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ज़हरीले भाषण देने वाले कौन से नेता अब लोगों को नहीं बांट पाएंगेः रोक लगी!

मायावती ने चुनाव आयोग के बैन के बाद अपने और योगी आदित्यनाथ के बारे में ये बोला है.

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शुक्रिया इलेक्शन कमीशन! एक्शन लेने के लिए. योगी आदित्यनाथ, मेनका गांधी, मायावती, आज़म ख़ान जिन पर बैन लगा.
भारतीय निर्वाचन आयोग ने हेट स्पीच यानी नफरत फैलाने वाले भाषणों पर सख़्ती दिखाते हुए चार नेताओं के चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी है. 15 अप्रैल को निर्वाचन आयोग के रडार पर आने वाले इन नेताओं में सब बड़े नाम हैं. कोई पार्टी अध्यक्ष, तो कोई सूबे का मुख्यमंत्री, तो कोई पार्टी का कद्दावर नेता. ये हैंः
योगी आदित्यनाथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मेरठ की रैली में दिए गए भाषण की वजह से कार्रवाई का सामना करना पड़ा है. योगी पर 16 अप्रैल की सुबह 6 बजे से अगले 72 घंटों के लिए प्रचार करने से रोक लगाई गई है. योगी ने कहा था कि 'मायावती गठबंधन के लिए सिर्फ मुस्लिम वोट चाहती हैं. कांग्रेस, सपा, बसपा, लोकदल को अली पर विश्वास है तो हमें बजरंग बली पर विश्वास है.'
मायावती निर्वाचन आयोग ने बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती पर 16 अप्रैल सुबह 6 बजे से अगले 48 घंटों तक प्रचार करने से रोक लगा दी है. मायावती पर ये बैन 7 अप्रैल को देवबंद और सहारनपुर की रैलियों में दिए गए भाषण के कारण लगाया गया है. इस बैन के बाद मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और निर्वाचन आयोग के इस कदम को असंवैधानिक बताया. बोलीं -
"ये निर्वाचन आयोग का एकतरफा फैसला है. हमारा पक्ष नहीं सुना गया. निर्वाचन आयोग की मंशा सही होती तो ये बैन कल के बाद भी लगाया जा सकता था. कल दूसरे चरण के लिए प्रचार का आखिरी दिन है. हमारी आगरा में होने वाली रैली में, मैं नहीं बोल पाऊंगी."
मायावती ने योगी पर लगाए बैन के बारे में कहा -
"भाजपा को इस बैन से कोई खास फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि मेरी तरह योगी पार्टी के अध्यक्ष नहीं है. उनके पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और नरेंद्र मोदी हैं, जिन्हें निर्वाचन आयोग ने खुली छूट दे रखी है."
मायवती और योगी आदित्यनाथ पर आया निर्वाचन आयोग का फैसला 16 अप्रैल से लागू होगा.
मायावती और योगी आदित्यनाथ पर आया निर्वाचन आयोग का फैसला 16 अप्रैल से लागू होगा.

आज़म खान सपा के कद्दावर नेता आज़म खान भी निर्वाचन आयोग के लपेटे में लिए गए. उन्होंने रामपुर से भाजपा प्रत्याशी और एक समय सपा नेता रहीं जयाप्रदा पर बेहूदा टिप्पणी की थी. आज़म खान पर एक्शन लेते हुए चुनाव आयोग ने 72 घंटों के लिए प्रचार पर रोक लगा दी है. ये रोक 16 अप्रैल की सुबह 10 बजे से लागू होगी. रामपुर लोकसभा सीट पर तीसरे चरण में 23 अप्रैल को मतदान होना है.
मेनका गांधी केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी पर भी चुनाव आयोग ने कार्रवाई की है. मेनका पर 16 अप्रैल की सुबह 10 बजे से अगले 48 घंटों तक प्रचार करने से रोक लगाई गई है. मेनका इस बार सुल्तानपुर से चुनाव लड़ रही हैं. एक रैली के दौरान उन्होंने एक धर्म विशेष के लोगों को धमकी दी थी. कहा था कि उन्हें वोट नहीं देंगे तो उनका काम भी नहीं करवाया जाएगा. मेनका की इसे लेकर काफी निंदा हुई थी. सुल्तानपुर सीट पर छठे चरण में 12 मई को मतदान होना है.
कुछ दिनों से लोग निर्वाचन आयोग पर बड़े सवाल उठा रहे थे. इन फैसलों के बाद उम्मीद की जा रही है कि नेता बोलते वक्त थोड़ा एहतियात बरतेंगे.


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