केरलम में जीत के बाद कांग्रेस की नजर एक और राज्य में सरकार बनाने पर है. तमिलनाडु में उसे ये मौका दिख रहा है. यही वजह है कि उसने अपनी ओर से ही टीवीके को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है. कांग्रेस के सूत्रों का दावा है कि पार्टी की प्रदेश इकाई एक्टर से नेता बने विजय की पार्टी को समर्थन देने के पक्ष में है. इसके पीछे तर्क दिया कि अगर कांग्रेस टीवीके को समर्थन नहीं देती तो विजय के पास सरकार बनाने के लिए सिर्फ एक विकल्प बचेगा. वह AIADMK के पास जा सकते हैं. ऐसे में उसके जरिए बीजेपी प्रदेश में अपनी मनमानी चला सकती है.
थलापति विजय की राहुल गांधी से 'दोस्ती' हो गई? तमिलनाडु में कुछ बड़ा होने वाला है?
तमिलनाडु चुनाव के 4 मई को घोषित नतीजों में टीवीके को सबसे ज्यादा 108 सीटों पर जीत मिली हैं. सत्ताधारी डीएमके सिर्फ 59 सीटें पा सकी. AIADMK के पास 47 सीटें आईं जबकि कांग्रेस को 5 और बीजेपी को सिर्फ एक सीट पर जीत मिली.


इंडिया टुडे की पॉलिटिकल रिपोर्टर मौसमी सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि TVK की सेक्युलर इमेज को देखते हुए विजय को समर्थन दिया जाना चाहिए. विजय की लोकप्रियता के चलते उन्हें महिलाओं और युवाओं का भी व्यापक समर्थन मिला है. हालांकि, इस प्रस्ताव पर आखिरी मुहर दिल्ली से ही लगेगी कि कांग्रेस टीवीके को सपोर्ट करेगी या नहीं. तमिलनाडु में कांग्रेस के प्रभारी और कई नेता पार्टी के बड़े नेताओं से मिलने के लिए दिल्ली जाने वाले हैं. वो राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सामने अपनी बात रखेंगे.
इस मुद्दे पर भी बातचीत होगी कि DMK के साथ 22 साल से चल रहे गठबंधन को तोड़ना चाहिए या नहीं? इसके अलावा, कांग्रेस बाहर से समर्थन देगी या सरकार का हिस्सा बनेगी, इस पर भी चर्चा की जाएगी. बताया जा रहा है कि मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर इसे लेकर मीटिंग भी चल रही है, जिसमें राहुल गांधी के अलावा केसी वेणुगोपाल भी मौजूद हैं.
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राहुल-विजय ने भी दिए संकेतइधर राहुल गांधी और विजय की बातचीत से भी इशारा मिल रहा है कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व भी तमिलनाडु की नई सरकार में शामिल होने की इच्छुक है. 5 मई को राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने विजय से फोन पर बात करके उन्हें बधाई दी. लेकिन ये सिर्फ बधाई वाला फोन कॉल नहीं था. राहुल गांधी ने बातचीत का जो ब्योरा दिया है, वो इशारा करता है कि तमिलनाडु में टीवीके और कांग्रेस के गठबंधन की सरकार देखने को मिल सकती है. विजय के जवाब में भी ऐसी ही संभावना की गूंज है.
राहुल गांधी ने एक्स पर किए अपने पोस्ट में लिखा,
मैंने थिरु विजय से बात की और TVK के शानदार नतीजों के लिए उन्हें बधाई दी. यह जनादेश युवाओं की बुलंद होती आवाज को दिखाता है. इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. न ही किया जाएगा. तमिलनाडु और पुडुचेरी के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उनकी कड़ी मेहनत और समर्थन के लिए मेरा तहे दिल से धन्यवाद. मैं फिर दोहराता हूं कि कांग्रेस पार्टी तमिलनाडु और पुडुचेरी के लोगों की रक्षा और सेवा करना जारी रखेगी.

राहुल के मेसेज के जवाब में विजय ने भी एक्स पर लिखा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता (राहुल गांधी) का फोन और शुभकामनाओं के लिए दिल से धन्यवाद. उन्होंने आगे कहा,
हम लोगों की सेवा में बेहतरीन काम करने और तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने के लिए समर्पित रहेंगे. इसके लिए सभी का सहयोग जरूरी है. राजनीति से ऊपर उठकर हम तमिलनाडु के लोगों के कल्याण को प्राथमिकता देंगे.

राहुल गांधी के ‘तमिलनाडु के जनादेश को नजरअंदाज न करने’ के संदेश और विजय के ‘सभी का सहयोग जरूरी’ वाले जवाब में ही लोग दोनों पार्टियों की दोस्ती के बीज देख रहे हैं. इससे पहले विजय के पिता एसए चंद्रशेखर ने भी कांग्रेस को विजय की संभावित सरकार में शामिल होने का ऑफर दिया था.
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तमिलनाडु चुनाव के नतीजे क्या रहे?बता दें कि तमिलनाडु चुनाव के 4 मई को घोषित नतीजों में टीवीके को सबसे ज्यादा 108 सीटों पर जीत मिली है. सत्ताधारी डीएमके सिर्फ 59 सीटें पा सकी. AIADMK के पास 47 सीटें आईं जबकि कांग्रेस को 5 और बीजेपी को सिर्फ एक सीट पर जीत मिली. बहुमत का आंकड़ा 118 का है, विजय की पार्टी जिससे 10 सीटें पीछे है. यानी सिर्फ कांग्रेस से गठबंधन करके बात नहीं बनेगी. अन्य का भी साथ चाहिए.
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