चुनाव आयोग को जमा किए गए हलफनामे के अनुसार चंद्रशेखर के पास ₹93 करोड़ से अधिक की चल और अचल संपत्ति है. दिलचस्प बात यह है कि संपत्ति के साथ-साथ उन पर ₹107 करोड़ से अधिक का कर्ज भी है.  

वीडियो: लेफ्ट या बीजेपी या कांग्रेस? केरल में किसकी सरकार बनेगी

Advertisement

Advertisement