उत्तर प्रदेश में चुनाव की घोषणा के साथ ही ओपिनियन पोल्स का दौर शुरू हो गया है. इंडिया टुडे और एक्सिस द्वारा किया गया अब तक का सबसे बड़ा चुनावी सर्वे बता रहा है कि मुख्यमंत्री के तौर पर वोटर्स की पहली पसंद भले अखिलेश यादव हों, लेकिन पार्टी के तौर पर उनकी पहली पसंद बीजेपी है. सर्वे में एक और रोचक बात है कि कई पैमानों पर बीएसपी, एसपी को पछाड़ते हुए दूसरे नंबर पर आती दिख रही है. वहीं कांग्रेस पूरी तरह फाइट से बाहर है. ये सर्वे 12 से 24 दिसंबर के बीच किया गया, जिसका सैंपल साइज 8480 था.
सर्वे: यूपी में अबकी बार स्पष्ट बहुमत से भाजपा सरकार
एसपी और बीएसपी, दोनों 100 के नीचे. दूसरे नंबर के लिए कांटे की लड़ाई.

बेहद बारीकी से किए गए इस सर्वे के नतीजे जानने से पहले आइए जानते हैं कि उत्तर प्रदेश क्यों सबसे महत्वपूर्ण है:
- भारत का सबसे बड़ा राज्य, जहां से 80 सांसद आते हैं.
- अगर बीजेपी यूपी जीतती है, तो 2014 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद ये उसकी सबसे बड़ी जीत होगी.
- मोदी-मैजिक का सबसे बड़ा एग्जाम यूपी में ही होना है. सर्जिकल स्ट्राइक और नोटबंदी जैसे फैसलों की वजह से रिजल्ट जानना रोचक है.
- ये चुनाव मायावती और उनकी पार्टी बीएसपी के लिए 'करो या मरो' वाला साबित होने वाला है.
- समाजवादी पार्टी की आंतरिक कलह का उसके भविष्य पर क्या असर पड़ेगा, ये भी इस चुनाव में साफ हो जाएगा.
- इस चुनाव अगर अखिलेश जीतते हैं, तो वो एक सशक्त राष्ट्रीय नेता के तौर पर स्थापित हो जाएंगे.
- पार्टी में नई जान फूंकने और राहुल गांधी की छवि मजबूत करने के लिए कांग्रेस के लिए ये चुनाव बहुत अहम है.
https://www.youtube.com/watch?v=lt4SVl4_MR0कौन सी पार्टी जीतेगी कितनी सीटें:
यूपी में 75 जिलों की 403 सीटों पर चुनाव होना है, जिनमें बीजेपी को सबसे ज्यादा, 200 से ऊपर सीटें मिलती दिख रही हैं. अगर चुनाव तक यही लहर बनी रहती है और बीजेपी इतनी सीटें हासिल कर लेती है, तो गठबंधन को लेकर शुबहा ही नहीं रहेगा. वैसे भी एक्सपर्ट्स अब तक यही कहते आए हैं कि अगर बीजेपी सबसे आगे रहती है, तो सरकार बनाने के लिए उसे गठबंधन की जरूरत नहीं होगी. ये परेशानी एसपी और बीएसपी के सिर पर है.
बीजेपी: 206-216 बीएसपी: 79-85 एसपी: 92-97 कांग्रेस: 5-9 अन्य: 7-11
https://www.youtube.com/watch?v=A3xQdZ2jQ6Mकितने पार्टी के हाथ आएंगे कितने वोट:
वोट प्रतिशत की बात करें, तो यहां भी बीजेपी सबसे आगे दिख रही है. सर्वे के मुताबिक वो एक तिहाई वोट हासिल करेगी, जबकि बीएसपी और एसपी, दोनों को 26-26% वोट मिलेंगे और ये दोनों पार्टियां दूसरे नंबर पर दिख रही हैं. कांग्रेस को तो निर्दलीय उम्मीदवारों से भी कम वोट मिलते दिख रहे हैं.
बीजेपी: 33% बीएसपी: 26% एसपी: 26% कांग्रेस: 6% अन्य: 9%
प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर लोगों की पहली पसंद:
यूपी में बीजेपी का चाहे जितना हल्ला हो, लेकिन बतौर मुख्यमंत्री लोगों की पहली पसंद अखिलेश यादव ही हैं. पहलवान पिता को राजनीति में चित करने वाले अखिलेश के लिए ये बड़ा चुनाव है. बीजेपी ने कोई सीएम कैंडिडेट घोषित नहीं किया है और अखिलेश के पास इसका फायदा उठाने का मौका है. रोचक ये है कि दूसरे नंबर पर मायावती हैं.
बीजेपी को देखें, तो योगी आदित्यनाथ यहां सम्मानजनक स्थिति में हैं, लेकिन उन्हीं की पार्टी के वरुण गांधी इस पूरी रेस में कहीं नहीं ठहरते. वैसे भी, हथियारों के दलाल अभिषेक वर्मा से जुड़े एक मामले में ये माना जा चुका है कि वरुण हनीट्रैप के शिकार हुए थे और इसी के साथ उनकी सीएम पद की दावेदारी खत्म मान ली गई. राजनाथ रेस में हैं, लेकिन वो पहले ही खुद को इस लड़ाई से बाहर बता चुके हैं.
अखिलेश यादव: 33% मायावती: 25% राजनाथ सिंह: 20% योगी आदित्यनाथ: 18% प्रियंका गांधी: 1% मुलायम सिंह यादव: 1% वरुण गांधी: 1%
https://www.youtube.com/watch?v=cAKAceI6R5cकौन सा नेता प्रदेश में लॉ ऐंड ऑर्डर सबसे अच्छी तरह संभालता है:
बीजेपी और एसपी के आगे लोग बीएसपी को वोट भले न देना चाहते हों, लेकिन लॉ ऐंड ऑर्डर के मामले में उनकी पहली पसंद 'बहनजी' हैं. वोटर्स ये बाद खुले दिल से कहते हैं कि सूबे में कानून व्यवस्था संभालने के मामले में मायावती का कोई सानी नहीं है. उनके बनवाए पार्कों की चाहे जितनी बुराई कर ली जाए, लेकिन लोगों को कम से कम गुंडई से तो निजात मिली रहती थी.
मायावती: 48% अखिलेश यादव: 28% राजनाथ सिंह: 23% मुलायम सिंह यादव: 1%
इलाकों के आधार पर वोट प्रतिशत:
विधानसभा चुनाव के परिणाम सबसे ज्यादा स्थानीय मुद्दों और समीकरणों पर आधारित होते हैं. जब इंडिया टुडे और एक्सिस ने इलाकों के आधार पर लोगों का रुझान जानने की कोशिश की, तो वहां भी बीजेपी ही सबसे आगे नजर आई. बुंदेलखंड जैसे गरीब इलाके से लेकर सेंट्रल यूपी तक, वोटर्स की पहली पसंद बीजेपी ही है. यहां रोचक ये है कि एसपी हर जगह तीसरे नंबर पर नजर आ रही है. दूसरे पर बीएसपी काबिज है, जबकि अभी तक उसे रेस से बाहर माना जा रहा है.
https://www.youtube.com/watch?v=B6CJkUn4nrQअखिलेश की 'विकास पुरुष' की छवि, समाजवादी पार्टी के दंगल और नरेंद्र मोदी की विकास लहर के बावजूद बीएसपी का परंपरागत वोट उसके पास है. 2014 लोकसभा चुनाव में उसे भले एक भी सीट न मिली हो, लेकिन उसका वोट प्रतिशतत 20% था. हो सकता है विधानसभा चुनाव में वो आखिरी वक्त में कड़ी टक्कर दे सके.
वेस्टर्न यूपी (136 सीटें):
बीजेपी: 34% बीएसपी: 27% एसपी: 25% कांग्रेस: 5% अन्य: 9%
सेंट्रल यूपी (81 सीटें):
बीजेपी: 36% बीएसपी: 23% एसपी: 24% कांग्रेस: 8% अन्य: 9%
ईस्टर्न यूपी (167 सीटें):
बीजेपी: 32% बीएसपी: 28% एसपी: 27% कांग्रेस: 5% अन्य: 9%
बुंदेलखंड (19 सीटें):
बीजेपी: 38% बीएसपी: 28% एसपी: 19% कांग्रेस: 5% अन्य: 10%
https://www.youtube.com/watch?v=AJCmImuMRM8धर्म-जाति के आधार पर कितना वोट किसके पास जाएगा:
ये असल मुद्दा है. उत्तर प्रदेश के चुनाव में इस फैक्टर को अलग नहीं रखा जा सकता. हालांकि, धर्म-जाति के आधार पर वोटर्स का रुझान बड़ा प्रि़डिक्टिबल है. सवर्णों की पहली पसंद बीजेपी, जबकि मुस्लिमों को सपा के अलावा कोई पार्टी नहीं दिख रही है. ओबीसी बीजेपी की ओर झुकते दिख रहे हैं, जबकि यादव वोट पर भी एसपी का एकतरफा कब्जा है. बीएसपी अब भी एससी/एसटी वोटर्स की रहनुमा बनी हुई है.
सवर्ण:
बीजेपी: 61% बीएसपी: 10% एसपी: 9% कांग्रेस: 8% अन्य: 12%
मुस्लिम:
एसपी: 71% बीएसपी: 14% कांग्रेस: 6% बीजेपी: 3% अन्य: 6%
ओबीसी:
बीजेपी: 53% बीएसपी: 15% एसपी: 13% कांग्रेस: 7% अन्य: 12%
https://www.youtube.com/watch?v=lS7TtlBBXZUयादव:
एसपी: 72% बीजेपी: 14% बीएसपी: 4% कांग्रेस: 3% अन्य: 7%
एससी/एसटी:
बीएसपी: 68% बीजेपी: 15% एसपी: 7% कांग्रेस: 3% अन्य: 7%
कितनी आय वाला वोटर किसके पास जाएगा:
किसी भी जगह स्थानीय समीकरण जैसे भी हों, लेकिन लोगों की आय के मसले को नजरअंदाज नहीं कर सकते. लोगों की मानसिकता काफी हद तक उनकी आर्थिक स्थिति पर निर्भर करती है. हालांकि, सर्वे के परिणामों में कोई खास फर्क नहीं है.
कम आय वाले (10 हजार रुपए तक)
बीजेपी: 33% बीएसपी: 27% एसपी: 22% कांग्रेस: 6% अन्य: 9%
कम और मध्यम आय वाले (10 से 20 हजार रुपए तक)
बीजेपी: 33% बीएसपी: 27% एसपी: 25% कांग्रेस: 6% अन्य: 9%
अधिक आय वाले (20 हजार से ऊपर)
बीजेपी: 41% बीएसपी: 18% एसपी: 26% कांग्रेस: 5% अन्य: 10%
https://www.youtube.com/watch?v=byNdhmK_t4Eपेशे के आधार पर किस पार्टी को कितने वोट मिलेंगे:
पेशे के आधार पर वोटरों के रुझान में कुछ फर्क जरूर है. जहां मजदूर वर्ग बीएसपी के साथ जाता दिख रहा है, वहीं किसानों की पहली पसंद बीजेपी है. नौकरी-पेशे वाले लोगों और छोटे दुकानदारों ने भी बीजेपी के हक में ही राय दी है.
मजदूर:
बीएसपी: 37% बीजेपी: 26% एसपी: 24% कांग्रेस: 5% अन्य: 8%
किसान:
बीजेपी: 41% एसपी: 25% बीएसपी: 18% कांग्रेस: 7% अन्य: 9%
पेशेवर (डॉक्टर, वकील वगैरह):
बीजेपी: 39% एसपी: 28% बीएसपी: 17% कांग्रेस: 7% अन्य: 9%
छोटे दुकानदार
बीजेपी: 40% एसपी: 27% बीएसपी: 18% कांग्रेस: 6% अन्य: 9%
https://www.youtube.com/watch?v=_QWsRpYUu_Mगांव और शहरों के अंतर का किसे मिलेगा फायदा:
ग्रामीण और शहरी इलाकों के वोटर्स के रुझान में एक ही फर्क है. बीजेपी दोनों जगह लोगों की पहली पसंद है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में बीएसपी दूसरे नंबर पर दिख रही है. शहरी इलाकों में दूसरे नंबर पर एसपी है. दोनों एक जगह एक और खास बात ये कि निर्दलीय उम्मीदवारों को कांग्रेस से ज्यादा वोट मिलते दिख रहे हैं. कांग्रेस आखिरी नंबर पर है.
ग्रामीण इलाके:
बीजेपी: 33% बीएसपी: 27% एसपी: 25% कांग्रेस: 6% अन्य: 9%
शहरी इलाके:
बीजेपी: 35% एसपी: 27% बीएसपी: 24% कांग्रेस: 5% अन्य: 9%
उत्तर प्रदेश में लोगों की सबसे बड़ी तकलीफ क्या है:
ये सवाल जितना महत्वपूर्ण है, सर्वे में मिला इसका जवाब उतना ही रोचक है. यूपी की जनता ने माना कि उनके लिए विकास सबसे बड़ा मुद्दा है. अच्छी बात है. लेकिन रोजगार उनके लिए सबसे कम महत्वपूर्ण मसला है. ये इंट्रेस्टिंग है कि देश के सबसे बड़े राज्य की इतनी जनसंख्या रोजगार के लिए उत्साहित नहीं है. उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी के हालात किसी से छिपे नहीं हैं. ऐसे में वहां के लोगों की प्राथमिकताएं चिंताजनक हैं, क्योंकि विकास लोगों के मत्थे जड़ा जाने वाला मसला नहीं है. विकास की बात होते ही वोटर्स सरकार की ओर देखने लगते हैं.
विकास: 45% सड़क, बिजली, पानी: 18% रोजगार: 15%
https://www.youtube.com/watch?v=pmkfZaOFtaUक्या बीजेपी को अपना सीएम कैंडिडेट घोषित करना चाहिए? 2014 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद बीजेपी जितने राज्यों में चुनाव लड़ी है, दिल्ली छोड़कर उसने किसी राज्य में अपना सीएम कैंडिडेट घोषित नहीं किया है. इस साल भी पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, लेकिन इस बार भी बीजेपी उसी पुरानी रणनीति पर चुनाव लड़ने जा रही है. नरेंद्र मोदी का नाम और बीजेपी का विकास का मुद्दा. हालांकि, यूपी की जनता उसकी इसकी राजनीति से इत्तेफाक नहीं रखती.
हां: 69% नहीं: 24% कह नहीं सकते: 7%
नोटबंदी पर क्या राय है? अब आते हैं नोटबंदी के मसले पर, जो 8 नवंबर से सबसे बड़ा मुद्दा रहा है. देखिए इस पर क्या है जनता की राय...
अच्छा फैसला: 76% बुरा फैसला: 23% कह नहीं सकते: 1%
नोटबंदी की वजह से तकलीफ हुई?
हां: 58% नहीं: 42%
नोटबंदी की वजह से क्या असर पड़ा?
काला धन और जाली नोट बाहर हुए: 51% आम आदमी को परेशानी हुई: 27% गरीबों को फायदा हुआ: 18% कोई फर्क नहीं पड़ेगा: 3% दिखावे के लिए उठाया गया कदम: 1%
https://www.youtube.com/watch?v=C_psvObPBMUइससे पहले एबीपी न्यूज, लोकनीति और CSDS ने भी यूपी में एक चुनावी सर्वे कराया था. पढ़िए क्या कहता है ये सर्वे:
यूपी का चुनावी सर्वे, जिसे पढ़कर सबके तोते उड़ जाएंगे
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