ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से चुनाव 15 हजार से ज्यादा वोटों से हार गईं. बीजेपी प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी अपनी दोनों सीटों से चुनाव जीत गए. ये वही सुवेंदु अधिकारी हैं जो कभी ममता के अभिन्न साथी हुआ करते थे. साल 2020 में अधिकारी टीएमसी छोड़कर बीजेपी में चले गए. इसके बाद से वह बंगाल में ममता बनर्जी के सबसे बड़े विरोधी बनकर उभरे. 2021 के चुनाव में भी नंदीग्राम से उन्होंने ममता बनर्जी को हरा दिया था. बाद में ममता ने भवानीपुर सीट से उपचुनाव लड़ा और जीतीं.
ममता बनर्जी भवानीपुर से हारीं, 'लात मारने' का आरोप लगाया
नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी के पबित्र कर को 9 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया. लेकिन भवानीपुर वाला मामला अभी फंसा हुआ है.


2026 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ममता का पीछा करते हुए भवानीपुर भी पहुंच गए. उन्होंने दो सीटों नंदीग्राम और भवानीपुर से पर्चा भरा. नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी के पबित्र कर को 9 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया. भवानीपुर में मामला फंसते-फंसते भी उनके पक्ष में आ गया. चुनाव आयोग के मुताबिक, 20 राउंड की गिनती के बाद ममता बनर्जी को 58 हजार 812 वोट मिले. वहीं सुवेंदु अधिकारी 73 हजार 913 वोट पाकर जीत गए.
भवानीपुर सीट पर वोटों की गिनती के दौरान हाईवोल्टेज ड्रामा भी देखने को मिला. यहां 12 राउंड की गिनती होने के बाद 3 घंटे के लिए काउंटिंग रोक दी गई. बीजेपी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी फोन लेकर काउंटिंग सेंटर के अंदर घुस गई थीं. वहीं ममता ने आरोप लगाया कि उनके काउंटिंग एजेंट्स को बाहर निकाल दिया गया था. काउंटिंग सेंटर से बाहर आने के बाद ममता ने उनके साथ मारपीट के आरोप लगाए और कहा कि उन्हें ‘लात मारी गई और धक्का दिया गया’.
ममता ने कहा कि बीजेपी की यह जीत अनैतिक है. उन्होंने बंगाल चुनाव आयुक्त को कई बार शिकायत की लेकिन कोई ऐक्शन नहीं लिया गया. ममता का दावा है कि वो चुनाव जीत रही थीं लेकिन 4 राउंड की गिनती में धांधली की गई.
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