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Badruddin Ajmal Election Result: असम की बिन्नाकंडी सीट से इत्र किंग बदरुद्दीन अजमल ने बनाई बढ़त

Badruddin Ajmal Vidhan Sabha Chunav Result: असम की बिन्नाकंडी विधानसभा सीट पर मुकाबला रोचक है. AIUDF के बदरुद्दीन अजमल, AGP के शहाबुद्दीन मजूमदार और कांग्रेस समर्थित रेजाउल करीम चौधरी के बीच चुनावी मुकाबला है.

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बदरूद्दीन अजमल

असम की बिन्नाकंडी एक नई बनी विधानसभी सीट है जिसपर पहली बार चुनाव हुए हैं. इस सीट पर ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के मुखिया बदरुद्दीन अजमल चुनाव लड़ रहे हैं. बदरुद्दीन अजमल को 'इत्र का बादशाह' कहा जाता है. उनकी कंपनी 'अजमल परफ्यूमस' न सिर्फ भारत, बल्कि गल्फ और यूरोप तक मशहूर है.

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2026 के विधानसभा चुनावों में बदरुद्दीन अजमल के सामने कांग्रेस और भाजपा ने अपने कैंडिडेट नहीं उतारे हैं. इस सीट पर भाजपा ने अपनी सहयोगी पार्टी असोम गण परिषद को उतारा है. असोम गण परिषद ने शहाबउद्दीन कुमार को उतारा है. वहीं कांग्रेस ने भी इस सीट पर असम जातीय परिषद के साथ मिलकर चुनाव लड़ा है. असम जातीय परिषद ने इस सीट से रेजौल करीम चौधरी को टिकट दिया है. इस सीट पर फिलहाल 12 राउंड की गिनती के बाद बदरुद्दीन अजमल 20,993 वोटों से आगे चल रहे हैं. दूसरे नंबर पर रेजौल करीम चौधरी हैं.

बदरुद्दीन अजमल की पार्टी का पिछला प्रदर्शन

बदरुद्दीन अजमल ने साल 2005 में AIUDF पार्टी बनाई थी. उन्होंने अपनी राजनीतिक पहचान मुस्लिम अल्पसंख्यकों, खासकर असमिया और बंगाली मूल के मुसलमानों के अधिकारों की आवाज के रूप में बनाई है. यही वजह है कि उन्हें असम के सबसे बड़े नेताओं में गिना जाता है. 2009 से 2024 तक वो धुबरी से सांसद रहे. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में बदरुद्दीन अजमल हार गए. पार्टी की स्थापना के बाद से AIUDF ने 2006 के असम विधानसभा चुनाव में 10 सीटें जीती थीं. इसके बाद 2011 में 18, 2016 में 13 और 2021 में 16 सीटों पर AIUDF ने अपना परचम लहराया था. इस समय बदरुद्दीन खुद सांसद नहीं हैं और उनकी पार्टी भी सत्ता में नहीं है, ऐसे में 2026 का ये चुनाव उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 

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AIUDF का गढ़

AIUDF का मुख्य आधार निचले असम के वे इलाके हैं, जो बांग्लादेश सीमा से सटे हैं और जहां मुस्लिम मतदाता चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाते हैं. इस क्षेत्र की लगभग 50 सीटों पर हमेशा से कड़ा मुकाबला देखने को मिलता रहा है. 2021 में एनडीए ने 23 और कांग्रेस-AIUDF के गठबंधन ने 27 सीटें जीती थीं. लेकिन इस बार हालात पूरी तरह बदल चुके हैं, क्योंकि कांग्रेस और AIUDF अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं. ऐसे में बदरुद्दीन अजमल की बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस से भी सीधी टक्कर है. ऐसे में ये चुनाव उनकी राजनीतिक ताकत और पार्टी की रिलेवेंसी, दोनों के लिए ही परीक्षा माना जा रहा है.

वीडियो: असम विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल में NDA, BJP, कांग्रेस को कितनी सीटें मिल रहीं?

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