The Lallantop

छत्तीसगढ़ में करारी हार के बाद अब ये 3 काम कर सकती है बीजेपी

रमन सिंह को झटका लग सकता है.

Advertisement
post-main-image
रमन सिंह के साथ क्या होगा, ये देखने वाला होगा.
छत्तीसगढ़ में 15 साल से टिकी रमन सिंह की सरकार जा चुकी है. वो भी हल्के-फुल्के नहीं, भारी अंतर से. नारा 65 प्लस का बीजेपी ने दिया था, पूरा किया है कांग्रेस ने. अब सवाल उठता है कि दोनों पार्टियां आगे क्या करने वाली हैं. कांग्रेस का तो मामला साफ है. वो सरकार बनाएगी. मुख्यमंत्री कौन, उस पर माथा खपाएगी. साथ ही साथ 2019 की तैयारी में जुट जाएगी. रही बात बीजेपी की तो असली चुनौती उसी के सामने है. उसने अपना सबसे सुरक्षित माना जा रहा दुर्ग गंवाया है. फिर सिर पर 2019 है. तो ये 3 संभावनाएं हैं, जिन पर बीजेपी काम कर सकती है -
1. रमन सिंह जाएंगे केंद्र
रमन सिंह. बीजेपी के लॉन्गेस्ट सर्विंग सीएम. पर अब वो रह गए हैं एक विधायक. सो बीजेपी के सामने सबसे बड़ा सवाल होगा कि वो अपने इस बड़े चेहरे का कैसे इस्तेमाल करे. पहला ऑप्शन तो यही है कि उन्हें केंद्र में लिया जाए. कुछ मंत्री वगैरह बनाया जाए. और 2019 के लिए उनको स्टार प्रचारक के तौर पर इस्तेमाल किया जाए. लोकसभा चुनाव भी लड़वाया जा सकता है.
रमन सिंह हार के बाद क्या जिम्मेदारी पाएंगे, ये देखने वाला होगा.
रमन सिंह हार के बाद क्या जिम्मेदारी पाएंगे, ये देखने वाला होगा.

2. प्रदेश में नया नेतृत्व
बीजेपी के लिए दूसरी बड़ी चुनौती होगी संगठन को एक बार फिर दुरुस्त करना. इतनी बड़ी हार से जाहिर सी बात है बीजेपी के रणबांकुरे ठंडे पड़ गए होंगे. सो उनमें जान फूंकने के लिए छत्तीसगढ़ बीजेपी को नया नेतृत्व भी मिल सकता है. फिलहाल यहां अध्यक्ष हैं बिलहा सीट से विधायक धरमलाल कौशिक. इस प्रदर्शन के बाद उनकी गद्दी भी जा सकती है. नए नेतृत्व के जरिए बीजेपी 2019 के लिए नई शुरुआत कर सकती है. ये नया नेतृत्व रमन सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बना के भी दिया जा सकता है. ठीक वैसे ही जैसे उन्हें 2003 में केंद्र से प्रदेश में अध्यक्ष बना के भेजा गया था.
मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ धर्मलाल कौशिक
मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ धर्मलाल कौशिक

3. 2019 तक इंतजार
तीसरा ऑप्शन है 2019 तक मौजूद स्थिति के साथ चलना. प्रदेश नेतृत्व में कोई बदलाव न करना. रमन सिंह को प्रदेश में ही रहके 2019 के लिए माहौल बनाने में झोंका जाना. क्योंकि पिछली बार 2014 में बीजेपी के हाथ छत्तीसगढ़ की 11 में 10 सीटें आईं थीं. सो अब वो इन्हें तो गंवाना नहीं चाहेंगी. सो हो सकता है बीजेपी इसी संगठन पर भरोसा जताते हुए उन्हें नया टार्गेट 2019 का दे दे.


 
ये भी पढ़ें -
कथित सेक्स सीडी कांड में फंसे छत्तीसगढ़ के नंबर 2 मंत्री का क्या हुआ?

पहली बार चुनाव लड़ रहा ये नेता बन सकता है छत्तीसगढ़ का सीएम

रमन सिंह के खास आईएएस से नेता बने ओपी चौधरी हारे या जीते?

छत्तीसगढ़ के सबसे अमीर विधायक और संभावित सीएम की सीट पर क्या हुआ?

छत्तीसगढ़ में अब ये चार लोग हैं राहुल गांधी की सबसे बड़ी मुश्किल

 

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement