अब पूरा मामला जानिये. जिस दारोगा की पिटाई हुई है उनका नाम है गीतम पाल. गीतम पाल के मुताबिक, बीजेपी के इटावा से प्रत्याशी 10 अप्रैल को चुनावी सभा कर रहे थे. 50 गाड़ियों की काफिले के साथ चल रहे थे. अब 11 अप्रैल को चुनाव है तो कायदे से 48 घंटे पहले चुनावी सभा बंद हो जानी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ था. दारोगा के मुताबिक जब वो चुनावी सभा को रोकने गए. तो रामशंकर कठेरिया उनके साथ बदसलूकी करने लग गए. दरोगा के मुताबिक वो इसे अपने फोन से रिकॉर्ड करने लगे, प्रूफ के नाम पर. लेकिन कठेरिया के समर्थकों ने उनका फोन छीन लिया और पिटाई कर दी.

मीडिया कर्मियों को अपने शरीर की चोट दिखाते दारोगा गीतम पाल
दारोगा के मुताबिक वो बस चुनावी सभा रोकने की कोशिश कर रहे थे लेकिन कठेरिया कुछ सुनने को तैयार ही नहीं थे. दारोगा ने जब बदसलूकी को लेकर आपत्ति जताई तब वो और भड़क गए और समर्थकों के साथ उन्हें कूट दिया. दारोगा ने कहा- जो मिला, लाठी- डंडा सब से कूटा. दारोगा ने ये भी बताया कि मौके पर स्थानीय विधायक भी थीं लेकिन उन्होंने कुछ भी नहीं किया. बस चुप-चाप देखती रहीं. अब उनकी सुन ली जाए.
बीजेपी प्रत्याशी रामशंकर कठेरिया की भी बात सुन लेते हैं. जब उनसे इस मामले में बात की गई तो उन्होंने दारोगा के साथ किसी भी तरह की मारपीट से साफ इनकार कर दिया. उनकी माने तो दारोगा गलत आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने ऐसा कुछ किया ही नहीं.
अब कौन सच बोल रहा है कौन झूठ. मामले में अपडेट ये है कि दारोगा ने एफआईआर दर्ज करा दी है. साथ ही इस मामले में जल्द कार्रवाई की भी बात हो रही है. वैसे मामले में रामशंकर कठेरिया के अलावे 40 और लोग लपेटे में आए हैं. जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है.
अब रामशंकर कठेरिया की एक और खबर की बात करते हैं. उनके खिलाफ मंगलवार यानी 9 अप्रैल को गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है. ये वारंट एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट की तरफ से जारी किया गया है. क्योंकि वो 2012 के एक मामले में कोर्ट में हाज़िर नहीं हुए थे. कोर्ट ने कहा है कि अगर 30 मई तक वो कोर्ट में हाज़िर नहीं हुए तो उनके खिलाफ कुर्की का नोटिस जारी कर दिया जाएगा. रामशंकर कठेरिया का ये मामला भी आचार संहिता तोड़ने को लेकर ही था.
अब एक और मामले की बात कर लेते हैं.पिछले साल भी जनवरी के वक्त इन्होंने आगरा के एक दारोगा को हड़काया था. धमकी दी थी कि नौकरी खा जाऊंगा. खूब वायरल हुआ था कठेरिया का ऑडियो.
खैर, वो बात अब खत्म हो गई. लेकिन लेटेस्ट विवाद में जो अपडेट होगा वो हम आप तक ज़रूर पहुंचाएंगे. अब आखिर में एक चौंकाने वाली बात भी बता देते हैं. ये बात तो आप जानते ही हैं कि इटावा से रामशंकर कठेरिया चुनाव लड़ रहे हैं. बीजेपी के प्रत्याशी हैं. लेकिन एक ट्रिविया जान लीजिए कि उनके खिलाफ उनकी पत्नी निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं.











